{"_id":"5952b75d4f1c1bd2238b46eb","slug":"149859316015-pkl-office-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाट्य लेखन एंव प्रस्तुति कार्यशाला का आयोजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाट्य लेखन एंव प्रस्तुति कार्यशाला का आयोजन
Updated Wed, 28 Jun 2017 01:21 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नाटक सत्य कहने और सुनने की आदत डालता है
नाट्य लेखन एवं प्रस्तुति कार्यशाला का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
धरती एक रंगमंच है जहां सभी नागरिक अपनी भूमिकाओं को जीने आए हैं। नाटक सत्य कहने और सुनने की आदत डालता है। स्कूल शिक्षा विभाग की पहल पर उत्कर्ष सोसाइटी की ओर से आयोजित नाट्य लेखन शिविर में सात नाटक लिखे जा रहे हैं। कार्यशाला के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए उत्कर्ष सोसाइटी के निदेशक वीरेंद्र सहरावत ने कहा कि नाटक गंभीर विषय को भी रोचक बनाकर विद्यार्थियों के मन मस्तिष्क में ज्ञान प्रवाह का जीवंत माध्यम है। सेक्टर-2 स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में नाट्य लेखन एवं प्रस्तुति कार्यशाला का मंगलवार से आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लिखे गए नाटकों को ऐजुसैट द्वारा प्रदर्शित किया जाएगा। ताकि हरियाणा के सभी स्कूलों में विद्यार्थी समाज की गहरी सच्चाइयों से रूबरू हो सकें। कार्यशाला की प्रासंगिकता पर उप निदेशक जोगिंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कार्यशाला में हरियाणा के सभी जिलों की हिस्सेदारी इस बात का प्रमाण है कि हमारे शिक्षक साहित्य के गहरे सरोकारों से जुड़े हैं। दिल्ली से आई प्रख्यात डॉ. शशि सहगल ने कहा कि समकालीन हरियाणा के जिंदगी का रोजनामचा लिखे जा रहे नाटकों का प्राण तत्व है।
विज्ञापन
नाट्य लेखन एवं प्रस्तुति कार्यशाला का आयोजन
अमर उजाला ब्यूरो
पंचकूला।
धरती एक रंगमंच है जहां सभी नागरिक अपनी भूमिकाओं को जीने आए हैं। नाटक सत्य कहने और सुनने की आदत डालता है। स्कूल शिक्षा विभाग की पहल पर उत्कर्ष सोसाइटी की ओर से आयोजित नाट्य लेखन शिविर में सात नाटक लिखे जा रहे हैं। कार्यशाला के महत्व पर विचार व्यक्त करते हुए उत्कर्ष सोसाइटी के निदेशक वीरेंद्र सहरावत ने कहा कि नाटक गंभीर विषय को भी रोचक बनाकर विद्यार्थियों के मन मस्तिष्क में ज्ञान प्रवाह का जीवंत माध्यम है। सेक्टर-2 स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में नाट्य लेखन एवं प्रस्तुति कार्यशाला का मंगलवार से आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि लिखे गए नाटकों को ऐजुसैट द्वारा प्रदर्शित किया जाएगा। ताकि हरियाणा के सभी स्कूलों में विद्यार्थी समाज की गहरी सच्चाइयों से रूबरू हो सकें। कार्यशाला की प्रासंगिकता पर उप निदेशक जोगिंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कार्यशाला में हरियाणा के सभी जिलों की हिस्सेदारी इस बात का प्रमाण है कि हमारे शिक्षक साहित्य के गहरे सरोकारों से जुड़े हैं। दिल्ली से आई प्रख्यात डॉ. शशि सहगल ने कहा कि समकालीन हरियाणा के जिंदगी का रोजनामचा लिखे जा रहे नाटकों का प्राण तत्व है।