फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   11 year old dies after brawl with students in School

मास्टरां दी लापरवाही ते मेरा पुत नी रहेया

Thu, 28 Aug 2014 12:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल
ब्यूरो/अमर उजाला कैथ्ाल Updated Thu, 28 Aug 2014 12:14 AM IST
विज्ञापन
गांव बलवंती के राजकीय उच्च विद्यालय में छात्रों के झगड़े में घायल एक छठी क्लास के बच्चे ने घटना के पंद्रह दिन बाद मंगलवार देर रात पीजीआई चंडीगढ़ में दम तोड़ दिया। स्कूल प्रबंधन के खिलाफ रोष प्रकट करते हुए मारे गए बच्चे भगवंत की मां ने आरोप लगाया, ‘मास्टरां दी लापरवाही ते मेरा पुत्त नी रेहया...।
विज्ञापन


सुरजीत कौर का कहना था कि उन्होंने बच्चों के नाम तक बताकर अध्यापकों को सूचना दी थी, लेकिन सुनवाई नहीं की गई। उसके बेटे को बुरी तरह से पीटा गया, जिस कारण वह नहीं रहा। उधर, बताया जा रहा है कि बच्चों में कॉपी फाड़ने को लेकर लड़ाई हुई थी।
विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, कुरुक्षेत्र जिले के गांव थाना के रकबे में स्थित डेरा आर्य चक्कु निवासी निर्मल सिंह ने बताया कि उसका बेटा भगवंत सिंह कैथल के गांव बलवंती के राजकीय स्कूल में छठी क्लास में पढ़ता था। 11 अगस्त को स्कूल के ही सातवीं कक्षा के बच्चों ने उसके बेटे भगवंत सिंह के ऊपर टाट-पट्टी डालकर लातों एवं घूंसों से उसकी पिटाई कर दी। उसके ही डेरे की सातवीं कक्षा की छात्रा वर्षा एवं जसविंद्र ने भगवंत को उनके चंगुल से छुड़वाया। घर पहुंचने पर भगवंत ने मारपीट की जानकारी दी।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने 12 अगस्त को स्कूल मुख्य अध्यापक के सामने शिकायत की तो उन्होंने उन बच्चों को बुलाकर धमकाया भी था। इसके बाद वे भगवंत को इलाज के लिए कैथल लेकर आए। करीब एक सप्ताह तक उन्होंने उसका इलाज करवाया। लेकिन पैर, छाती व पेट में दिक्कत होने और धड़कने बढ़ जाने के कारण उसे पीजीआई रेफर कर दिया गया। 20 अगस्त को वे उसे लेकर पीजीआई गए थे, जहां मंगलवार रात भगवंत ने दम तोड़ दिया। उन्होंने बताया कि भगवंत के अलावा उनके दो बेटे नारायण सिंह (13) छठी और देवेंद्र (06) तीसरी कक्षा में पढ़ता है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई : पुलिस

भगवंत के पिता ने आरोप लगाया कि स्कूल प्रशासन या गांव की ओर से किसी ने उनके बच्चे की सुध नहीं ली। जिस कारण वे अब स्कूल प्रशासन से पूछने आए हैं कि स्कूल प्रशासन ने उन बच्चों के खिलाफ क्या कार्रवाई की है? लेकिन यहां स्कूल प्रशासन ने उनके आते ही बच्चों की छुट्टी कर दी। उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही है।

मामले की सूचना मिलते ही थाना सदर प्रभारी राज सिंह सहित क्योड़क चौकी प्रभारी शिव कुमार सैनी पुलिस बल सहित मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस स्कूल से डेरे में पहुंची, जहां से बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए कैथल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने बच्चे के पिता की शिकायत दर्ज करते हुए पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी। थाना प्रभारी राज सिंह ने कहा कि जैसे ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आएगी, उसी अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उधर, बीईओ ने मौके पर पहुंच कर परिजनों एवं स्टॉफ सदस्यों से बातचीत की।

दो घंटे देरी से पहुंचे बीईओ ‘साहब’ सिंह
स्कूल में बच्चे की मौत को शिक्षा विभाग ने इतने हल्के में लिया कि सूचना मिलने के लगभग दो घंटे बाद बीईओ साहब सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्कूल स्टॉफ से जानकारी ली। बीईओ ने कहा कि स्कूल में पहुंचने के बाद बच्चे की जिम्मेवारी स्कूल स्टॉफ की होती है। बच्चे की मौत का सभी को दुख है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिल जाने के बाद जरूरत हुई तो स्टॉफ सदस्यों की लापरवाही की भी जांच करवाई जाएगी। कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

स्कूल प्रशासन ने घटना की तारीख ही बदल दी
एक ओर तो मासूम भगवंत सिंह की मौत हो गई, वहीं दूसरी ओर, स्कूल प्रशासन घटना की तिथि बदलने में मशगूल रहा। स्कूल के मुख्य अध्यापक रामपाल सिंह ने पहले तो कहा कि यह घटना 11 या 12 अगस्त की है। वे उस दिन आधे दिन की छुट्टी पर चले गए थे। बाद में जब बीईओ स्कूल में पहुंचे तो उन्होंने कहा कि यह घटना सात अगस्त की है। इसके बाद जिन बच्चों ने पिटाई की थी, उन बच्चों को डांट दिया गया था। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि वे बच्चे कौन हैं, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस बारे में जानकारी नहीं है।

डेरे में मातम, बच्चों में दहशत
बच्चे की मौत के चलते कैथल-कुरुक्षेत्र की सीमा पर स्थित डेरे पर मातम का माहौल है। डेरे पर आसपास के डेरों से भी महिलाएं एवं लोग परिजनों को सांत्वना दे रहे हैं। सभी के मन में टीस थी कि स्कूल प्रशासन ने एक बार भी इस मामले में बच्चे की सुध नहीं ली। जबकि घटना को हुए 15 दिन से भी ज्यादा का समय हो गया था। उधर, डेरे से गांव बलवंती पढ़ने जाने वाले बच्चों में दहशत है। बच्चों ने बताया कि हमलावर बच्चों ने एक कॉपी फाड़ने को लेकर हमला किया था। जिसमें भगवंत ने अपनी फटी हुई कॉपी के लिए पैसों की मांग की थी। जिस कारण उसे पीटा गया। बाद में उन्हें भी धमकियां दी गईं। अब उन्हें डर है कि कहीं स्कूल जाने पर उनकी भी पिटाई न कर दें।


सरपंच को भी नहीं दी गई सूचना
गांव बलवंती की सरपंच संसार देवी एवं नंबरदार अनिल कुमार ने कहा कि उन्हें स्कूल प्रशासन ने घटना के बारे में जानकारी ही नहीं दी। बच्चे की मौत का हम सभी को दुख है। बुधवार सुबह ही उन्हें स्कूल प्रशासन द्वारा इस तरह की घटना होने के बारे में सूचित किया है। नियमानुसार जो कार्रवाई होगी, की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed