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Hindi News ›   Chandigarh ›   10th class student commits suicide after cut name from school in yamunanagar

‘मम्मी मैं पढ़ना चाहता हूं, दाखिला नहीं मिला तो जिंदगी खराब हो जाएगी’, कहा और दे दी जान

Fri, 01 Jun 2018 03:06 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा)
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर(हरियाणा) Updated Fri, 01 Jun 2018 03:06 PM IST
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10th class student commits suicide after cut name from school in yamunanagar
suicide - फोटो : amar ujala
‘मम्मी मैं पढ़ना चाहता हूं, दाखिला नहीं मिला तो मेरी जिंदगी खराब हो जाएगी’, कहा और 10वीं के छात्र ने फंदा लगाकर जान दे दी। घटना हरियाणा के यमुनानगर की है। शहर से सटे दड़वा गांव के सरकारी स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं के छात्र सन्नी ने जहरीला पदार्थ खाकर सुसाइड कर लिया।
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इसके बाद गुस्साए परिजन स्कूल में पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। देखते ही देखते गांव के सैकड़ों लोग मौके पर इकट्ठा हो गए और नारेबाजी करने लगे। परिजनों ने आरोप लगाए कि छात्र बीमार था और कई दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था, लेकिन जब दोबारा एडमिशन के लिए बच्चा स्कूल गया तो उसके साथ बदसलूकी की गई।
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सूचना मिलते ही जगाधरी सदर थाना एसएचओ पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। दो घंटे तक लोग हंगामा करते रहे। पुलिस ने प्रिंसिपल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की। तब जाकर लोगों का गुस्सा शांत हुआ। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों के हवाले कर दिया है। साथ ही दिन भर स्कूल में पुलिस की टीम तैनात रही।
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बुखार की वजह से नहीं जा पा रहा था स्कूल

10th class student commits suicide after cut name from school in yamunanagar
doctor - फोटो : सांकेतिक तस्वीर
बच्चे की मां अजमेर कौर का कहना है कि उसका बेटा बीमार था, उसे बुखार था। इसलिए वह 10-12 दिनों से स्कूल नहीं जा रहा था। जिसके चलते स्कूल से उसका नाम काट दिया गया। दो दिन पहले वह अपने बेटे को लेकर स्कूल गई थी, लेकिन प्रिंसिपल व वाइस प्रिंसिपल ने एडमिशन देने से मना कर दिया। घर जाकर उसके बेटे सन्नी ने कहा था कि मम्मी मैं पढ़ना चाहता हूं। एडमिशन नहीं हुआ तो मेरी जिंदगी खराब हो जाएगी। लेकिन मुझे ये अहसास नहीं था कि मेरा लाल हमेशा के लिए दूर चला जाएगा।

परिजनों का आरोप है कि उनके बेटे ने आत्महत्या नहीं की। स्कूल के स्टाफ ने धक्के देकर उन्हें बाहर निकाल दिया था। जिससे वह डिप्रेशन में चला गया और उसकी मौत हो गई। पिता गुरुबचन सिंह ने बताया कि बुधवार रात को उसके बेटे को उल्टियां आने लगी। ज्यादा तबियत खराब होने पर उसे अस्पताल लेकर आएं। जहां वीरवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

नौवीं में थे 41 फीसदी अंक
सन्नी पढ़ने में औसत था। नौवीं में उसने 41 फीसदी अंक हासिल किए थे। पांच सब्जेक्ट के कुल 500 में से 205 अंक हासिल किए थे।

ये कहना है प्रिंसीपल का

10th class student commits suicide after cut name from school in yamunanagar
school homework
प्रिंसिपल मंजीत ने बताया कि सन्नी 1 अप्रैल से स्कूल नहीं आ रहा था। वह अपने पेरेंट्स के साथ री एडमिशन के लिए स्कूल आया था। उसे छुट्टियों के बाद एडमिशन देने की बात कही गई थी। हर स्टूडेंट मेरे बच्चे की तरह है। धक्के मारना व आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप झूठा है।

डीइओ आनंद चौधरी का कहना है कि नाम कटने के बाद भी बच्चे को दोबारा दाखिला मिलना चाहिए था। मामले की जांच के लिए बीईओ जगाधरी की अगुवाई में एक कमेटी बनाई गई है। जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। स्कूल स्टाफ के खिलाफ कार्रवाई की पावर मेरे पास नहीं है।

मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बच्चे की मौत की असली वजह क्या रही। फिलहाल परिजनों की शिकायत पर प्रिंसिपल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में एफआईआर दर्ज की गई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए स्कूल में पुलिस की टीम तैनात है।
- नवीन कुमार, एसएचओ, थाना सदर जगाधरी
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