व्यवस्था पर भारी पंजाब के 'डिजिटल कैदी', सुरक्षा कड़ी फिर भी जेलों में मिले 1086 मोबाइल
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पंजाब की जेलों में कैदियों के पास से 2019 में अब तक 1086 मोबाइल फोन पकड़े गए। जेल विभाग की ओर से सुरक्षा में लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी और अनुशासनात्मक कार्रवाई भी आरंभ की गई। यह जानकारी मंगलवार को जेल विभाग के प्रवक्ता ने दी।
प्रवक्ता ने बताया कि जेल मंत्री रंधावा की तरफ से भी यह सख्त हिदायतें जारी की गई हैं कि जेलों की सुरक्षा के साथ किसी प्रकार का कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से ‘जीरो टॉलरेंस’ अपनाते हुए मुस्तैदी के साथ निरंतर की जाती चेकिंग और तलाशी के लिए इस्तेमाल किए जाते आधुनिक यंत्रों की मदद से 23 दिसंबर तक कुल 1086 मोबाइल फोन पकड़े गए।
इनमें केंद्रीय जेल लुधियाना में 338, फिरोजपुर में 109, कपूरथला में 107, फरीदकोट में 96, अमृतसर में 95, पटियाला में 71, बठिंडा में 66, रूपनगर में 46, होशियारपुर में 34, नयी जेल नाभा में 29, संगरूर में 28, बरनाला में 22, मानसा में 6, गुरदासपुर में 3, पठानकोट में 2, बोर्स्टल जेल लुधियाना और महिला जेल लुधियाना में 1-1 मोबाइल बरामद हुए।
उन्होंने आगे बताया कि चार केंद्रीय जेलों- अमृतसर, कपूरथला, लुधियाना और बठिंडा में मुख्य द्वार, उच्च सुरक्षा जोन और तलाशी के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की तैनाती की गई है। इसके अलावा 12 जेलों में उच्च सुरक्षा जोन स्थापित किये गए।
जेलों के इन उच्च सुरक्षा जोनों में दरवाजे पर मेटल डिटेक्टर, हाथों से तलाशी के लिए यंत्र, सामान की स्कैनिंग के लिए एक्स-रे मशीनें, जेलों में मुख्य स्थानों और कंट्रोल रूम में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, एसएलआर और पिस्तौल जैसे आधुनिक हथियारों की खरीद, जेलों की बाहरी सुरक्षा के लिए क्विक एक्शन टीम (क्यूआरटी), खोजी कुत्तों की तैनाती, जेल स्टाफ की भर्ती करते हुए 735 वार्डर और 84 मेट्रन नए लगाए।
10 डिप्टी जेल सुपरिडेंट की भर्ती, 300 वार्डर और मेट्रन की हेड वार्डर और हेड मेट्रन के तौर पर पदोन्नित, जेल की सुरक्षा के लिए 16 डीएसपी की तैनाती जैसे अहम कार्य किये गए।