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किसान आंदोलन का साइड इफेक्ट देखिए, चंडीगढ़ में दूध की किल्लत...महंगी हुई सब्जियां
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Mon, 04 Jun 2018 10:58 AM IST
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किसान आंदोलन
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किसान संगठनों के 10 दिवसीय आंदोलन का असर चंडीगढ़ में दिखने लगा है। शहर में दूध की किल्लत हो गई है और सब्जियों के दाम बढ़ गए हैं। रविवार की शाम से शहर में दूध की किल्लत शुरू हो गई। कई घरों के लोग दूध के लिए इधर-उधर भटकते रहे। रात 11 बजे तक दुकानदारों के पास पैकेट का दूध मिलता था वह दूध दोपहर बाद तीन बजे ही खत्म हो गया। इसके कारण लोगों को परेशानी शुरू हो गई।
हल्लोमाजरा में दीप कांप्लेक्स निवासी शकुंतला का कहना है कि नजदीक की दुकान के पास दूध लेने पहुंची तो पता चला कि दूध नहीं है। इसके बाद कई अन्य दुकानों में गईं। यहां तक कि रायपुरखुर्द में भी दूध लेने पहुंची, लेकिन नहीं मिला। रामदरबार में बड़ी मुश्किल से दूध के कुछ पैकेट मिले। हल्लोमाजरा के गोयल करियाना के विजय कुमार गोयल का कहना है कि प्लांट से ही दूध की कमी है। 40 प्रतिशत दूध की सप्लाई कम हो गई है।
दुकानदार सुमन सिंह ने कहा कि उनके पास 11 बजे रात तक दूध बिकता था, लेकिन रविवार को तो दोपहर बाद तीन बजे ही समाप्त हो गया। कई ग्राहक दूध के लिए लौटे। मनोज कश्यप और रविंदर सिंह ने बताया कि शाम को कई जगहों पर दूध के लिए गए, लेकिन नहीं मिला। दूध नहीं मिलने से बच्चों को परेशानी होनी शुरू हो गई है।
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किसानों ने रोकी सप्लाई, सब्जियों के भाव बढ़े
किसानों द्वारा फलों और सब्जियों की सप्लाई रोकने का असर पड़ना शुरू हो गया है। अधिकतर सब्जियों के रेट दाम 50 से 70 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जबकि टमाटर का रेट 10 से बढ़कर 25 रुपये किलो तक पहुंच गया है। किसानों ने 10 मई तक हड़ताल की घोषणा की है। सेक्टर-26 मंडी में प्रतिदिन सब्जी और फल के 180 से 200 ट्रक आते हैं, लेकिन रविवार को 150 से 160 ट्रक ही आए।
मार्केट कमेटी के रिकार्ड के अनुसार 25 प्रतिशत सप्लाई दूसरे राज्यों से कम आई है। अब चंडीगढ़ में दिन के बजाय अधिकतर सप्लाई रात को आ रही है। चंडीगढ़ में हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र से सब्जियों की सप्लाई आती है। विक्रेताओं के अनुसार सबसे ज्यादा असर पंजाब से आने वाली सब्जियों पर पड़ रहा है। पंजाब से सब्जियों की गाड़ियां कम आ रही हैं। हड़ताल का फायदा भी कई विक्रेता ले रहे हैं। पे
ट्रोल और डीजल के बढ़े हुए रेट का भी असर सब्जियों और फलों के रेट पर पड़ने लग गया है। दूसरे राज्यों से आने वाली गाड़ियों का किराया 300 से 400 रुपये बढ़ गया है। वहीं, हड़ताल आगे बढ़ने के कारण लोगों ने ज्यादा सब्जियां खरीदनी शुरू कर दी हैं ताकि घर पर सब्जियां स्टोर की जा सकें।
हिमाचल से ही आ रहा टमाटर
सेक्टर-26 मंडी के विक्रेता प्रवीण कुमार का कहना है कि पंजाब से सब्जियों और फलों की सप्लाई काफी कम आ रही है। इस कारण सब्जियों के रेट बढ़ गए हैं। अब टमाटर हिमाचल से ही आ रहा है।
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हल्लोमाजरा में दीप कांप्लेक्स निवासी शकुंतला का कहना है कि नजदीक की दुकान के पास दूध लेने पहुंची तो पता चला कि दूध नहीं है। इसके बाद कई अन्य दुकानों में गईं। यहां तक कि रायपुरखुर्द में भी दूध लेने पहुंची, लेकिन नहीं मिला। रामदरबार में बड़ी मुश्किल से दूध के कुछ पैकेट मिले। हल्लोमाजरा के गोयल करियाना के विजय कुमार गोयल का कहना है कि प्लांट से ही दूध की कमी है। 40 प्रतिशत दूध की सप्लाई कम हो गई है।
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दुकानदार सुमन सिंह ने कहा कि उनके पास 11 बजे रात तक दूध बिकता था, लेकिन रविवार को तो दोपहर बाद तीन बजे ही समाप्त हो गया। कई ग्राहक दूध के लिए लौटे। मनोज कश्यप और रविंदर सिंह ने बताया कि शाम को कई जगहों पर दूध के लिए गए, लेकिन नहीं मिला। दूध नहीं मिलने से बच्चों को परेशानी होनी शुरू हो गई है।
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किसानों ने रोकी सप्लाई, सब्जियों के भाव बढ़े
किसानों द्वारा फलों और सब्जियों की सप्लाई रोकने का असर पड़ना शुरू हो गया है। अधिकतर सब्जियों के रेट दाम 50 से 70 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं, जबकि टमाटर का रेट 10 से बढ़कर 25 रुपये किलो तक पहुंच गया है। किसानों ने 10 मई तक हड़ताल की घोषणा की है। सेक्टर-26 मंडी में प्रतिदिन सब्जी और फल के 180 से 200 ट्रक आते हैं, लेकिन रविवार को 150 से 160 ट्रक ही आए।
मार्केट कमेटी के रिकार्ड के अनुसार 25 प्रतिशत सप्लाई दूसरे राज्यों से कम आई है। अब चंडीगढ़ में दिन के बजाय अधिकतर सप्लाई रात को आ रही है। चंडीगढ़ में हरियाणा, हिमाचल, पंजाब, दिल्ली और महाराष्ट्र से सब्जियों की सप्लाई आती है। विक्रेताओं के अनुसार सबसे ज्यादा असर पंजाब से आने वाली सब्जियों पर पड़ रहा है। पंजाब से सब्जियों की गाड़ियां कम आ रही हैं। हड़ताल का फायदा भी कई विक्रेता ले रहे हैं। पे
ट्रोल और डीजल के बढ़े हुए रेट का भी असर सब्जियों और फलों के रेट पर पड़ने लग गया है। दूसरे राज्यों से आने वाली गाड़ियों का किराया 300 से 400 रुपये बढ़ गया है। वहीं, हड़ताल आगे बढ़ने के कारण लोगों ने ज्यादा सब्जियां खरीदनी शुरू कर दी हैं ताकि घर पर सब्जियां स्टोर की जा सकें।
हिमाचल से ही आ रहा टमाटर
सेक्टर-26 मंडी के विक्रेता प्रवीण कुमार का कहना है कि पंजाब से सब्जियों और फलों की सप्लाई काफी कम आ रही है। इस कारण सब्जियों के रेट बढ़ गए हैं। अब टमाटर हिमाचल से ही आ रहा है।