फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   The trend of settling in 'Pardes' is increasing among the rich of the country, know what is the reason?

Attraction of Abroad: देश के अमीरों में बढ़ रहा 'परदेस' में बसने का चलन, जानिए क्या है कारण?

Thu, 22 Sep 2022 03:13 PM IST
विवेक दास बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: विवेक दास Updated Thu, 22 Sep 2022 03:13 PM IST
सार

Attraction of Abroad: विदेश में बसने की इच्छा रखने वालों में सिर्फ बिजनेस घराने के लोग ही नहीं बल्कि कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वाले अधिकारी, पेशेवर, ब्यूरोक्रेट्स और नौकरीपेशा लोग भी शामिल हैं।Henly Global Citizen के एक सर्वे में दावा किया गया था कि इस साल के अंत तक भारत में सुपर रिच की श्रेणी में आने वाले आठ हजार भारतीय देश छोड़ कर विदेशों में बस सकते हैं।

विज्ञापन
The trend of settling in 'Pardes' is increasing among the rich of the country, know what is the reason?
विदेश में बसने का बढ़ रहा चलन - फोटो : Demo Photo

विस्तार

देश के अमीरों के बीच विदेशों में बसने का प्रचलन बढ़ता जा रहा है। विदेश में बसने की इच्छा रखने वालों में सिर्फ बिजनेस घराने के लोग ही नहीं बल्कि कॉरपोरेट सेक्टर में काम करने वाले अधिकारी, पेशेवर, ब्यूरोक्रेट्स और नौकरीपेशा लोग भी शामिल हैं। कुछ समय पूर्व आई एक रिपोर्ट के मुताबिक करीब आठ हजार भारतीय इस साल देश छोड़ने का प्लान बना रहे है। Henly Global Citizen के एक सर्वे में दावा किया गया था कि इस साल के अंत तक भारत में सुपर रिच की श्रेणी में आने वाले आठ हजार भारतीय देश छोड़ कर विदेशों में बस सकते हैं। सर्वे के मुताबिक साल 2022 में भारत के करोड़पति देश के कठोर टैक्स और पासपोर्ट नियमों के चलते ऐसा कर सकते हैं।  ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर क्या कारण है कि इतने बड़े पैमाने पर देश से लोगों का मोहभंग हो रहा है? जब भारत लगातार आर्थिक रूप से सशक्त हो रहा है और दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है तब भी लोग इसे छोड़कर विदेशों में क्या बसना चाहते हैं?

विज्ञापन

बेहतर जीवनशैली की तलाश में लोग कर रहे परदेस का रुख 

कोरोना महामारी के दौरान भारत में बड़े पैमाने पर लोगों को परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि इस संकट से निपटने में भारत ने इतनी बड़ी आबादी होने के बादवजूद बहुत बढ़िया प्रदर्शन किया। देश में दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान भी चलाया गया है। पूरी दुनिया में कोरोना से निपटने के लिए भारत में किए गए प्रयासों की सराहना की गई। इसके बावजूद देश में बड़ी संख्या में लाेग विदेशों में बसने की तैयारी कर रहे रहे हैं यह चौंकाने वाली बात है। एक मीडिया रिपोर्ट् के मुताबिक लोग बेहतर जीवनशैली, रोजगार के बेहतर मौके और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की तलाश में परदेस का रुख करने की ओर आकर्षित हो रहे हैं। 

विज्ञापन

देश के संपन्न पूंजीपतियों को आकर्षित कर रहा परदेस

एक मीडिया रिपोर्ट में कहा गया है कि ऐसा नहीं है कि भारत अब एक आकर्षक डेस्टिनेशन नहीं रह गया है लेकिन यह बात भी सच है कि बड़ी संख्या में आर्थिक रूप से संंपन्न तबके के लोग विदेशों में अपना भविष्य बनाने की जुगत में लगे हुए हैं। एक इमिग्रेशन और वीजा सलाहकार सेवा कंपनी वाई एक्सिस मिडिल ईस्ट डीएमसीसी के निदेशक क्लिंट खान का कहना है कि किसी दूसरे में कुछ मिलियन डॉलर निवेश करने से आपको स्थायी रूप से निवास करने की सुविधा मिल जाती है। यह सुविधा देश के आर्थिक रूप से संपन्न पूंजीपतियों को आकर्षित कर रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

बीते वर्षों में कई बड़े उद्योगपति विदेशों में सेटल हुए

रिपोर्ट में भारत छोड़कर विदेशों में जाकर बसने के कुछ उदाहरण भी दिए गए हैं। इनमें अपोलो टायर्स के वाइस चेयरमैन और एमडी नीरज कंवर के बारे में जानकारी देते हुए बताया गया है कि वे 2013 में लंदन जा बस गए थे। इसी प्रकार आयशर मोटर्स के एमडी और सीईओ सिद्धार्थ लाल वर्ष 2015 में लंदन चले गए। भारत की सबसे फेमस दुपहिया वाहन कंपनी हीरो साइकिल्स के चेयरमैन और एमडी पंकज मुंजाल भी यूरोपीय बाजार में अपने ई-बाइक प्रोजेक्ट पर ध्यान केंद्रित करने के लिए वर्ष में नौ महीने लंदन में ही गुजारते हैं। वहीं सीरम इंस्टीच्यूट ऑफ इंडिया सीईओ और पूनावाला फाइनेंस के अदार पूनावाला भी लंदन और पुणे के बीच आवाजाही करते रहते हैं। ऐसा ही कुछ महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा के साथ भी है। उनका भी अक्सर विदेशों में आना-जाना होता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed