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बाजार में इतिहास: तीन साल में पहली बार एक दिन में सबसे ज्यादा खरीदारी, FII ने खरीदे 14,000 करोड़ के शेयर
Sun, 22 Sep 2024 07:04 AM IST
Ajit Singh
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Ajit Singh
Updated Sun, 22 Sep 2024 07:04 AM IST
सार
भारतीय बाजार के इतिहास में आठवीं बार विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने रिकॉर्ड खरीदारी की है। तीन साल में पहली बार एक दिन में सबसे ज्यादा खरीदारी का रिकॉर्ड बना है। एफआईआई ने 14,000 करोड़ के शेयर खरीद डाले।
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शेयर मार्केट
- फोटो : Agency
विस्तार
शेयर बाजार के लगातार नए रिकॉर्ड के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने भी रिकॉर्ड बनाया है। इन्होंने शुक्रवार को शुद्ध रूप से 14,064 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। तीन साल में किसी एक दिन में यह सबसे बड़ी खरीदारी है। यह भारतीय बाजार के अब तक के इतिहास में आठवीं बार हुआ है, जब इतने बड़े पैमाने पर इन निवेशकों ने शेयर खरीदे हैं। इस मजबूत निवेश से पिछले हफ्ते डॉलर की तुलना में रुपया 0.4 फीसदी बढ़ा है।
नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरीज लि (एनएसडीएल) के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों का इससे पहले एक दिन की सबसे बड़ी खरीदी का रिकॉर्ड छह मई, 2020 था। उस दिन इन्होंने शुद्ध रूप से 17,123 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। विश्लेषकों का कहना है कि इस भारी खरीदी के पीछे प्रमुख वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 0.50 फीसदी की कटौती थी। साथ ही, आगे भी इस कटौती की उम्मीद है। अमेरिका में बॉन्ड की ब्याज दर लगातार घट रही है। इससे एफआईआई भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
33691 करोड़ की खरीदारी इस महीने अब तक
एफआईआई ने इस महीने में अब तक शेयर बाजार में 33,691 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इससे पहले मार्च में सर्वाधिक 35,100 करोड़ की खरीदी हुई थी। इसके साथ ही, इस साल जनवरी से लेकर अब तक कुल शुद्ध निवेश 76,572 करोड़ रुपये हो गया है। चालू वित्त वर्ष में कुल खरीदी 65,692 करोड़ रुपये के पार रही है। 2023-24 में कुल 2.08 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे गए थे।
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जारी रहने का रुझान
विश्लेषकों का मानना है कि एफआईआई का यह आक्रामक निवेश का रुझान आगे भी जारी रहेगा। ऐसे में बीएसई सेंसेक्स इस साल के अंत तक 90,000 को छू सकता है, जो अभी 84,000 के पार है। भारतीय बाजारों ने मजबूत बुनियादी सिद्धांतों और अपेक्षित जीडीपी वृद्धि पर अच्छा प्रदर्शन किया है।
निगाहें अब आरबीआई पर
अब सभी की निगाहें आरबीआई पर हैं कि क्या वह अगले महीने रेपो रेट में कटौती करेगा या दिसंबर तक इंतजार करेगा। हालांकि, महंगाई दर के कम होने से यह संभव है कि आरबीआई कुछ राहत भरा कदम उठा ले।
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नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरीज लि (एनएसडीएल) के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों का इससे पहले एक दिन की सबसे बड़ी खरीदी का रिकॉर्ड छह मई, 2020 था। उस दिन इन्होंने शुद्ध रूप से 17,123 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे थे। विश्लेषकों का कहना है कि इस भारी खरीदी के पीछे प्रमुख वजह अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में 0.50 फीसदी की कटौती थी। साथ ही, आगे भी इस कटौती की उम्मीद है। अमेरिका में बॉन्ड की ब्याज दर लगातार घट रही है। इससे एफआईआई भारत जैसे उभरते बाजारों में निवेश करने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
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33691 करोड़ की खरीदारी इस महीने अब तक
एफआईआई ने इस महीने में अब तक शेयर बाजार में 33,691 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं। इससे पहले मार्च में सर्वाधिक 35,100 करोड़ की खरीदी हुई थी। इसके साथ ही, इस साल जनवरी से लेकर अब तक कुल शुद्ध निवेश 76,572 करोड़ रुपये हो गया है। चालू वित्त वर्ष में कुल खरीदी 65,692 करोड़ रुपये के पार रही है। 2023-24 में कुल 2.08 लाख करोड़ रुपये के शेयर खरीदे गए थे।
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| महीना | निवेश-निकासी (आंकड़े करोड़ रुपये में) |
|---|---|
| मार्च | 35,100 |
| अप्रैल | -8,670 |
| मई | -25,582 |
| जून | 26,558 |
| जुलाई | 32,359 |
| अगस्त | 7,322 |
| सितंबर | 33,691 |
जारी रहने का रुझान
विश्लेषकों का मानना है कि एफआईआई का यह आक्रामक निवेश का रुझान आगे भी जारी रहेगा। ऐसे में बीएसई सेंसेक्स इस साल के अंत तक 90,000 को छू सकता है, जो अभी 84,000 के पार है। भारतीय बाजारों ने मजबूत बुनियादी सिद्धांतों और अपेक्षित जीडीपी वृद्धि पर अच्छा प्रदर्शन किया है।
निगाहें अब आरबीआई पर
अब सभी की निगाहें आरबीआई पर हैं कि क्या वह अगले महीने रेपो रेट में कटौती करेगा या दिसंबर तक इंतजार करेगा। हालांकि, महंगाई दर के कम होने से यह संभव है कि आरबीआई कुछ राहत भरा कदम उठा ले।