फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   India economic growth rate fastest in the Asia acific region retail inflation may remain at five percent

Global: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में सबसे तेज रहेगी भारत की आर्थिक वृद्धि दर, पांच फीसदी रह सकती है खुदरा महंगाई

Tue, 27 Jun 2023 05:48 AM IST
वीरेंद्र शर्मा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Tue, 27 Jun 2023 05:48 AM IST
सार

एजेंसी ने कहा कि सामान्य मानसून और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से महंगाई के मोर्चे पर राहत मिलेगी। चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई 6.7 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर आ सकती है। आरबीआई अगले साल की शुरुआत में ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।

विज्ञापन
India economic growth rate fastest in the Asia acific region retail inflation may remain at five percent
भारतीय अर्थव्यवस्था (सांकेतिक तस्वीर)। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स ने 2023-24 के लिए भारत के आर्थिक वृद्धि दर अनुमान को 6 फीसदी पर बरकरार रखा है। साथ ही कहा, एशिया-प्रशांत क्षेत्र में भारतीय अर्थव्यवस्था की विकास दर सबसे अधिक होगी। घरेलू अर्थव्यवस्था की मजबूती के कारण चालू वित्त वर्ष और अगले वित्त वर्ष के विकास दर अनुमानों को अपरिवर्तित रखा गया है।
विज्ञापन


एसएंडपी ग्लोबल रेटिंग्स के मुख्य अर्थशास्त्री (एशिया-प्रशांत) लुइस कुइज ने कहा, मध्यम अवधि के लिए वृद्धि अनुमान अपेक्षाकृत ठोस बना हुआ है। एशिया की उभरती अर्थव्यवस्थाएं 2026 तक हमारे वैश्विक वृद्धि परिदृश्य में सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में बनी हुई हैं। वियतनाम और फिलीपीन की वृद्धि दर भी चालू वित्त वर्ष में करीब 6 फीसदी रहेगी। हालांकि, चीन की विकास दर 5.5 फीसदी से 0.3 फीसदी घटकर 5.2 फीसदी रह जाएगी। एजेंसी
विज्ञापन


5 फीसदी रह सकती है खुदरा महंगाई
एजेंसी ने कहा कि सामान्य मानसून और कच्चे तेल की कीमतों में कमी से महंगाई के मोर्चे पर राहत मिलेगी। चालू वित्त वर्ष में खुदरा महंगाई 6.7 फीसदी से घटकर 5 फीसदी पर आ सकती है। आरबीआई अगले साल की शुरुआत में ही ब्याज दरों में कटौती कर सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


विकसित देशों में मंदी से देश की हर पांचवीं एमएसएमई कंपनी प्रभावित
देश के निर्यात में करीब 40% हिस्सेदारी रखने वाले छोटे उद्यमों को अमेरिका एवं यूरोपीय संघ जैसे विकसित देशों में मंदी के कारण प्रतिकूल हालात का सामना करना पड़ रहा है।

रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की अध्ययन रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी एवं यूरोपीय बाजारों की भारत के कुल निर्यात में एक तिहाई हिस्सेदारी है। इन देशों में आर्थिक सुस्ती से देश के हर पांचवें सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) के निर्यात पर असर पड़ सकता है। इस अध्ययन में 69 क्षेत्रों और 147 कलस्टर में सक्रिय एमएसएमई को शामिल किया गया है। इनका कुल राजस्व 63 लाख करोड़ रुपये है, जो पिछले वित्त वर्ष में देश की जीडीपी का करीब एक चौथाई है। 


बढ़ानी पड़ सकती है कार्यशील पूंजी
क्रिसिल के निदेशक पुशान शर्मा ने कहा, निर्यात पर केंद्रित एमएसएमई इकाइयों खासकर सूरत एवं अहमदाबाद में रत्न एवं आभूषण, निर्माण जैसे क्षेत्रों में सक्रिय छोटी कंपनियों को 20-25 दिनों के लिए कार्यशील पूंजी बढ़ानी पड़ सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed