फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   important decision on reducing GST slab can be taken in next meeting

GST स्लैब घटाने की तैयारी तेज, अगली बैठक में लिया जा सकता है फैसला

Wed, 29 May 2019 02:45 PM IST
‌डिंपल अलवधी बिजनेस डेस्क, अमर उजाला
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला Published by: ‌डिंपल अलवधी Updated Wed, 29 May 2019 02:45 PM IST
विज्ञापन
important decision on reducing GST slab can be taken in next meeting

आगामी जीएसटी मीटिंग में एक बड़ा फैसला लिया जा सकता है। सरकार बहुत जल्द जीएसटी की दरों को घटा सकती है। अगली मीटिंग में दरों के विलय की संभावनाओं की रुपरेखा तैयार करने पर अहम चर्चा होगी। 

विज्ञापन


मौजूदा समय में पांच, 12, 18 और 28 फीसदी के आधार पर अलग अलग वस्तुओं पर जीएसटी लगता है। अब अगली मीटिंग में इन दरों के बदलाव पर फैसला लिया जा सकता है। दरअसल भारत सरकार जीएसटी की ज्यादा स्लैब नहीं चाहती है। वित्त मंत्री अरुण जेटली ने भी कई बार स्लैब कम करने की बात कही है।

विज्ञापन

12 और 18 फीसदी के बीच आ सकती है नई दर 

सरकार की अगली प्राथमिकता 12 फीसदी और 18 फीसदी की दो मानक दरों का विलय कर एक दर बनाने की है और इस पर जल्द फैसला लिया जा सकता है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

लॉटरी पर लगने वाले GST पर भी हो सकता है फैसला 

इसके साथ ही लॉटरी पर लगने वाले जीएसटी पर भी फैसला लिया जा सकता है। फिलहाल राज्य संचालित लॉटरी पर 12 फीसदी और राज्य अधिकृत लॉटरी पर 28 फीसदी जीएसटी लगता है। लेकिन लोगों की मांग है कि सभी लॉटरी पर एक समान जीएसटी लगाई जाए क्योंकि इससे उन्हें नुकसान हो रहा है। 

कारोबारियों को सरकार ने दिया तोहफा

इतना ही नहीं, करीब 80 लाख छोटे कारोबारियों को सरकार ने बड़ा तोहफा दिया है। जीएसटी नेटवर्क (जीएसटीएन) सूक्ष्म, लघु और मझोले कारोबारियों को मुफ्त में लेखा-जोखा तथा बिल बनाने के सॉफ्टवेयर दे रही है। बता दें कि इसका लाभ वही कारोबारी उठा सकते हैं, जो सालाना 1.5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करते हैं। 

ऐसे लाभदायक साबित होगा ये सॉफ्टवेयर  

इस संदर्भ में जीएसटीएन ने कहा कि, 'यह सॉफ्टवेयर कंपनियों को बिल और उनके लेखा खातों का ब्योरा तैयार करने, भंडार के माल का प्रबंधन तथा जीएसटी रिटर्न तैयार करने में मदद करेगा। करीब 80 लाख एमएसएमई ऐसे हैं जिनका कारोबार 1.5 करोड़ रुपये से कम है।'

वहीं जीएसटीएन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) प्रकाश कुमार ने कहा कि इस पहल से एमएसएमई डिजिटल सिस्टम की ओर आगे बढ़ेंगे। इससे उनकी कार्यक्षमता बढ़ेगी और अनुपालन बोझ भी कम करने में मदद मिलेगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed