{"_id":"63c57760dfde883e6a45ba3c","slug":"dri-seizes-mobile-accessories-branded-goods-worth-rs-80-cr-at-mundra-port-2023-01-16","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mundra Port: 80 करोड़ के मोबाइल उपकरण व ब्रांडेड सामान जब्त, चीन से आयात किया गया था पार्सल","category":{"title":"Business Diary","title_hn":"बिज़नेस डायरी","slug":"business-diary"}}
Mundra Port: 80 करोड़ के मोबाइल उपकरण व ब्रांडेड सामान जब्त, चीन से आयात किया गया था पार्सल
Mon, 16 Jan 2023 09:42 PM IST
विवेक दास
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: विवेक दास
Updated Mon, 16 Jan 2023 09:42 PM IST
सार
Mundra Port: अधिकारी ने बताया कि 1.5 करोड़ रुपये के घोषित मूल्य वाले कपड़े और महिलाओं के जूते की खेप में इन सामान को छिपाकर लाया गया था। इस खेप के आयातक को भी फर्जी पाया गया है, क्योंकि उसका जो पता दर्ज है वह नहीं मिला है।
विज्ञापन
गुजरात राज्य के कच्छ जिले में स्थित मुंद्रा पोर्ट
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) ने गुजरात के कच्छ जिले के मुंद्रा पोर्ट से 80 करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल के उपकरण, ई-सिगरेट, ब्रांडेड बैग और साज शृंगार के सामान जब्त किया है। सोमवार को यह जानकारी देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि दो लोगों को गिरफ्तार भी किया गया है।
विज्ञापन
अधिकारी ने बताया कि 1.5 करोड़ रुपये के घोषित मूल्य वाले कपड़े और महिलाओं के जूते की खेप में इन सामान को छिपाकर लाया गया था। इस खेप के आयातक को भी फर्जी पाया गया है, क्योंकि उसका जो पता दर्ज है वह नहीं मिला है। डीआरआई की तरफ से जारी बयान में कहा गया है कि मुखबीर से उसे चीन से महंगे इलेक्ट्रॉनिक्स सामान छिपाकर लाने की सूचना मिली थी। इन सामान को एसईजे के जरिये बाहर निकाला जा रहा था। उन छह कंटेनरों की भी पहचान कर ली गई है, जिनमें ये सामान लाए गए थे।
विज्ञापन
डीआरआई ने 33,138 नग एपल के एयरपॉड्स, बैटरी, 4,800 ई-सिगरेट, 7.11 लाख मोबाइल उपकरण व इलेक्ट्रानिक्स के सामान, 29,077 ब्रांडेड बैग, जूते और कास्मेटिक के सामान, 53,385 ब्रांडेड घड़ियां, 58,927 ऑटोमोबाइल के कलपुर्जे जब्त किए हैं।
विज्ञापन
आयातित सामान का मूल्य 1.5 करोड़ रुपये घोषित किया गया था, जबकि जो सामान बरामद हुआ है उसकी कीमत 80 करोड़ रुपये के करीब है। अब तक की जांच में पाया गया है कि एक सिंडिकेट काम कर रहा है जो फर्जी आयातकों के नाम पर महंगे सामान की तस्करी करता है।