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China-US Trade: अमेरिका को गैलियम-जर्मेनियम जैसे अहम तत्वों पर मिली राहत, चीन ने हटाए निर्यात प्रतिबंध
Sun, 09 Nov 2025 03:56 PM IST
निर्मल कांत
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग।
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग।
Published by: निर्मल कांत
Updated Sun, 09 Nov 2025 03:56 PM IST
सार
China-US Trade: चीन ने अमेरिका के लिए गैलियम, जर्मेनियम और एंटीमनी जैसे तत्वों पर लगाए गए निर्यात प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा दिया है। यह कदम दोनों देशों के बीच हाल ही में हुए व्यापार समझौते का हिस्सा है। इस फैसले से तकनीकी और औद्योगिक क्षेत्र में चीन-अमेरिका के संबंधों में नरमी आने की उम्मीद है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला प्रिंट / एजेंसी
विस्तार
चीन ने गैलियम, जर्मेनियम, एंटीमनी जैसे तत्वों पर अमेरिका के लिए लगाए गए निर्यात प्रतिबंधों को अस्थायी रूप से हटा दिया है। चीनी वाणिज्य मंत्रालय ने रविवार को इसकी घोषणा की।
मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि यह फैसला कुछ दोहरे इस्तेमाल वाली वस्तुओं पर लागू नियंत्रण उपायों के आंशिक निलंबन से जुड़ा है। इसमें गैलियम, जर्मेनियम, एंटीमनी जैसे औद्योगिक पदार्थ शामिल हैं। मंत्रालय के मुताबिक, यह निलंबन 'घोषणा संख्या- 46 (2024) की दूसरी धारा पर लागू होगा और यह नौ नवंबर 2025 से 27 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
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पहले इस धारा के तहत अमेरिका को इन औद्योगिकी पदार्थों के निर्यात पर रोक थी और ग्रेफाइट के निर्यात पर सख्त जांच की शर्तें थीं। वहीं, पहली धारा पहले की तरह लागू रहेगी, जिसमें अमेरिकी सेना या सैन्य उपयोग के लिए दोहर उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात पर रोक है।
वाणिज्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह अस्थायी निलंबन केवल दूसरी धारा के लाइसेंस और समीक्षा से जुड़ी पाबंदियों पर लागू होगा। पिछले साल दिसंबर में चीन ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई भी संगठन या व्यक्ति चीन में बने दोहरे उपयोग वाले सामानों को अमेरिकी संस्थाओं को अवैध रूप से भेजेगा, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और चीन के बीच एक अहम व्यापार और आर्थिक समझौता हुआ। यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के बीच दक्षिण कोरिया के बुसान में मुलाकात के बाद हुआ।
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इस समझौते में चीन ने दुर्लभ खनिजों और अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियों के निर्यात पर लगे निर्यात प्रतिबंधों को निलंबित करने, अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए जवाबी टैरिफ हटाने और अमेरिकी सोयाबीन, ज्वार और लकड़ी की बड़ी मात्रा में खरीद फिर से शुरू करने पर सहमति दी है। इसके अलावा, चीन अब नेक्सपेरिया की अपने देश में स्थित इकाइयों से व्यापार दोबारा शुरू करने की अनुमति देगा और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी अमेरिकी कंपनियों की जांच खत्म करेगा।
इसके बदले में अमेरिका ने भी कुछ कदम उठाने पर सहमति जताई है। वह फेंटानिल नियंत्रण से जुड़े चीनी आयातों पर लगने वाले कुछ टैरिफ को 10 फीसदी तक घटाएगा। साथ ही, धारा 301 के तहत दी गई टैरिफ छूटों को अगले साल 10 नवंबर तक बढ़ाएगा।
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मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में बताया गया कि यह फैसला कुछ दोहरे इस्तेमाल वाली वस्तुओं पर लागू नियंत्रण उपायों के आंशिक निलंबन से जुड़ा है। इसमें गैलियम, जर्मेनियम, एंटीमनी जैसे औद्योगिक पदार्थ शामिल हैं। मंत्रालय के मुताबिक, यह निलंबन 'घोषणा संख्या- 46 (2024) की दूसरी धारा पर लागू होगा और यह नौ नवंबर 2025 से 27 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा।
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पहले इस धारा के तहत अमेरिका को इन औद्योगिकी पदार्थों के निर्यात पर रोक थी और ग्रेफाइट के निर्यात पर सख्त जांच की शर्तें थीं। वहीं, पहली धारा पहले की तरह लागू रहेगी, जिसमें अमेरिकी सेना या सैन्य उपयोग के लिए दोहर उपयोग वाली वस्तुओं के निर्यात पर रोक है।
वाणिज्य मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि यह अस्थायी निलंबन केवल दूसरी धारा के लाइसेंस और समीक्षा से जुड़ी पाबंदियों पर लागू होगा। पिछले साल दिसंबर में चीन ने चेतावनी दी थी कि अगर कोई भी संगठन या व्यक्ति चीन में बने दोहरे उपयोग वाले सामानों को अमेरिकी संस्थाओं को अवैध रूप से भेजेगा, तो उसे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
इस महीने की शुरुआत में अमेरिका और चीन के बीच एक अहम व्यापार और आर्थिक समझौता हुआ। यह समझौता अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके चीनी समकक्ष शी जिनपिंग के बीच दक्षिण कोरिया के बुसान में मुलाकात के बाद हुआ।
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इस समझौते में चीन ने दुर्लभ खनिजों और अन्य महत्वपूर्ण सामग्रियों के निर्यात पर लगे निर्यात प्रतिबंधों को निलंबित करने, अमेरिकी उत्पादों पर लगाए गए जवाबी टैरिफ हटाने और अमेरिकी सोयाबीन, ज्वार और लकड़ी की बड़ी मात्रा में खरीद फिर से शुरू करने पर सहमति दी है। इसके अलावा, चीन अब नेक्सपेरिया की अपने देश में स्थित इकाइयों से व्यापार दोबारा शुरू करने की अनुमति देगा और सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी अमेरिकी कंपनियों की जांच खत्म करेगा।
इसके बदले में अमेरिका ने भी कुछ कदम उठाने पर सहमति जताई है। वह फेंटानिल नियंत्रण से जुड़े चीनी आयातों पर लगने वाले कुछ टैरिफ को 10 फीसदी तक घटाएगा। साथ ही, धारा 301 के तहत दी गई टैरिफ छूटों को अगले साल 10 नवंबर तक बढ़ाएगा।
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