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GST: औसत मासिक जीएसटी संग्रह FY25 में 11% बढ़कर 1.85 लाख करोड़ रुपये होगा, राजस्व सचिव सीमा शुल्क पर ये बोले

Fri, 02 Feb 2024 02:48 PM IST
कुमार विवेक बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुमार विवेक Updated Fri, 02 Feb 2024 02:48 PM IST
सार

GST: 2024-25 में जीएसटी संग्रह में लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। यदि चालू वित्त वर्ष में औसत मासिक संग्रह 1.67 लाख करोड़ रुपये बना रहा तो अगले वित्त वर्ष में यह 11 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.80 से 1.85 लाख करोड़ रुपये मासिक संग्रह पर पहुंच सकता है।

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Avg monthly GST collections to grow 11 pc to Rs 1.85 lakh cr in FY25: Revenue Secy
संजय मल्होत्रा - फोटो : amarujala.com

विस्तार

सरकार को उम्मीद है कि अगले वित्त वर्ष में औसत मासिक जीएसटी संग्रह 11 प्रतिशत बढ़कर 1.85 लाख करोड़ रुपये हो जाएगा। राजस्व सचिव संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को यह अनुमान जताया। बजट के बाद मल्होत्रा ने पीटीआई के साथ  साक्षात्कार में यह भी कहा कि स्टार्टअप के लिए एक बड़ा एलान किया गया है। 10 में से तीन साल के लिए कर लाभ प्राप्त करने के लिए उनके स्थापना की तारीख की समयसीमा और एक साल बढ़ाकर 31 मार्च, 2025 कर दी गई है।

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उन्होंने यह भी कहा कि मोबाइल कलपुर्जों पर सीमा शुल्क घटाकर 10 प्रतिशत करने का मकसद कर ढांचे को सरल बनाना, वर्गीकरण विवादों को कम करना तथा मोबाइल विनिर्माण में निवेश को और बढ़ावा देना है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने 2024-25 के अंतरिम बजट भाषण में कहा था कि जीएसटी करदाता आधार के साथ-साथ मासिक राजस्व इसके लागू होने के बाद से दोगुना हो गया है। चालू वित्त वर्ष के दौरान माल व सेवा कर (जीएसटी) संग्रह तीन महीने में 1.70 लाख करोड़ रुपये के पार पहुंचा। औसत कर संग्रह 1.67 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 
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2024-25 में जीएसटी संग्रह में लगभग 11 प्रतिशत की वृद्धि होने की उम्मीद है। यदि चालू वित्त वर्ष में औसत मासिक संग्रह 1.67 लाख करोड़ रुपये बना रहा तो अगले वित्त वर्ष में यह 11 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 1.80 से 1.85 लाख करोड़ रुपये मासिक संग्रह पर पहुंच सकता है। यह अगले वित्त वर्ष में जीएसटी संग्रह के लिए सामान्य बात होनी चाहिए। अगले वित्त वर्ष में, बजट में जीएसटी संग्रह 10.68 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान लगाया गया है, जो 2023-24 के 9.57 लाख करोड़ रुपये से 11.6 प्रतिशत अधिक है। 
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मोबाइल स्पेयर पार्ट्स के आयात पर शुल्क कटौती के बारे में मल्होत्रा ने कहा कि इससे करीब 500 करोड़ रुपये का राजस्व प्रभावित होगा। सरकार ने इस संबंध में 30 जनवरी को नोटिफिकेशन जारी किया है। मल्होत्रा ने कहा, "शुल्क में कटौती कराधान ढांचे और वर्गीकरण विवाद को सरल बनाती है क्योंकि कुछ मोबाइल पार्ट्स पर 15 फीसदी कर था, कुछ पर 10 फीसदी पर, कुछ मामलों में ओवरलैप थे, इसलिए विवादों से बचने के लिए हमने कर की दरों को घटाकर 10 प्रतिशत कर दिया है।" मल्होत्रा ने कहा कि भारत में मोबाइल का विनिर्माण बहुत अच्छे से हो रहा है और इस फैसले से देश में मोबाइल विनिर्माण क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।


सरकार ने अगले वित्त वर्ष में 2.31 लाख करोड़ रुपये के सीमा शुल्क संग्रह का लक्ष्य रखा है, जो चालू वित्त वर्ष के 2.19 लाख करोड़ रुपये से अधिक है। राजस्व पर इस फैसले से पड़ने वाले प्रभाव के बारे में उन्होंने कहा कि सीमा शुल्क राजस्व सकल कुल राजस्व का एक छोटा हिस्सा है। न तो सीमा शुल्क, राजस्व का प्राथमिक स्रोत है और न ही सीमा शुल्क का प्राथमिक उद्देश्य राजस्व इकट्ठा करना है। इसलिए राजस्व पर इसका असर बहुत कम होगा, जो कि 500 करोड़ रुपये से भी कम है।

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