फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Business ›   Business Diary ›   According to NABARD over 76 percent rural families increased their expenditure due to reduction in inflation

NABARD: महंगाई घटने से 76.6 फीसदी ग्रामीण परिवारों ने बढ़ाया खर्च, सरकारी मदद से भी मिली राहत

Fri, 01 Aug 2025 05:12 AM IST
दीपक कुमार शर्मा बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
बिजनेस डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Fri, 01 Aug 2025 05:12 AM IST
सार

राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के मुताबिक, ग्रामीण महंगाई मार्च के 3.25 फीसदी से कम होकर अप्रैल में 2.92 फीसदी और मई में 2.59 फीसदी रह गई। खाद्य महंगाई भी घटकर 1.36 फीसदी रह गई, जिससे वित्तीय सेहत सुधरी है। 20.6 फीसदी परिवारों ने कहा, उनकी बचत अधिक हो रही है।
 

विज्ञापन
According to NABARD over 76 percent rural families increased their expenditure due to reduction in inflation
नाबार्ड - फोटो : Social Media

विस्तार

महंगाई की चिंता कम होने से 76.6 फीसदी ग्रामीण परिवारों ने अपना खर्च बढ़ा दिया है। नाबार्ड के ग्रामीण आर्थिक स्थिति एवं भावना सर्वे (आरईसीएसएस) के मुताबिक, ग्रामीण आर्थिक स्थिति में तेजी के संकेत मिल रहे हैं। 78.4 फीसदी से अधिक परिवारों का मानना है कि मौजूदा महंगाई दर 5 फीसदी या उससे कम है, जो बेहतर मूल्य स्थिरता को दर्शाता है।

विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Report: बीएसई-100 कंपनियों में सीईओ का वेतन पांच वर्षों में 114% बढ़ा; एऑन की रिपोर्ट में दावा
विज्ञापन


राष्ट्रीय कृषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) के मुताबिक, ग्रामीण महंगाई मार्च के 3.25 फीसदी से कम होकर अप्रैल में 2.92 फीसदी और मई में 2.59 फीसदी रह गई। खाद्य महंगाई भी घटकर 1.36 फीसदी रह गई, जिससे वित्तीय सेहत सुधरी है। 20.6 फीसदी परिवारों ने कहा, उनकी बचत अधिक हो रही है। 52.6 फीसदी लोग ऐसे हैं, जिन्होंने सिर्फ औपचारिक संस्थानों से कर्ज लिया है। सर्वे में कहा गया है कि कर्ज के विभिन्न अनौपचारिक स्रोतों में मित्रों और रिश्तेदारों का हिस्सा साहूकारों से अधिक रहा। आशावाद के संबंध में 74.7 फीसदी लोगों को अगले वर्ष आय में वृद्धि की उम्मीद है। 56.2 फीसदी से अधिक लोगों को अल्पावधि में बेहतर रोजगार मिलने की उम्मीद है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Report: कीमतों में रिकॉर्ड तेजी से पांच साल में सबसे कम रह सकती है सोने की मांग; 2025 में घट सकती है बिक्री

सर्वे में कहा गया है, ये निष्कर्ष ग्रामीण भारत में बढ़ती आय, बढ़ते वित्तीय समावेशन और बढ़ते घरेलू आशावाद की उत्साहजनक तस्वीर पेश करते हैं। आय और खर्च के स्तर को केंद्र एवं राज्यों दोनों की ओर से कई राजकोषीय हस्तांतरण योजनाओं से मजबूती मिल रही है। इनमें भोजन, बिजली, रसोई गैस, खाद सब्सिडी और स्कूल की जरूरतों के लिए सहायता शामिल हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें कारोबार समाचार और Union Budget से जुड़ी ब्रेकिंग अपडेट। कारोबार जगत की अन्य खबरें जैसे पर्सनल फाइनेंस, लाइव प्रॉपर्टी न्यूज़, लेटेस्ट बैंकिंग बीमा इन हिंदी, ऑनलाइन मार्केट न्यूज़, लेटेस्ट कॉरपोरेट समाचार और बाज़ार आदि से संबंधित ब्रेकिंग न्यूज़
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed