Report: कीमतों में रिकॉर्ड तेजी से पांच साल में सबसे कम रह सकती है सोने की मांग; 2025 में घट सकती है बिक्री
स्वर्ण आभूषणों की मांग दूसरी तिमाही में 17 फीसदी घटकर 88.8 टन रही। 2024 की समान तिमाही में यह 106.5 टन थी। हालांकि, मूल्य के आधार पर आभूषणों की मांग 20 फीसदी बढ़कर 80,150 करोड़ रुपये पहुंच गई। एक साल पहले की समान तिमाही में यह 66,810 करोड़ रुपये थी।
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कीमतों में रिकॉर्ड तेजी से देश में 2025 में सोने की मांग पांच साल के निचले स्तर पर पहुंच सकती है। हालांकि, इससे सोने की निवेश मांग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। विश्व स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट के मुताबिक, आभूषणों की कम खरीदारी से इस साल सोने की मांग 600 से 700 टन के बीच रह सकती है, जो 2020 के बाद सबसे कम है। 2024 में मांग 802.8 टन रही थी।
डब्ल्यूजीसी के क्षेत्रीय सीईओ (भारत) सचिन जैन ने कहा, जनवरी से जून तक सोने की कुल मांग करीब 253 टन रही। अगर कीमत के स्तर पर स्थिरता रही, तो इस साल मांग 700 टन के ऊपरी स्तर पर पहुंच सकती है। हालांकि, वैश्विक अनिश्चितता और अन्य वजहों से अगर कीमतें 10-15 फीसदी बढ़ती हैं, तो सोने की मांग में गिरावट आ सकती है। घरेलू बाजार में सोने की कीमतें इस साल अब तक 28 फीसदी बढ़ी हैं। जून में यह 1,01,078 रुपये प्रति 10 ग्राम की रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी।
स्वर्ण आभूषणों की मांग में 17 फीसदी की गिरावट
- स्वर्ण आभूषणों की मांग दूसरी तिमाही में 17 फीसदी घटकर 88.8 टन रही। 2024 की समान तिमाही में यह 106.5 टन थी। हालांकि, मूल्य के आधार पर आभूषणों की मांग 20 फीसदी बढ़कर 80,150 करोड़ रुपये पहुंच गई। एक साल पहले की समान तिमाही में यह 66,810 करोड़ रुपये थी।
- सोने की निवेश मांग 7 फीसदी बढ़कर 46.1 टन रही। मूल्य में यह 54 फीसदी बढ़कर 41,650 करोड़ पहुंच गई।
- गोल्ड रिसाइकिल मांग एक फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 23.1 टन रही।
सुरक्षित संपत्ति के रूप में आकर्षण कायम
सचिन जैन ने कहा, मूल्य के हिसाब से दूसरी तिमाही में मांग बढ़ना दर्शाता है कि सुरक्षित संपत्ति के रूप में सोने की मांग कायम है। ये आंकड़े उपभोक्ताओं के बीच दीर्घकालिक मूल्य भंडार के रूप में सोने के प्रति गहरी रणनीतिक प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।
वैश्विक स्तर पर तीन फीसदी बढ़ी मांग
डब्ल्यूजीसी के मुताबिक, सोने की वैश्विक मांग दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर तीन फीसदी बढ़कर 1,249 टन पहुंच गई। गोल्ड ईटीएफ में निवेश की कुल मांग में महत्वपूर्ण भूमिका रही। सोने के बिस्कुट और सिक्के में निवेश भी 11 फीसदी बढ़कर 307 टन पहुंच गया। दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने सोने की खरीदारी जारी रखी है। दूसरी तिमाही में पोलैंड, तुर्किये और अजरबैजान के केंद्रीय बैंकों ने कुल 166 टन सोने की खरीदारी की है।
दूसरी तिमाही में 10 फीसदी गिरावट
रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल की दूसरी तिमाही (अप्रैल-जून) में सोने की मांग सालाना आधार पर 10 फीसदी घटकर 134.9 टन रही। एक साल पहले की समान तिमाही में यह 149.7 टन थी। हालांकि, मूल्य के लिहाज से मांग 93,850 करोड़ से 30 फीसदी बढ़कर 1,21,800 करोड़ रुपये पहुंच गई। सोने का आयात 34 फीसदी घटकर 102.5 टन रहा, जबकि 2024 की समान तिमाही में 150 टन था।