पांच दिन में डूबे चार लाख करोड़, लोकसभा चुनाव में शेयर बाजार की गिरावट दे रही है बड़ा संकेत
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पिछले पांच दिन में शेयर बाजार में निवेशकों के चार लाख करोड़ से अधिक रुपये डूब चुके हैं। हालांकि इस पर सबसे बड़ा असर तो अमेरिका व चीन के बीच व्यापार युद्ध शुरू होने की आशंका है लेकिन इस गिरावट में एक बड़ा कारण फिलहाल देश में चल रहे लोकसभा चुनाव भी हैं।
शेयर बाजार फिलहाल अप्रैल के स्तर पर ही कारोबार कर रहा है। चुनाव शुरू होने से पहले मार्केट 39 हजार के स्तर के पार चला गया था, लेकिन फिलहाल यह 38 हजार के स्तर पर बना हुआ है। फिलहाल निवेशक अपना पैसा निकालने में लगे हुए हैं। ऐसे में यह सभी संकेत राजनीतिक तौर पर भी कुछ कहना चाह रहे हैं।
लोकसभा चुनाव के पांच चरण पूरे
लोकसभा चुनाव के पांच चरण पूरे हो चुके हैं। फिलहाल देश की 70 फीसदी से अधिक सीटों पर मतदान हो चुका है। अब केवल दो चरण बचे हैं जिनमें 118 सीटें पर 12 और 19 मई को वोट डाले जाएंगे।
यह सीटें हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, दिल्ली, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश,बिहार और बंगाल में हैं। चौथा चरण 29 अप्रैल को था। उस दिन से लेकर सात मई तक शेयर बाजार में कुछ खास इजाफा देखने को नहीं मिला है। शेयर बाजार में निवेशक पिछले पांच दिन में लाखों करोड़ रुपये डूबा चुके हैं।
26 अप्रैल के बाद ऐसा रहा बाजार का हाल
बीएसई में शामिल कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (एमकैप) 1,53,08,828.49 करोड़ रुपये से घटकर 1,49,15,303.68 करोड़ रुपये रह गया। गत 26 अप्रैल के बाद से बीएसई में गिरावट का दौर जारी है, जिसके कारण कंपनियों को इन पांच दिनों में 3,93,524.81 करोड़ रुपये की चपत लगी है।
गत सप्ताह कारोबार के पहले दिन यानी सोमवार को बाजार में कारोबार बंद था, क्योंकि मुंबई में चुनाव था। मंगलवार को एमकैप घटकर 1,52,54,028.06 करोड़ रुपये रह गया।
बुधवार के अवकाश के बाद गुरुवार को फिर एमकैप घटकर 1,52,09,721.43 करोड़ रुपये रह गया। शुक्रवार को यह 1,51,62,013.20 करोड़ रुपये रहा। इस सप्ताह की शुरुआत भी गिरावट के साथ हुई।
सोमवार को एमकैप घटकर 1,50,37,619.49 करोड़ रुपये और मंगलवार को घटकर 1,49,15,303.68 करोड़ रुपये रह गया। इस अवधि में सेंसेक्स में 755 अंकों की गिरावट दर्ज की गई है।
यह रही गिरावट की वजह
सेंट्रम ब्रोकिंग के वरिष्ठ वाइस प्रेसिडेंट और हेड ऑफ रिसर्च (वेल्थ) जगन्नाधम थुनूगुंटला ने कहा कि अमेरिका-चीन के बीच व्यापार वार्ता और कॉरपोरेट अर्निंग सत्र के कारण पिछले कुछ दिनों से भारतीय बाजार अस्थिर रहा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को कहा था कि वह 200 अरब डॉलर की चीनी वस्तुओं पर शुल्क बढ़ा सकता है, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ी है।
वहीं केडिया कमोडिटी के निदेशक अजय केडिया ने बताया कि चुनाव के पांच चरण पूरे हो जाने के बाद निवेशकों में खलबली मची हुई है। निवेशक बड़ी मात्रा में बिकवाली कर रहे हैं, इस वजह से भी कंपनियों का बाजार पूंजीकरण लगातार घट रहा है। फिलहाल निवेशक नया पैसा लगाने को तैयार नहीं हैं। इसके लिए चुनाव के दौरान पैदा हुई आशंका है, जिसको दरकिनार नहीं किया जा सकता है।