आपने ड्रैकुला का नाम तो सुना ही होगा। वही ड्रैकुला जो इंसानों का खून पीता था। मशहूर लेखक ब्राम स्टोकर के उपन्यास का भयानक किरदार। चलिए आज आप को ड्रैकुला के देश की सैर पर ले चलते हैं। ड्रैकुला उपन्यास, पूर्वी यूरोप के ट्रांसिल्वेनिया इलाके पर आधारित था। वहां के एक राजा व्लाड टेपेस पर एक एतिहासिक किताब लिखी गई थी। ब्राम स्टोकर ने उसी राजा के पिता व्लाड ड्रैकुल की शख्सियत पर ड्रैकुला का किरदार रचा था।
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : Pixabay
ड्रैकुला बिल्कुल ही फंतासी किरदार था, मगर उसका डर उन्नीसवीं सदी से शुरू हुआ तो आज तक यूरोप के एक बड़े हिस्से की आबादी पर कायम है। उस दौर के ट्रांसिल्वेनिया इलाके का एक बड़ा हिस्सा आज के यूरोपीय देश रोमानिया में पड़ता है, जहां लोग आज भी ड्रैकुला और दूसरे शैतानों से डरते हैं। उनसे बचने के तरीके आजमाते हैं।
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आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे कि ड्रैकुला के डर से रोमानिया के लोगों को बचाता है- लहसुन। जी हां, लहसुन की मदद से रोमानियाई लोग ड्रैकुला के डर को दूर भगाते हैं। लहसुन हिंदुस्तान के खान-पान का एक अहम हिस्सा है। कुछ लोगों के यहां तो इसके बिना खाना ही नहीं बनता। वहीं कुछ लोग धार्मिक वजह से इसे नहीं खाते। बहुत से लोगों को इसकी महक से परेशानी होती है, लेकिन ये बात सब मानते हैं कि लहसुन सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है।
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रोमानिया में भी लहसुन को लेकर हिंदुस्तान जैसा ही क्रेज है। यहां बड़े पैमाने पर लहसुन की खेती और इसका इस्तेमाल होता है। रोमानिया की लोक कथाओं में लहसुन को काफी अहमियत दी जाती है। ये बुरी आत्माओं से लोगों को बचाने का काम करता है। पूर्वी यूरोप में तो भूत-प्रेतों की बहुत-सी लोक कथाएं हैं। इन सभी कहानियों में नापाक रूहों से निजात का जरिया लहसुन को बताया गया है।
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रोमानिया
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रोमानिया में तो सदियों से ये माना जाता रहा है कि अगर आपके घर पर किसी तरह की कोई परेशानी है, तो अपने घर में लहसुन रख लीजिए, आपकी तमाम दिक्कतें दूर हो जाएंगी। यहां के लोग घर के दरवाजों और खिड़कियों पर लोग लहसुन की मालाएं बनाकर लटकाते हैं, ताकि बुरी आत्माओं से उनकी हिफाजत होती रही। खांसी-नजले जैसी बीमारियां ठीक करने में भी लहसुन काफी कारगर होता है।