आज के समय में एनाकोंडा को ही दुनिया के सबसे बड़े सांपों में गिना जाता है, क्योंकि ये कई फीट लंबे और विशालकाय होते हैं, जो किसी बकरी या हिरण को भी सीधे निगल जाने की क्षमता रखते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि डायनासोर के काल में पाए जाने वाले टाइटेनोबोआ नाम के सांप एनाकोंडा से भी कई गुना विशाल होते थे। टाइटेनोबोआ को धरती पर मौजूद अब तक का सबसे बड़ा सांप माना जाता है और इसी वजह से इन्हें 'मॉन्सटर (दैत्य) स्नेक' भी कहा जाता है।
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टाइटेनोबोआ सांप (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : Social media
वैसे तो यह माना जाता है कि डायनासोर काल के सभी विशाल जीव-जंतु 6.6 करोड़ साल पहले धरती पर उल्कापिंड गिरने की वजह से मारे गए थे, लेकिन साल 2018 में अमेरिका के कुछ वैज्ञानिकों ने ये दावा कर सबको चौंका दिया था कि टाइटेनोबोआ सांप आज भी जिंदा हैं। यह इतना बड़ा है कि किसी बड़े मगरमच्छ को भी निगल सकता है।
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दरअसल, टाइटेनोबोआ को भी डायनासोर के साथ ही विलुप्त मान लिया गया था, लेकिन वैज्ञानिक मानते हैं कि दुनिया की सबसे बड़ी नदी 'अमेजन नदी' में ये दैत्यरूपी जीव आज भी रह रहा है। माना जाता है कि यह सांप करीब 50 फीट लंबा और चार फीट चौड़ा है।
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टाइटेनोबोआ सांप के जीवाश्म (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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माना जाता है कि टाइटेनोबोआ सांप का वजन करीब 1500 किलो होता था। साल 2009 में कोलंबिया में खुदाई के दौरान इस विशालकाय सांप के कई जीवाश्म मिले थे। जीवाश्म की जांच की गई और उसके आधार पर यह अनुमान लगाया गया कि उस सांप की लंबाई करीब 42 फीट और वजन 1100 किलो के करीब रहा होगा।
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अब आप सोच रहे होंगे कि इस विशालकाय सांप का नाम आखिर 'टाइटेनोबोआ' ही क्यों रखा गया? दरअसल, इस सांप का नाम टाइटेनिक जहाज के नाम पर रखा गया है, क्योंकि टाइटेनोबोआ भी टाइटेनिक जहाज की तरह ही विशाल था और प्रागैतिहासिक काल में मौजूद सभी सांपों में यह सबसे बड़ा था।