फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें

एक ऐसा तेल, जिसे माना जाता है जादुई, इस देश ने कहा- यह खुदा का तोहफा है

Thu, 30 Jul 2020 11:09 AM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Thu, 30 Jul 2020 11:09 AM IST
विज्ञापन
Palm oil is considered magical malaysia says it is God gift
पाम के फल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

दुनियाभर में पाम ऑयल के इस्तेमाल के खिलाफ हो रही लामबंदी को देखते हुए मलेशिया ने एक नया नारा दिया है, 'पाम ऑयल खुदा का तोहफा है।' मलेशिया दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा पाम तेल उत्पादक और निर्यातक देश है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, मलेशिया के एक सरकारी अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि पर्यावरण पर पाम तेल के नकारात्मक असर की चौतरफा हो रही आलोचना को देखते हुए उनका देश अब इस नारे का अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस्तेमाल करेगा। पिछले हफ्ते ही मलेशिया ने राष्ट्रीय स्तर पर इस स्लोगन की शुरुआत की थी। देश के बागबानी उद्योग और कमोडिटी मामलों के उपमंत्री विली मॉन्गिन ने मंगलवार को संसद में बताया था, 'सरकार इस नारे का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचार करने के लिए प्रतिबद्ध है।' 

Palm oil is considered magical malaysia says it is God gift
पाम के फल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

'लव माई पाम ऑयल'

'पाम ऑयल खुदा का तोहफा है' के स्लोगन से पहले मलेशिया में इसके प्रचार के लिए पिछले साल 'लव माई पाम ऑयल' का नारा दिया गया था। अंतरराष्ट्रीय आलोचनाओं के बीच इस नारे का मकसद था कि मलेशिया के पाम तेल को लेकर नागरिकों के मन में गर्व का भाव मजबूत हो। दुनियाभर में होने वाले पाम ऑयल के कुल उत्पादन का 28 फीसदी मलेशिया में तैयार होता है। पाम ऑयल के ग्लोबल मार्केट में मलेशिया की हिस्सेदारी 33 फीसदी है। 

यूरोपीय संघ पाम ऑयल का बड़ा खरीदार है और वहां इस तेल के खिलाफ एक लॉबी सक्रिय हो रही है। मलेशिया की कोशिश इस मुहिम को नाकाम करने की है। पिछले साल यूरोपीय संघ ने फैसला किया था कि साल 2030 तक गैर-परंपरागत ऊर्जा क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट फ्यूल के तौर पर पाम ऑयल के इस्तेमाल को चरणबद्ध तरीके से खत्म किया जाएगा।  

Palm oil is considered magical malaysia says it is God gift
पाम के फल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

यूरोपीय संघ की पाबंदी

यूरोपीय संघ में रिफाइंड वनस्पति तेल जिसमें पाम ऑयल भी शामिल है, के लिए अलग से खाद्य सुरक्षा मापदंड लागू किए जाने की भी संभावना है। पाम ऑयल दुनियाभर में इस्तेमाल होने वाले वनस्पति तेलों में से एक है, जिसका इस्तेमाल बड़ी अंतरराष्ट्रीय कंपनियां खाने-पीने की चीजों से लेकर लिपस्टिक और डिटरजेंट बनाने में करती हैं। पर्यावरण समूहों का कहना है कि पाम की खेती के लिए जंगलों की बड़े पैमाने पर कटाई हो रही है और अस्तित्व के संकट से जूझ रहे जानवरों के मारे जाने का खतरा पैदा हो गया है। 

दुनिया के सबसे बड़े पाम ऑयल उत्पादक और निर्यातक देश इंडोनेशिया की तरह मलेशिया भी विश्व व्यापार संगठन में पाम ऑयल से तैयार होने वाले बॉयो फ्यूल पर पाबंदी लगाने के मुद्दे पर यूरोपीय संघ के खिलाफ केस फाइल करने की तैयारी कर रहा है। पाम ऑयल मलेशिया का चौथा प्रमुख एक्सपोर्ट प्रोडक्ट है। मलेशिया में पाम उद्योग 60 अरब डॉलर के बराबर है। 

विज्ञापन
विज्ञापन
Palm oil is considered magical malaysia says it is God gift
पाम के फल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

पाम तेल का इस्तेमाल

पाम तेल रोजाना की जरूरतों में शामिल हो चुका है। हो सकता है आज आपने शैंपू में इसका इस्तेमाल किया हो या फिर नहाने के साबुन में। टूथपेस्ट में या फिर विटामिन की गोलियों और मेकअप के सामान में। किसी न किसी तरह आपने पाम तेल का इस्तेमाल जरूर किया होगा। 

जिन वाहनों में आप सफर करते हैं, वो बस, ट्रेन या कार जिस तेल से चलती हैं, उनमें पाम तेल भी होता है। डीजल और पेट्रोल में बायोफ्यूल के अंश शामिल होते हैं जो मुख्य तौर पर पाम तेल से ही मिलते हैं। यही नहीं, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जिस बिजली से चलते हैं, उसे बनाने के लिए भी ताड़ की गुठली से बने तेल को जलाया जाता है। ये दुनिया का सबसे लोकप्रिय वेजिटेबल तेल है और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले कम से कम 50 फीसदी उत्पादों में मौजूद होता है। साथ ही औद्योगिक प्रयोगों में भी इसका इस्तेमाल अहम है।  

विज्ञापन
Palm oil is considered magical malaysia says it is God gift
पाम के फल (प्रतीकात्मक तस्वीर) - फोटो : Pixabay

वैश्विक उत्पादन

साल 2018 में किसानों ने वैश्विक बाजार के लिए करीब 7.70 करोड़ टन पाम तेल का उत्पादन किया और साल 2024 तक इसके 10.76 करोड़ टन तक पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है, लेकिन पाम तेल की बढ़ती मांग और इसके लिए अधिक से अधिक पेड़ लगाने की वजह से इंडोनेशिया और मलेशिया में जंगलों को लगातार खत्म किए जाने के आरोप भी लगते रहे हैं। यही नहीं जंगलों के खत्म होने से यहां के मूल जंगली जीव जैसे ओरंगुटान भी प्रभावित हो रहे हैं और कई अन्य प्रजातियां भी संकट में हैं। 

अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed