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आखिर इस होटल की पांचवीं मंजिल पर जाना क्यों है मना? बड़ा गहरा है रहस्य

Fri, 06 Mar 2020 04:59 PM IST
सोनू शर्मा फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
फीचर डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: सोनू शर्मा Updated Fri, 06 Mar 2020 04:59 PM IST
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Mystery of North Korea Yanggakdo Hotel fifth floor Where restricted to go
यंगाकडो होटल, उत्तर कोरिया - फोटो : Social media

उत्तर कोरिया अपने आप में कई रहस्य समेटे हुए है। न तो यहां के लोगों को बाकी दुनिया की बातें पता होती हैं और न ही बाकी दुनिया को इस देश की बातें। कुल मिलाकर उत्तर कोरिया को दुनिया एक रहस्यमय देश के तौर पर ही जानती है। यूं तो आमतौर पर किसी भी होटल के किसी भी फ्लोर पर जाने की मनाही मेहमानों को नहीं होती है, लेकिन उत्तर कोरिया में एक ऐसा होटल है, जहां की पांचवीं मंजिल पर किसी का भी जाना मना है। इसके पीछे एक गहरा रहस्य छुपा हुआ है। 

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यंगाकडो होटल, उत्तर कोरिया - फोटो : Social media

उत्तर कोरिया के इस होटल का नाम है यंगाकडो होटल, जो यहां की राजधानी प्योंगयांग में है। यह होटल उत्तर कोरिया का सबसे बड़ा होटल है और साथ ही यहां की सातवीं या आठवीं सबसे ऊंची इमारत। यह ताएडॉन्ग नदी के बीच में स्थित यांगाक आइलैंड (द्वीप) पर बना हुआ है। 

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यंगाकडो होटल, उत्तर कोरिया - फोटो : Social media

47 मंजिला यंगाकडो होटल में कुल 1000 कमरे हैं। इसमें चार रेस्टोरेंट, एक बाउलिंग एले और एक मसाज पॉर्लर भी है। यह होटल उत्तर कोरिया का पहला लग्जरी होटल है, जिसमें एक कमरे का किराया करीब 25 हजार रुपये है। यह छह साल में बनकर तैयार हुआ है। इसका निर्माण कार्य साल 1986 में शुरू हुआ था और 1992 में बनकर तैयार हो गया था। इसे फ्रांस की कैंपेनन बर्नार्ड कंस्ट्रक्शन कंपनी ने बनाया था, जिसे साल 1996 में आम लोगों के लिए खोला गया था।

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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Social media

कहते हैं कि इस होटल की लिफ्ट में पांचवीं मंजिल का बटन ही नहीं है। यानी इसका साफ-साफ मतलब है कि लोग बाकी की किसी भी मंजिल पर जा सकते हैं, लेकिन पांचवीं मंजिल पर नहीं। इसको लेकर उत्तर कोरिया ने बेहद ही कड़े और सख्त नियम बनाए हैं, जिसके मुताबिक अगर कोई विदेशी नागरिक पांचवीं मंजिल पर जाता है तो उसे यहां की जेल में हमेशा-हमेशा के लिए सड़ना भी पड़ सकता है।  

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ओट्टो वार्मबियर - फोटो : Social media

साल 2016 में ओट्टो वार्मबियर नाम का एक अमेरिकी छात्र यंगाकडो होटल की पांचवीं मंजिल पर चला गया था, जिसके बाद उत्तर कोरिया की पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया था आरोप था कि उन्होंने होटल की पांचवीं मंजिल पर लगा एक पोस्टर उखाड़ा था। इसके बाद वहां ओट्टो वार्मबियर के खिलाफ मुकदमा चला और उन्हें 15 साल कैद की सजा सुनाई गई। कहते हैं कि पूछताछ के दौरान उन्हें बहुत टॉर्चर किया गया था। हालांकि बाद में उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन अमेरिका लौटने के बाद वो कोमा में चले गए और जून 2017 में उनकी मौत हो गई। 

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