फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bizarre News ›   chhatrapti shivaji maharaj interesting facts about shivaji maharaj Sindhudurg Fort

Shivaji Maharaj: शिवाजी महाराज ने 16 साल की उम्र में जीता था पहला युद्ध, जानिए क्यों बनवाया था सिंधुदुर्ग किला

Sat, 31 Aug 2024 07:21 PM IST
धर्मेंद्र सिंह फीचर डेस्क, अमर उजाला
फीचर डेस्क, अमर उजाला Published by: धर्मेंद्र सिंह Updated Sat, 31 Aug 2024 07:21 PM IST
सार

छत्रपति शिवाजी महाराज ने साल 1674 में पश्चिमी भारत में मराठा साम्राज्य की स्थापना की थी। इसके साथ ही उन्होंने समुद्री जंग के लिए नौसेना भी बनाई थी। छत्रपति शिवाजी महाराज ने गोवा से लेकर कोंकण तक समुद्री किनारों पर मजबूत नौसेना तैनात की थी।

विज्ञापन
chhatrapti shivaji maharaj interesting facts about shivaji maharaj Sindhudurg Fort
शिवाजी महाराज ने 16 साल की उम्र में जीता था पहला युद्ध - फोटो : X/@Sumita327

विस्तार

Chhatrapati Shivaji Maharaj: वर्तमान समय में छत्रपति शिवाजी महाराज को लेकर महाराष्ट्र की राजनिति गर्मा गई है। दरअसल, सिंधुदुर्ग के राजकोट किले में स्थापित की गई छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा गिर गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिंधुदुर्ग जिले में 4 दिसंबर, 2023 को नौसेना दिवस पर छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा का अनावरण किया था। आज हम आपको शिवाजी महाराज की रोचक कहानी के बारे में बताते हैं...

विज्ञापन


छत्रपति शिवाजी महाराज ने साल 1674 में पश्चिमी भारत में मराठा साम्राज्य की स्थापना की थी। इसके साथ ही उन्होंने समुद्री जंग के लिए नौसेना भी बनाई थी। छत्रपति शिवाजी महाराज ने गोवा से लेकर कोंकण तक समुद्री किनारों पर मजबूत नौसेना तैनात की थी, जिससे इन बंदरगाहों से सुरक्षित व्यापार किया जा सके। शिवाजी की नौसेना इतनी शक्तिशाली थी कि ब्रिटिश, पुर्तगाली और डच सेनाओं को हरा देती थी। शिवाजी ने जंगी जहाजों के अलावा कल्याण, भिवंडी और गोवा में जहाज भी बनवाते थे। तट पर ही इन जहाजों की मरम्मत के लिए उन्होंने कई समुद्री किले भी बनवाए। इन्हीं किलों में से सिंधुदुर्ग भी एक है। 
विज्ञापन


शिवाजी ने 16 साल की उम्र में जीता था पहला युद्ध

छत्रपति शिवाजी महाराज एक नौसैनिक रणनीतिकार थे। इसके अलावा वह किले की लड़ाई में माहिर थे। शिवाजी महाराज ने 16 साल से कम उम्र में बीजापुर के तोरणा किले को जीता था। इस किले की वजह से बीजापुर की आदिलशाही सल्तनत के गवर्नर अफजल खान से लड़ाई हुई थी। उन्होंने बघनख से अफजल खान को मौत के घाट उतारकर सबको हैरान कर दिया था। शिवाजी ने 35 साल की उम्र में ही 300 से अधिक किलों पर विजय हासिल कर ली थी। इन किलों की जमीनी और समुद्री रक्षा में अहम भूमिका रही। साल 1674 में शिवाजी को औपचारिक रूप से मराठा साम्राज्य का राजा बनाया गया है। उन्होंने अपने साम्राज्य का विस्तार करते हुए वर्तमान महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु के महत्वपूर्ण हिस्सों को शामिल किया।
विज्ञापन
विज्ञापन


Viral Optical Illusion: तस्वीर में 89 के बीच लिखा है 98, 12 सेकेंड में खोजने वाला कहलाएगा जीनियस


समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए बनवाए थे किले

शिवाजी महाराज ने समुद्री सीमाओं की रक्षा के लिए किलों का निर्माण कराया था। इसमें से एक महाराष्ट्र के मालवन तट पर स्थित सिंधुदुर्ग किला भी है, जो एक बेहद अहम नौसैनिक अड्डा भी था। उन्होंने कोंकण तटरेखा की रक्षा के लिए इस किले को बनाया था। इसी तरह उन्होंने कई नौसैनिक किलों का निर्माण कराया था। छत्रपति शिवाजी ने 25 नवंबर, 1664 को सिंधुदुर्ग किले की नींव रखी थी। यह किला करीब 48 एकड़ में फैला है, जिसकी ऊंचाई 30 फीट है। तीन हजार से ज्यादा मजदूरों ने इस किले का निर्माण किया था। इस किले को डच, फ्रांसीसी और पुर्तगालियों के हमले को रोकने के लिए बनाया गया था। 

Science News: अंतरिक्ष में इस चीज को देख वैज्ञानिक हुए हैरान, तेज रफ्तार से हमारी आकाशगंगा से जा रही बाहर

1654 में रखी थी मराठा नौसैनिक अड्डे की पहली नींव

शिवाजी महाराज ने मराठा नौसैनिक अड्डे की पहली नींव 1654 में रखी थी। उन्होंने कई नौसैनिक अड्डों का निर्माण कराया। इसके अलावा एक बेड़ा बनाया जिसमें 20 युद्धपोत शामिल थे, जो हर समय के युद्ध के लिए तैयार थे। शिवाजी के बेड़े में करीब 500 जंगी जहाज शामिल हो गए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all Bizarre News in Hindi related to Weird News - Bizarre, Strange Stories, Odd and funny stories in Hindi etc. Stay updated with us for all breaking news from Bizarre and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed