Mandsaur News: कपड़े की दुकान पर सेठ बनकर बैठती है गाय; अभी तक नहीं टूटा वर्षों का यह नियम
दुकान संचालक का कहना है कि यह गाय जब पांच छह महीने की थी तबसे दुकान पर आकर बैठती है। आज जब यह बछड़े की मां बन गई है, तब भी यह गाय रोजाना आकर दुकान की गद्दी पर बैठती है। उन्होंने कहा कि इस गौ माता ने कभी किसी को परेशान नहीं किया और न ही कभी यहां गंदगी की।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
यूं तो अपने गाय को स्वच्छंद घूमते हुए, गोशाला में या किसानों द्वारा गाय को पालते हुए ही देखा होगा। लेकिन अगर गाय कहीं सेठ जी के रूप में किसी दुकान पर आकर बैठे तो आप क्या कहेंगे। है न अजब गजब। मंदसौर में शनिवार को ऐसा ही एक वाकया हुआ। शहर के भीड़-भाड़ वाले क्षेत्र सदर बाजार में नानालाल मांगीलाल पोरवाल की कपड़े की दुकान स्थित है। जहां एक गाय पिछले कई सालों से इस दुकान में आकर सेठ की जगह बैठती है। डेढ़ से दो घंटे बैठने के बाद खुद ही उठ कर चली जाती है। आश्चर्य की बात तो यह है कि यह गाय अपने नियत स्थान पर बैठती है। वहां वह न तो गंदगी करती है और न ही किसी को परेशान करती है। यह लोगों के लिए कौतूहल का विषय बना हुआ है।
छह महीने की उम्र से दुकान पर आकर बैठ रही गाय
दुकान संचालक कुशलचंद्र सहरावत का कहना है कि यह गाय जब पांच छह महीने की थी तबसे दुकान पर आकर बैठती है। आज जब यह बछड़े की मां बन गई है, तब भी यह गाय रोजाना आकर दुकान की गद्दी पर बैठती है। उन्होंने कहा कि इस गौ माता ने कभी किसी को परेशान नहीं किया और न ही कभी यहां गंदगी की। यह अपनी मर्जी से आती है और एक दो घंटे बैठकर चली जाती है। इस दौरान दुकान पर ग्राहकों का आना-जाना भी लगा रहता है। लेकिन किसी को कोई परेशानी नहीं होती।
गाय को लक्ष्मी जी का चमत्कार मान रहे दुकान संचालक
दुकान संचालक का कहना है कि यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। हम भी इस गौ माता को लक्ष्मी जी का चमत्कार मानते हैं। तभी यह गौ माता हमारी दुकान में बिना किसी को नुकसान पहुंचाए रोजाना आकर बैठती है और चली जाती है। जबसे इस गौ माता ने हमारी दुकान में आकर बैठना शुरू किया है, तबसे हमने कभी इसको भगाने का भी प्रयास नहीं किया।