{"_id":"7b3314d0-4f20-11e2-9941-d4ae52bc57c2","slug":"women-more-safe-in-bihar","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार में अधिक सुरक्षित हैं महिलाएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार में अधिक सुरक्षित हैं महिलाएं
पटना/इंटरनेट डेस्क
Updated Wed, 26 Dec 2012 11:22 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजधानी दिल्ली में हुये सामूहिक दुष्कर्म कांड के बाद पूरे देश में महिलओं की सुरक्षा का मुद्दा गरमाया हुआ है। बिहार में भी महिलाओं की सुरक्षा पर सवाल खड़े हुये हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के आंकड़ों के अनुसार बिहार में इस साल अक्तूबर तक 826 महिलओं से दुष्कर्म की घटनायें हो चुकी हैं। छेड़खानी की 444 और दहेज हत्या की 1105 घटनाएं हुई हैं।
विज्ञापन
हालांकि, आंकड़ों के ही अनुसार बिहार आबादी के आधार पर बलात्कार की घटनाओं में खासकर दिल्ली, आंध्र प्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और राजस्थान से पीछे है। दिल्ली की आबादी करीब सवा करोड़ है और यहां 2011 में बलात्कार की 572 घटनाएं दर्ज की गयीं, वहीं 10.38 करोड़ आबादी वाले बिहार में 2011 में दुष्कर्म के 934 मामले दर्ज किये गये हैं।
विज्ञापन
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हाल के दिनों में दुष्कर्म की घटनाएं बढ़ी हैं। साल 2010 में इनमें कमी जरूर आई थी, लेकिन 2011 में इसमें बढ़ोतरी हुई है। इस वर्ष नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो की जो रिपोर्ट 2011 के संबंध में आई है, उसके अनुसार बलात्कार के मामलों में पूरे देश में बिहार का स्थान 11 वां है। इस साल अब तक दुष्कर्म की सबसे ज्यादा 66 घटनाएं कटिहार में दर्ज की गयीं। दूसरे नंबर पर अररिया में 49 घटनाएं हुईं। पटना में 40 मामले दर्ज किये गये। राज्य में महिला मामलों की तेजी से सुनवाई के लिए कोई विशेष अदालत भी उपलब्ध नहीं है।
विज्ञापन
बिहार में दहेज को लेकर महिलाओं की हत्याएं भी लगातार हो रही हैं। अक्टूबर 2012 तक का जो आंकड़ा पुलिस मुख्यालय के पास है उसके अनुसार अब तक 1105 महिलाओं की दहेज हत्या रिपोर्ट की जा चुकी है। एनसीआरबी की रिपोर्ट में पिछले साल बिहार का स्थान पूरे देश में दूसरे नंबर पर रहा। इस मामले में बिहार की हिस्सेदारी 16.4 प्रतिशत रही। पहला स्थान उत्तर प्रदेश का है जिसके हिस्सेदारी इस तरह के कांड में 26.9 प्रतिशत है।