जदयू क्या करे?: JDU नेता बलियावी ने हजारीबाग में दिया बयान, तेजस्वी ने पटना में दिया जवाब- कट्टरपंथ नहीं चलेगा
After Ramcharitmanas, its Karbala issue: जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व MLC गुलाम रसूल बलियावी ने शहरों को कर्बला बनाने के विवाद पर राजद ने तत्काल जवाब दे दिया। राजद की ओर से बयान देने के लिए अधिकृत तेजस्वी ने कहा- कट्टरपंथ नहीं चलेगा। किसने क्या कहा?
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राष्ट्रीय जनता दल कोटे से शिक्षा मंत्री प्रो. चंद्रशेखर ने रामचरितमानस पर विवाद खड़ा किया तो जदयू को बोलने में समय लगा, लेकिन जब धार्मिक विवाद वाला बयान जदयू नेता की ओर से आया तो उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने तत्काल जवाब दे डाला। जदयू के वरिष्ठ नेता और पूर्व MLC गुलाम रसूल बलियावी ने झारखंड के हजारीबाग में एक सभा के दौरान कहा था कि "मुझे जितनी गालियां देनी है दे दो, लेकिन अगर मेरे आका की इज्जत पर हाथ डालोगे तो उनकी इज्जत के लिए शहरों को हम कर्बला बना देंगे।” उनके इस बयान पर लोगों ने साथ दिया- "कोई रियायत नहीं होगी।" इसके बाद भी वह नहीं रुके, बोलने लगे कि "एक बार नवी के नाम के झंडे लेकर निकलो और बता दो कि हम राख हुए हैं, मगर आग बुझी नहीं।" तेजस्वी शनिवार को इन बयानों पर सीधी प्रतिक्रिया दी- "कट्टरपंथ नहीं चलेगा।"
सुधाकर को नोटिस के बाद पहली बार जगदानंद से मिले तेजस्वी
तेजस्वी ने शनिवार को राजद दफ्तर में प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह से मुलाकात भी की और पार्टी के विभिन्न मुद्दों पर बात भी। प्रदेश अध्यक्ष के बेटे और पूर्व मंत्री सुधाकर सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद यह तेजस्वी और जगदानंद सिंह के बीच पहली मुलाकात थी। सुधाकर सिंह के मुद्दे पर तेजस्वी ने कुछ नहीं कहा, लेकिन जब बलियावी के बयान पर बात करने की कोशिश की गई तो एक लाइन में जवाब दिया कि कट्टरपंथ नहीं चलेगा। कट्टरपंथ को लेकर राजद के इस बयान के बाद जदयू असहज तो है, लेकिन वह गुलाम रसूल बलियावी के साथ भी खड़ा नहीं हो रहा है और न तेजस्वी के बयान पर प्रतिक्रिया दे रहा है।
बलियावी अपनी बातों पर कायम, बस उसे घुमा रहे
बलियावी ने हजारीबाग में जनसभा में धार्मिक नेता बनकर बयान दिया था और जब पटना में उनसे इसपर प्रतिक्रिया मांगी गई तो राजनीतिक अंदाज में नजर आए। उन्होंने कहा कि वह अपनी बात पर कायम हैं, हालांकि साथ ही यह भी कहा कि "कर्बला पहचाना जाता है सब्र, साहस, हिम्मत, मजलूमियत और शहादत के लिए। मैं अपने हक और हिस्से के लिए अपने लोगों को जागरूक होता देख खुश हो रहा हूं। हमारे बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है। सच्चर कमिटी, रंगनाथ मिश्रा कमिटी हमारे लिए बनी। दलित से बदतर हमें माना जाता है। बगैर सबूत आतंकवादी-जेहादी हमें कहा जाता है। हम भड़का नहीं रहे, बस सच कह रहे हैं। वैसे हम कर्बला वाले हैं, सब्र वाले हैं, सब्र से जी रहे हैं। हम पानी बंद करने वाले नहीं, पानी पिलाने वाले हैं। उन्होंने सफाई दी कि हमने तलवार उठाने या खून करने की बात नहीं कही। बस यह बताया कि झारखंड बने हुए जमाना हो गया, लेकिन 2003 से बुनकर समिति नहीं बनी। उर्दू शिक्षकों की बहाली नहीं हुई। माइनॉरिटीज कमीशन का गठन नहीं हुआ। जिंदगी के लिए संविधान, बंदगी के लिए कुरान है...लेकिन हमारे ऊपर और कुछ थोपना गलत है। उसका विरोध तो बलियावी जरूर करेगा।"