फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   UPSC Topper: Two IAS from Aurangabad, Virupaksh Vikram Singh got 49th rank and Dr. Prem Prakash 130th rank

UPSC Topper : औरंगाबाद के दो होनहार बने आईएएस, एक को मिला 49वां तो दूसरे को 130वां रैंक

Wed, 17 Apr 2024 03:00 AM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, औरंगाबाद Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Wed, 17 Apr 2024 03:00 AM IST
सार

IAS : संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा का रिजल्ट आ गया जिसमें औरंगाबाद के दो होनहार आज आईएएस बन गये हैं। उन होनहारों में विरुपाक्ष विक्रम सिंह और प्रेम प्रकाश हैं।

विज्ञापन
UPSC Topper: Two IAS from Aurangabad, Virupaksh Vikram Singh got 49th rank and Dr. Prem Prakash 130th rank
औरंगाबाद के होनहार - फोटो : अमर उजाला डिजिटल

विस्तार

औरंगाबाद के दो होनहारों ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) की सिविल सेवा परीक्षा में सफलता की गहरी और लंबी लकीर खींची है। यहां के विरुपाक्ष विक्रम सिंह ने 49वां स्थान और   डॉ. प्रेम प्रकाश ने 130वां रैंक लाया है

विज्ञापन


विरुपाक्ष विक्रम सिंह आईपीएस अधिकारी के जबकि प्रेम प्रकाश किसान के पुत्र हैं 
विरुपाक्ष विक्रम सिंह औरंगाबाद सदर प्रखंड के जम्होर गांव  के निवासी है। वह आईपीएस अधिकारी विनीत विनायक के पुत्र हैं। उनकी उपलब्धि पर पूरे जम्होरवासियों में खुशी की लहर है। उनके घर पर बधाई देने वालों का तांता लगा है। लोगों का कहना है कि विरुपाक्ष की सफलता से पूरे समुदाय का नाम रोशन हुआ है। विरुपाक्ष विक्रम सिंह पटना हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता स्वर्गीय अभय कुमार सिंह के प्रपौत्र हैं। बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि वाले विरुपाक्ष विक्रम सिंह का सपना एक प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की सेवा करने का था, जो पूरा हुआ। डॉक्टर प्रेम प्रकाश ओबरा प्रखंड के जमुहारा निवासी किसान रवींद्र कुमार चौधरी और रीता देवी के पुत्र हैं। उनकी सफलता पर गांव के लोग बेहद खुश है।
विज्ञापन


पिछली बार यूपीएससी में लाया था 677वां रैंक
डॉ. प्रेम प्रकाश पिछली बार की यूपीएससी की परीक्षा में 677वां रैंक लाये थे। उनकी दसवीं तक की पढ़ाई दाउदनगर के विद्या निकेतन से हुई है। प्रेम कुमार और उनके छोटे भाई प्रवीण कुमार दोनों नर्सरी से ही इसी स्कूल के छात्र रहे हैं। प्रवीण एसएसबी में नौकरी करते हैं। वहीं उनकी बहन पूजा कुमारी चौहान मेडिकल की तैयारी कर रही हैं। डॉ. प्रेम प्रकाश ने 2001 से लगातार विद्या निकेतन में पढ़ाई की।
विज्ञापन
विज्ञापन


दिल्ली एम्स की नौकरी छोड़ शुरू की यूपीएससी की तैयारी, दूसरे प्रयास में मिली पहली सफलता
2013 में भागलपुर से एमबीबीएस करने के बाद प्रेम प्रकाश को एम्स दिल्ली में नौकरी मिली। बाद में नौकरी से इस्तीफा देकर यूपीएससी की तैयारी शुरू की। दूसरे प्रयास में सफलता भी मिली, लेकिन वह बेहतर रैंक हासिल करना चाहते थे। इस वजह से वह पुनः तैयारी में लग गए। इस साल भी उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा दी और तीसरे प्रयास में उन्हें यह सफलता हासिल हुई।


दादा का था सपना पोता बने आइएएस 
डॉक्टर प्रेम प्रकाश के पिता रवींद्र कुमार चौधरी उत्तर प्रदेश के शक्तिनगर में नौकरी करते थे। वहीं उनके दादा रामाधार चौधरी बोकारो स्टील सिटी में ऑपरेटर के पद पर कार्यरत थे। दादा ने कहा कि उनका सपना था कि उनका पोता आईएएस बने। अब वह इस राह पर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed