Bihar Election 2020: आखिरी चरण में हिंसा, पिछले चुनाव के मुकाबले कम मतदान
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आखिरी चरण में जहां हिंसक घटनाएं हुईं, वहीं मतदान भी पिछले चुनाव के मुकाबले कम रहा। पूर्णिया जिले के मरंगा थाना अंतर्गत सतकोदरिया पंचायत के अलीनगर स्थित बूथ नंबर 282 पर मतदाताओं की ड्यूटी पर तैनात जवानों से कहासुनी हो गई। इसके बाद भीड़ ने जवानों पर हमला बोल दिया। जवाब में जवानों ने हवाई फायरिंग की तब जाकर स्थिति काबू में आई। दो लोगों को हिरासत में लिया गया। अररिया के सिकटी विधानसभा क्षेत्र के बूथ नंबर 157, 158 पर अर्धसैनिक बलों से द्वारा किए गए बल प्रयोग के कारण ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और मतदान का बहिष्कार किया। सूचना में पहुंचे अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मतदान शुरू करवाया।
कोरोना काल के बाद भी उत्साह
तीसरे और आखिरी चरण के मतदान में 15 जिलों के 78 विधानसभा क्षेत्रों में कम वोट पड़े। मिथिलांचल, सीमांचल, कोसी और तिरहुत इलाके में कोरोना महामारी के बावजूद मतदाताओं का उत्साह दिखा। हालांकि 2015 के चुनाव में यहां मतदान 60 फीसदी से अधिक था। इसके साथ ही शनिवार को सभी सीटों का मतदान संपन्न हो गया। अब 10 नवंबर को मतों की गिनती होगी। तीसरे चरण के चुनाव प्रचार में नीतीश कुमार ने इमोशनल कार्ड खेलते हुए कहा था कि यह उनका अंतिम चुनाव है।
किशनगंज जिले में ज्यादा मतदान
आज के वोट में बड़ी संख्या में महिलाएं और युवा मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। उधर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी एचआर श्रीनिवासन ने कहा कि सभी जगहों पर शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष मतदान हुआ। 78 विधानसभा सीटों के साथ ही वाल्मीकीनगर लोकसभा के लिए भी उपचुनाव संपन्न हो गया। शाम पांच बजे तक वाल्मिकीनगर उप चुनाव के लिए 52.08 फीसदी वोट डाले गए। सबसे अधिक किशनगंज जिले में करीब 60 फीसदी वोट डाले गए। जिले के कोचाधामन विधानसभा सीट पर 67 फीसदी वोट पड़े, जबकि जिले की बहादुरगंज सीट पर 61, ठाकुरगंज में 59 और किशनगंज विधानसभा सीट पर 54 फीसदी वोट डाले गए। छातापुर विधानसभा सीट पर 67 फीसदी वोट पड़े।
अंतिम चरण से ही सत्ता का रास्ता
अंतिम चरण की 78 सीटों पर जो ज्यादा सीट हासिल करेगा, उसी की सरकार बनेगी। पहले और दूसरे चरण में कुल 165 सीटों पर वोट डाले गए थे। तीनों चरण के चुनाव मे पीएम मोदी ने कुल 12 चुनावी रैलियां की जबकि जदयू, भाजपा, राजद और वाम दलों के नेताओं ने सैकड़ों रैलियां कीं। कोरोना काल में यह देश का पहला राज्य है जहां विधानसभा के चुनाव कराए गए। चुनाव आयोग ने इस महामारी के मद्देनजर कई कदम उठाए थे। बूथों पर शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए वोटरों के लिए हैंड ग्लब्स और सैनेटाइजर के बंदोबस्त किए गए थे।