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Bihar: पंजाब से घर पहुंचा प्रवासी मजदूर का शव, पत्नी-बच्चों की चीखों से गूंज उठा गांव; सड़क हादसे में गई जान
Sun, 05 Jul 2026 10:45 AM IST
सारण ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सारण
Published by: सारण ब्यूरो
Updated Sun, 05 Jul 2026 10:45 AM IST
सार
सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र के रुकूंबधा गांव निवासी प्रवासी मजदूर सुचिंद्र कुमार सिंह की पंजाब के जालंधर में सड़क हादसे में मौत हो गई। शनिवार रात शव गांव पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। पत्नी, दो मासूम बच्चों और वृद्ध मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
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रोते बिलखते परिजन को ढांढस बंधाते ग्रामीण
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
पंजाब में रोजी-रोटी कमाने गए बिहार के सारण जिले के एक प्रवासी मजदूर की सड़क हादसे में मौत हो गई। शनिवार देर रात जब उनका शव सारण जिले के मकेर थाना क्षेत्र स्थित रुकूंबधा गांव पहुंचा तो पूरे गांव में मातम पसर गया। पत्नी, बच्चों और वृद्ध मां की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं।
मृतक की पहचान रुकूंबधा गांव निवासी स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह के सबसे छोटे पुत्र सुचिंद्र कुमार सिंह (35) के रूप में हुई है। वह पिछले पांच वर्षों से पंजाब के जालंधर स्थित एक चावल मिल में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे और परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
अज्ञात वाहन की टक्कर से गई जान
मृतक की पत्नी पुष्पा देवी ने बताया कि गुरुवार को सुचिंद्र कुमार सिंह बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी कंपनी की ओर से फोन पर परिजनों को दी गई। पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शनिवार देर रात उनका शव पैतृक गांव लाया गया।
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शव देखते ही बिलख पड़ा परिवार
शव गांव पहुंचते ही पत्नी पुष्पा देवी, पुत्र आयुष कुमार, अनुज कुमार और वृद्ध मां महरानी कुंवर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी बार-बार अपने बच्चों के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों की चिंता जताते हुए बेसुध हो रही थीं, जबकि वृद्ध मां जवान बेटे के निधन से गहरे सदमे में थीं।
ये भी पढ़ें- Bihar: 'पुलिस के डर ने ले ली जान'! महिला की मौत के बाद SDPO कार्यालय पर हंगामा, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
गांव में पसरा शोक
सुचिंद्र कुमार सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी असामयिक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब परिवार की जिम्मेदारी उनकी पत्नी के कंधों पर आ गई है। घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे और हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं।
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मृतक की पहचान रुकूंबधा गांव निवासी स्वर्गीय विश्वनाथ सिंह के सबसे छोटे पुत्र सुचिंद्र कुमार सिंह (35) के रूप में हुई है। वह पिछले पांच वर्षों से पंजाब के जालंधर स्थित एक चावल मिल में ऑपरेटर के रूप में कार्यरत थे और परिवार का भरण-पोषण कर रहे थे।
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अज्ञात वाहन की टक्कर से गई जान
मृतक की पत्नी पुष्पा देवी ने बताया कि गुरुवार को सुचिंद्र कुमार सिंह बाइक से कहीं जा रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी कंपनी की ओर से फोन पर परिजनों को दी गई। पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शनिवार देर रात उनका शव पैतृक गांव लाया गया।
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शव देखते ही बिलख पड़ा परिवार
शव गांव पहुंचते ही पत्नी पुष्पा देवी, पुत्र आयुष कुमार, अनुज कुमार और वृद्ध मां महरानी कुंवर का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। पत्नी बार-बार अपने बच्चों के भविष्य और परिवार की जिम्मेदारियों की चिंता जताते हुए बेसुध हो रही थीं, जबकि वृद्ध मां जवान बेटे के निधन से गहरे सदमे में थीं।
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गांव में पसरा शोक
सुचिंद्र कुमार सिंह तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। उनकी असामयिक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। अब परिवार की जिम्मेदारी उनकी पत्नी के कंधों पर आ गई है। घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीण परिजनों को ढांढस बंधाने में जुटे रहे और हर किसी की आंखें नम दिखाई दीं।