फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Bihar ›   Over 30 villages in Gopalganj surrounded by water due to the swelling Gandak River; people bihar news

बिहार: गोपालगंज में गंडक उफान पर, 30 से अधिक गांव जलमग्न, 25 हजार की आबादी बाढ़ से प्रभावित

Thu, 01 Oct 2026 03:21 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज Published by: सारण ब्यूरो Updated Thu, 01 Oct 2026 03:21 PM IST
सार

गोपालगंज में गंडक नदी के उफान से 30 से अधिक गांव जलमग्न हो गए हैं। 20 से अधिक पंचायतों की करीब 25 हजार आबादी प्रभावित है। जमींदारी बांध टूटने से खतरा बढ़ा है। प्रशासन ने राहत-बचाव और तटबंधों की निगरानी तेज कर दी है।

विज्ञापन
Over 30 villages in Gopalganj surrounded by water due to the swelling Gandak River; people bihar news
गंडक के उफान पर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विज्ञापन

गंडक नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से बिहार के गोपालगंज जिले में बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। नदी के उफान से जिले के तटीय और दियारा इलाकों में तबाही मची हुई है। सदर, बैकुंठपुर, कुचायकोट, मांझा, बरौली और सिधवलिया प्रखंडों की 20 से अधिक पंचायतों में बाढ़ का पानी तेजी से फैल रहा है। निचले और दियारा क्षेत्रों के 30 से अधिक गांव पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। इससे करीब 25 हजार की आबादी जलजमाव, आवागमन ठप होने और विस्थापन के संकट का सामना कर रही है।

घरों में घुसा पानी, जरूरी सामान नष्ट
बाढ़ का पानी अब रिहायशी इलाकों और लोगों के घरों में प्रवेश कर चुका है। सदर प्रखंड के मेहंदिया, जागीरी टोला और खाप मकसूदपुर जैसे गांवों में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। सैकड़ों घरों में दो से तीन फीट तक पानी भर गया है। इससे ग्रामीणों का अनाज, कपड़े, बर्तन और बच्चों की पाठ्य सामग्री डूबकर नष्ट हो गई है। सदर प्रखंड के 10 गांवों में 1,200 से अधिक परिवार सीधे तौर पर बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। स्थिति गंभीर होने के कारण कई परिवार अपने मवेशियों और जरूरी सामान के साथ सुरक्षित स्थानों और तटबंधों पर शरण लेने को विवश हैं।

विज्ञापन


जमींदारी बांध टूटने से बढ़ी दहशत, तटबंधों पर खतरा
बैकुंठपुर प्रखंड में शीतलपुर और पकहा के बीच गंडक नदी के तेज दबाव के कारण जमींदारी बांध टूट गया है। बांध टूटने के बाद बाढ़ का पानी तेजी से शीतलपुर और आसपास की आबादी की ओर बढ़ रहा है। इससे पूरे इलाके में अफरातफरी और दहशत का माहौल है।

विज्ञापन
विज्ञापन

वहीं, मुख्य सारण तटबंध पर मुंजा मटियारी के पास पानी का अत्यधिक दबाव बना हुआ है। कई स्थानों पर रैट होल और पानी के रिसाव की शिकायतें मिली हैं। इसके बाद जल संसाधन विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और बालू से भरी बोरियां डालकर तटबंध को कटाव से बचाने का काम शुरू किया।


24 घंटे निगरानी, 200 से अधिक जवान तैनात
सारण तटबंध और छरकी की सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। संवेदनशील स्थानों पर 150 से 200 होमगार्ड जवानों और स्थानीय चौकीदारों की तैनाती की गई है। ये जवान दिन-रात गश्त कर तटबंधों की निगरानी कर रहे हैं।

जल संसाधन विभाग के कनीय और सहायक अभियंता पैदल और बाइक से तटबंधीय इलाकों का जायजा ले रहे हैं। इसके साथ ही मंगलपुर पुल और पताहरा छरकी के पास चल रहे कटावरोधी कार्यों की भी लगातार निगरानी की जा रही है।

राहत और बचाव कार्य में जुटी प्रशासन की टीमें
बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने और खाद्य सामग्री पहुंचाने के लिए एसडीआरएफ और स्थानीय पुलिस की दर्जनों नावें तैनात की गई हैं। अनुमंडल पदाधिकारी और अंचलाधिकारी खुद दियारा इलाकों का दौरा कर रहे हैं।

लाउडस्पीकर के माध्यम से माइकिंग कराकर निचले इलाकों में रह रहे लोगों से जल्द से जल्द ऊंचे स्थानों और तटबंधों पर जाने की अपील की जा रही है। प्रशासन का दावा है कि तटबंधों पर शरण लिए बाढ़ पीड़ित परिवारों को सूखा राशन, पीने का पानी और प्राथमिक चिकित्सा जैसी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed