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Bihar: सासामुसा चीनी मिल के फिर से शुरू होने के करीब, रंग ला रही सरकार की पहल, अमेरिका से आई टीम ने देखा हाल

Tue, 14 Apr 2026 08:35 PM IST
सारण ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गोपालगंज Published by: सारण ब्यूरो Updated Tue, 14 Apr 2026 08:35 PM IST
सार

Bihar: गोपालगंज के सासामुसा चीनी मिल के पुनः संचालन को लेकर प्रयास तेज हो गए हैं। अमेरिका स्थित एक उद्योग समूह ने मिल का निरीक्षण किया है और इसे अत्याधुनिक तकनीक से पुनः शुरू करने, साथ ही इथेनॉल व पावर प्लांट लगाने की योजना पर विचार किया जा रहा है। 

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Hopes of revival of Sasamusa sugar mill rise as US company inspects it Gopalganj Bihar news ameriki udyog
सासामुसा चीनी मिल - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गोपालगंज जिले के कुचायकोट प्रखंड स्थित सासामुसा की वर्षों से बंद पड़ी चीनी मिल के पुनः संचालन को लेकर सरकारी प्रयास अब तेज होते नजर आ रहे हैं। मंगलवार को इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल देखने को मिली, जब अमेरिका में स्थापित एक उद्योग समूह के प्रतिनिधिमंडल ने मिल परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। यह अब तक चौथी कंपनी है जिसने मिल के संचालन में रुचि दिखाते हुए स्थल का दौरा किया है। लगातार हो रहे निरीक्षणों से मिल के पुनर्जीवन की उम्मीदें और मजबूत हो गई हैं।

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कश्मीर के रहने वाले उद्योगपति ने किया जायजा
मूल रूप से कश्मीर के रहने वाले उद्योगपति मोहम्मद शोएब मलिक और आदिल अशरफ की टीम ने मिल की जमीन, आधारभूत संरचना, पुरानी मशीनरी तथा अन्य उपलब्ध संसाधनों का बारीकी से जायजा लिया। निरीक्षण के बाद प्रतिनिधियों ने बताया कि उनका उद्योग समूह अमेरिका में स्थापित है और अब वे भारत में अपने कारोबार का विस्तार करना चाहते हैं। इसी क्रम में बिहार सरकार की पहल पर उन्होंने सासामुसा चीनी मिल को पुनः संचालित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
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21 अप्रैल को गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक
प्रतिनिधिमंडल ने जानकारी दी कि निरीक्षण के बाद 21 अप्रैल को पटना में गन्ना विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर आगे की रणनीति तय की जाएगी। मोहम्मद शोएब मलिक ने कहा कि यदि सरकार के साथ वार्ता सफल होती है, तो यहां अत्याधुनिक तकनीक से लैस चीनी मिल स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही इथेनॉल प्लांट और पावर प्लांट लगाने की भी योजना है, जिससे किसानों को गन्ने का बेहतर मूल्य मिल सके और क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित हों।
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'उद्देश्य केवल व्यावसायिक लाभ कमाना नहीं'
उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य केवल व्यावसायिक लाभ कमाना नहीं, बल्कि स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत करना है। निरीक्षण के दौरान किसान संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष मोहम्मद तौहीद एवं जदयू के जिला अध्यक्ष प्रमोद पटेल भी मौजूद रहे।


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अब तक चार कंपनियों ने दिखाई रुचि
गौरतलब है कि इससे पहले पिछले महीने ऑस्ट्रेलिया में स्थापित एक उद्योग समूह के प्रतिनिधियों ने भी मिल का निरीक्षण किया था। इसके अलावा 27 फरवरी को कर्नाटक के निरानी ग्रुप तथा 9 मार्च को तिरहुत उद्योग समूह के प्रतिनिधिमंडलों ने भी यहां आकर संभावनाओं का आकलन किया था। लगातार चार कंपनियों द्वारा रुचि दिखाए जाने से सरकार की पहल को और बल मिला है, जिससे क्षेत्र में विकास की नई उम्मीदें जगी हैं।

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