बिहार: एक प्रसव, तीन किलकारियां! छपरा सदर अस्पताल में महिला ने दिया तीन बच्चों को जन्म, पहले हो चुका था ऑपरेशन
बिहार के छपरा सदर अस्पताल में सारण जिले के मशरक प्रखंड की निशा कुमारी ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया। खास बात यह है कि महिला का पहले सिजेरियन प्रसव हो चुका था, लेकिन इस बार चिकित्सकों की निगरानी में सामान्य प्रसव कराया गया।
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बिहार के छपरा सदर अस्पताल में एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया है। खास बात यह है कि महिला का पहले भी सिजेरियन प्रसव हो चुका था, लेकिन इस बार चिकित्सकों की निगरानी में उसका सामान्य प्रसव कराया गया। एक साथ तीन बच्चों के जन्म से अस्पताल में खुशी का माहौल है। हालांकि, जन्म के बाद दो नवजातों को विशेष देखभाल के लिए सिक न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में भर्ती कराया गया है, जबकि तीनों बच्चों की चिकित्सकीय निगरानी की जा रही है।
मशरक की निशा ने दिया तीन बच्चों को जन्म
जानकारी के अनुसार, सारण जिले के मशरक प्रखंड के तेजपुरवा गांव निवासी पंकज कुमार की पत्नी निशा कुमारी को प्रसव पीड़ा होने पर छपरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। महिला का पहले सिजेरियन प्रसव हो चुका था। ऐसे में इस बार प्रसव के दौरान विशेष चिकित्सकीय सतर्कता बरतना जरूरी था। चिकित्सकों की टीम ने महिला की स्थिति का आकलन किया और लगातार निगरानी के बीच सामान्य प्रसव कराया। इस दौरान महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया। प्रसव के बाद नवजातों की स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उन्हें आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल उपलब्ध कराई जा रही है। इनमें से दो बच्चों को विशेष निगरानी के लिए एसएनसीयू में रखा गया है।
डॉक्टरों और नर्सिंग टीम की रही अहम भूमिका
इस जटिल प्रसव को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. सीमा सिंह, डॉ. रेहाना अंजुम और डॉ. शैलेश कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वहीं, स्टाफ नर्स नेहा कुमारी और नेहा रानी ने भी प्रसव के दौरान सहयोग किया। पूरी प्रक्रिया चिकित्सकीय टीम की निगरानी में संपन्न हुई।
हर महीने 600 से 650 महिलाओं का सदर अस्पताल में प्रसव
छपरा सदर अस्पताल में हर महीने औसतन 600 से 650 महिलाओं का प्रसव कराया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन का जोर सामान्य प्रसव को बढ़ावा देने के साथ मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने पर है। इसके लिए प्रसव कक्ष में जरूरी उपकरणों, दवाओं और प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है। अस्पताल में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच से लेकर प्रसव के दौरान चिकित्सकीय निगरानी और प्रसव के बाद मां एवं नवजात की देखभाल तक की व्यवस्था उपलब्ध है। जटिल प्रसव की स्थिति में जरूरत के अनुसार ऑपरेशन थिएटर और विशेष नवजात देखभाल इकाई की सुविधा भी दी जाती है।
लेबर रूम से ऑपरेशन थिएटर तक उपलब्ध हैं सुविधाएं
गर्भवती महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए सदर अस्पताल के लेबर रूम को जरूरी उपकरणों और सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। प्रसव के दौरान मां और गर्भस्थ शिशु की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाती है। किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों को समय-समय पर प्रशिक्षण दिया जाता है, ताकि प्रसव के दौरान किसी भी तरह की जटिलता से निपटा जा सके।
भर्ती महिलाओं को भोजन, दवाएं और साफ-सफाई की सुविधा
अस्पताल प्रबंधक राजेश्वर प्रसाद ने बताया कि प्रसव के बाद अस्पताल में भर्ती महिलाओं को नियमित रूप से भोजन, चाय और जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। अस्पताल परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। मरीजों के बेड पर नियमित रूप से साफ चादर और कंबल उपलब्ध कराए जाते हैं।
उन्होंने बताया कि अस्पताल में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी तरीके से इस्तेमाल किया जा रहा है। इसका उद्देश्य गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं को बेहतर चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है।