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International Day of Yoga : योगासन या एक्सरसाइज करते समय क्यों लुढ़क रहे लोग, जानें कैसे बचें निरोग

Wed, 21 Jun 2023 01:22 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण Updated Wed, 21 Jun 2023 01:22 PM IST
सार

Bihar : योगासन करते समय केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस किस वजह से गिरे? एक्सरसाइज के दौरान लोग क्यों लुढ़क रहे हैं? मौतें भी हो रहीं। ऐसी वजहों और उपायों पर दशकों से योग की धरती रहे मुंगेर के योग प्रशिक्षक से 'अमर उजाला’ की बातचीत। 

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Reduce exercise risk : health risk during yog divas, how to recharge yourself, Bihar School of Yoga munger
केंद्रीय मंत्री लुढ़क गए, पूर्व डिप्टी सीएम सुस्साते रहे। कैसे हो सुधार, बता रहे योग प्रशिक्षक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर योगासन के दौरान बिहार के वैशाली में केंद्रीय मंत्री पशुपति कुमार पारस अचानक लुढ़क गए। उन्हें आसपास के लोगों ने संभाला। बाद में उन्होंने कमर की तकलीफ बताई और एम्स दिल्ली में जाने की बात भी कही। वह उसी हालत में निरीक्षण के लिए भी चले गए। लेकिन, क्या यह सिर्फ कमर की बात थी? विशेषज्ञ साफ नकारते हैं। कहते हैं कि अपनी शारीरिक क्षमता से पार जाना खतरनाक है। इतना खतरनाक की जानें जा रही हैं। बार-बार ऐसी खबरें आ रही हैं। सदियों से बिहार का मुंगेर योग के लिए जाना जाता है, इसलिए वहां की सलाह जानें। जब यह कहा गया कि बाबा रामदेव ने योग को दोबारा जिंदा किया, उस समय भी और उससे दशकों पहले भी मुंगेर की धरती पर योग जिंदा था। पूरी दुनिया के लोग पिछली सदी में भी यहां आ रहे थे, अब भी आ रहे हैं। 'अमर उजाला' आगे की पूरी बात मुंगेर स्थित बिहार योग विद्यालय के योग प्रशिक्षक स्वामी गुरु चैतन्यजी के शब्दों में ला रहा है-

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समझना होगा कि हमारा शरीर कैसे चल रहा
"आप-हम सभी मोबाइल का इस्तेमाल करते हैं। जब इसकी बैट्री 5-10 प्रतिशत बचती है तो क्या वीडियो देखते हैं? नहीं। तब हम सिर्फ जरूरी कॉल करते हैं। इंटरनेट तक ऑफ कर देते हैं। अगर सही समय पर ऐसा नहीं करेंगे तो मोबाइल ऑफ हो जाता है। ऐसे में तत्काल जरूरत होती है चार्ज करने की। मनुष्य के शरीर की भी यही स्थिति है। आप खूब अनाज-फल खाइए, लेकिन अगर इम्युनिटी रूप में आपकी बैट्री चार्ज नहीं है तो ज्यादा मेहनत वाला सबकुछ छोड़ देना होगा। खुद को चार्ज करना होगा। सीधे योगासन या एक्सरसाइज करेंगे तो रिस्क है। गंभीर रिस्क। जिसका उदाहरण बार-बार सामने आ रहा है।"
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फल-सब्जी-अनाज या दवा का योगदान उतना नहीं
"सामान्य लोगों को लगता है कि वह अनाज-सब्जी खा रहे तो काम चल जाएगा। संपन्न लोग उसमें फल जोड़ते हैं तो लगता है कि अच्छा काम चलेगा। बीमार लोग दवा का उपयोग कर शरीर का काम चलाते हैं। लेकिन, ध्यान दीजिए कि यह सिर्फ काम चलाने की चीजें हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता इनके जरिए कुछ तो बढ़ती है, लेकिन इतनी नहीं कि शरीर का सबकुछ अच्छा रहे। यही कारण है कि शरीर कुछ असामान्य  बर्दाश्त नहीं कर पाता है। न शारीरिक रूप से खुद किया जाना या बीमारी के रूप में कुछ असामान्य झटका।"
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कैसे पहचानें अपनी क्षमता को, यह भी जानना चाहिए
"उम्र के हिसाब से ज्यादा कमजोरी हो, किसी भी उम्र में कब्ज हो या खाना पचने में दिक्कत हो या थकावट होती है तो इसका मतलब रोग प्रतिरोधक क्षमता का अभाव है। चिड़चिड़ापन भी एक तरह का संकेत है। ऐसे लक्षण दिखें तो समझना होगा कि शरीर को चार्ज करने की जरूरत है। फल या अनाज या दवा से ताकत तो मिल जाती है, लेकिन इम्युनिटी उस हिसाब से नहीं बढ़ती। इसलिए, चार्ज करने की जरूरत को समय पर समझ लेना चाहिए।"

कब-क्या नहीं करना चाहिए, यह पहले जान लेना बेहतर
"जैसा अभी केंद्रीय मंत्री के साथ हुआ, ऐसा योग दिवस पर अचानक योगासन करने उतरे बहुत सारे लोगों के साथ हुआ हो- संभव है। योगासन करते समय कुछ भी असामान्य लगे तो तत्काल खुद सतर्क होना चाहिए कि हमारी बैट्री कोई संकेत तो नहीं दे रही है। ऐसे में अभी तत्काल योगासन या एक्सरसाइज तो नहीं करना चाहिए। ऐसे लोगों को महामृत्युंजय मंत्र का जाप करना चाहिए या सुनना चाहिए, उससे आंतरिक शक्ति मिलेगी।"


तो खुद को चार्ज कैसे किया जाए कि सब अच्छा रहे
"रेगुलर संभव हो तो बहुत अच्छा, नहीं तो सुबह जब भी समय मिले योगासन, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार आदि करना चाहिए। प्राणायाम अनुलोम विलोम, भस्त्रिका, उद्गीत, मंत्रजाप वगैरह तो रोज करना ही चाहिए। असल में प्राणायाम ही शरीर को चार्ज करने का जरिया है। अगर अचानक योगासन के पहले भी ठीक से प्राणायाम कर लें, तो बिना चार्ज वाले लोगों के भी लुढ़कने का खतरा बहुत घट जाता है। प्राणायाम से ऊर्जा मिलती है, आंतरिक बल मिलता है। यह तत्क्षण शक्ति देता है, यानी ऊर्जा जागरण का स्रोत यही है। जिन्हें परेशानी ज्यादा है, उन्हें मुंगेर आकर प्रशिक्षण लेना चाहिए। दूर हैं तो biharyog.net पर पत्रिका, सत्संग, लाइव कार्यक्रम से भी लाभ उठा सकते हैं।"

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