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बिहार: मवेशी लदे ट्रक से अवैध वसूली का आरोप, थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिसकर्मी निलंबित; जांच में खुली लापरवाही
Thu, 24 Sep 2026 09:29 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, किशनगंज
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 24 Sep 2026 09:29 AM IST
सार
किशनगंज में पशु तस्करी, इंट्री माफिया और अवैध उगाही के आरोपों को लेकर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने कार्रवाई करते हुए पाठमारी थानाध्यक्ष गंगा प्रसाद गुप्ता, सहायक अवर निरीक्षक सुनील कुमार और चालक सिपाही पवन कुमार को निलंबित कर दिया है।
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एसडीपीओ-द्वितीय मनोज कुमार सिंह
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पशु तस्करी, इंट्री माफिया और अवैध उगाही के आरोपों को लेकर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने कड़ी कार्रवाई की है। एसपी ने पाठमारी थानाध्यक्ष पुलिस अवर निरीक्षक गंगा प्रसाद गुप्ता, सहायक अवर निरीक्षक सुनील कुमार और चालक सिपाही/37 पवन कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। पुलिस की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि मामले की जांच के बाद तीनों पुलिसकर्मियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है।
मवेशी लदे ट्रक को रोकने की सूचना पर उठे सवाल
पुलिस के मुताबिक, 17/18 अगस्त 2026 की रात पाठमारी थाना क्षेत्र में ठाकुरगंज टोल प्लाजा के पास मवेशी लदे एक ट्रक को रोकने की सूचना थानाध्यक्ष को मिली थी। आरोप है कि ट्रक को रोकने से पहले, रोकने के बाद और बाद में उसे मुक्त किए जाने के संबंध में किसी भी वरीय पदाधिकारी को सूचना नहीं दी गई। इसके अलावा ट्रक में लदे मवेशियों के संबंध में आवश्यक जांच और सत्यापन भी नहीं किया गया। पुलिस के अनुसार, ट्रक से संबंधित जरूरी कागजात भी प्राप्त नहीं किए गए। आरोप है कि इसके बाद अवैध वसूली कर ट्रक को मुक्त कर दिया गया।
एसडीपीओ-द्वितीय ने की मामले की जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इसकी जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-द्वितीय मनोज कुमार सिंह से कराई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर थानाध्यक्ष गंगा प्रसाद गुप्ता, सहायक अवर निरीक्षक सुनील कुमार और चालक सिपाही पवन कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर तीनों को संदिग्ध आचरण, स्वेच्छाचारिता, नैतिक अधमता और अन्य गंभीर आरोपों में 22 सितंबर 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही तीनों से विभागीय जांच एवं प्रस्तावित कार्रवाई के संबंध में सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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पुलिस ने दोहराई शून्य सहिष्णुता की नीति
किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण को लेकर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी पदाधिकारी या कर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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मवेशी लदे ट्रक को रोकने की सूचना पर उठे सवाल
पुलिस के मुताबिक, 17/18 अगस्त 2026 की रात पाठमारी थाना क्षेत्र में ठाकुरगंज टोल प्लाजा के पास मवेशी लदे एक ट्रक को रोकने की सूचना थानाध्यक्ष को मिली थी। आरोप है कि ट्रक को रोकने से पहले, रोकने के बाद और बाद में उसे मुक्त किए जाने के संबंध में किसी भी वरीय पदाधिकारी को सूचना नहीं दी गई। इसके अलावा ट्रक में लदे मवेशियों के संबंध में आवश्यक जांच और सत्यापन भी नहीं किया गया। पुलिस के अनुसार, ट्रक से संबंधित जरूरी कागजात भी प्राप्त नहीं किए गए। आरोप है कि इसके बाद अवैध वसूली कर ट्रक को मुक्त कर दिया गया।
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एसडीपीओ-द्वितीय ने की मामले की जांच
मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने इसकी जांच अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी-द्वितीय मनोज कुमार सिंह से कराई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर थानाध्यक्ष गंगा प्रसाद गुप्ता, सहायक अवर निरीक्षक सुनील कुमार और चालक सिपाही पवन कुमार के खिलाफ कार्रवाई की गई। जांच प्रतिवेदन के आधार पर तीनों को संदिग्ध आचरण, स्वेच्छाचारिता, नैतिक अधमता और अन्य गंभीर आरोपों में 22 सितंबर 2026 को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही तीनों से विभागीय जांच एवं प्रस्तावित कार्रवाई के संबंध में सात दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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पुलिस ने दोहराई शून्य सहिष्णुता की नीति
किशनगंज पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कर्तव्य निर्वहन में किसी भी तरह की लापरवाही, अनियमितता या भ्रष्ट आचरण को लेकर शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाई गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो भी पदाधिकारी या कर्मी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।