Bihar News: सिम बॉक्स रैकेट पर EOU की बड़ी कार्रवाई, तीन गिरफ्तार, मास्टरमाइंड फरार
बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने पूर्णिया, समस्तीपुर और वाराणसी में सिम बॉक्स रैकेट का पर्दाफाश किया। इस गिरोह द्वारा विदेशों से आने वाले कॉल्स को लोकल वॉयस कॉल में बदलकर डिजिटल अरेस्ट और निवेश धोखाधड़ी जैसे अपराध किए जा रहे थे।
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बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने साइबर अपराध के एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। EOU ने पूर्णिया के साइबर पुलिस की मदद से पूर्णिया के बायसी, समस्तीपुर और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक साथ छापेमारी कर तीन जालसाजों को गिरफ्तार किया, जबकि रैकेट का मास्टरमाइंड अभी फरार है। इस छापेमारी में बड़ी संख्या में अवैध सिम बॉक्स, फर्जी सिम कार्ड और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं। यह गिरोह सिम बॉक्स (हार्डवेयर डिवाइस) का इस्तेमाल कर विदेशों से आने वाले फर्जी कॉल्स को लोकल वॉयस कॉल में बदलकर देशभर के लोगों को ठग रहा था। यह गिरोह हर महीने 1.2 लाख से अधिक फर्जी कॉल्स करता था, जिनका इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट और निवेश धोखाधड़ी जैसे अपराधों में होता था।
पूर्णिया के साइबर डीएसपी चंदन कुमार ठाकुर ने बताया कि सिम बॉक्स के जरिए साइबर अपराधी इंटरनेशनल कॉल्स को लोकल वॉयस कॉल में बदलकर लोगों को डिजिटल अरेस्ट जैसे अपराधों का शिकार बनाते हैं। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह के अपराधों से टेलीकॉम कंपनियों को भी भारी नुकसान हो रहा है। EOU इस तरह के अपराधों के खिलाफ मिशन मोड में काम कर रही है। EOU की साइबर विंग ने इस ऑपरेशन को अंजाम देने के लिए टेलीकॉम विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर बिहार के पूर्णिया, समस्तीपुर और उत्तर प्रदेश के वाराणसी में एक साथ छापेमारी की।
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पूर्णिया के बायसी प्रखंड से काशिफ महफूज को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा, दो अन्य शातिरों को भी पकड़ा गया है। पुलिस ने बताया कि इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड समस्तीपुर जिले के अंजनी कुमार है, जो छापेमारी के दौरान घर से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। साइबर डीएसपी ने बताया कि जांच में पता चला है कि यह गिरोह कंबोडिया और थाईलैंड जैसे देशों में सक्रिय साइबर स्कैम के अड्डों से जुड़ा हुआ है। ये लोग हर महीने 1.2 लाख से अधिक फर्जी कॉल्स करते थे, जिनका इस्तेमाल डिजिटल अरेस्ट और निवेश धोखाधड़ी जैसे अपराधों में होता था। इस छापेमारी में बड़ी संख्या में अवैध सिम बॉक्स, फर्जी सिम कार्ड और अन्य तकनीकी उपकरण बरामद किए गए हैं। इससे पहले भी EOU ने सुपौल और भोजपुर में इसी तरह के बड़े सिंडिकेट का खुलासा किया था।