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World Homeopathy Day: बिहार में जल्द खुलेगा एक नया होम्योपैथी अस्पताल, स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय का एलान
Thu, 10 Apr 2025 05:59 PM IST
अरविंद कुमार
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: अरविंद कुमार
Updated Thu, 10 Apr 2025 05:59 PM IST
सार
Homeopathy Hospital: विश्व होम्योपैथी दिवस पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बिहार में एक नए होम्योपैथी अस्पताल खोलने का एलान किया है। उन्होंने कहा, इससे होम्योपैथी को नया आयाम मिलेगा।
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स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विश्व होम्योपैथी दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि दक्षिण बिहार में जल्द नया होम्योपैथी कॉलेज और अस्पताल की स्थापना होगी। उन्होंने कहा कि यह संस्थान चालू वित्तीय वर्ष में ही शुरू हो जाएगा। राज्य में 64 वर्ष बाद एक नए होम्योपैथी कॉलेज की स्थापना होने जा रही है। राज्य आयुष समिति की तरफ से गुरुवार को शहर के शास्त्री नगर स्थित ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित डॉ. सैमुअल हैनीमैन की जयंती समारोह एवं वैज्ञानिक सेमिनार को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि होम्योपैपैथी चिकित्सा पद्धति की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। राज्य में 86 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाए जाएंगे।
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मंत्री ने कहा कि 121 करोड़ की लागत से मुजफ्फरपुर में 200 बेड के एक आधुनिक होम्योपैथी अस्पताल का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इसका उद्घाटन भी जल्द किया जाएगा। अब तक यह राज्य का एकमात्र सरकारी होम्योपैथी अस्पताल है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से होमियोपैथी डॉ. सैमुअल हैनीमैन की जयंती मनाई जाती है, इसी तरह भारत में होम्योपैथी के जनक माने जाने वाले बाबू राजेन्द्रलाल दत्ता और बिहार में इसकी नींव रखने वाले बी. भट्टाचार्य की जयंती भी मनाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि डबल इंजन की सरकार समाज को बेहतर स्वास्थ्य सेवा देने के लिए प्रतिबद्ध है। समाज को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए नित्य नए प्रयोग किए जा रहे हैं। नई योजनाएं चलाई जा रही हैं। स्वस्थ और विकसित बिहार के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार दिन रात कार्य कर रहे हैं।
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उन्होंने कहा कf एलोपैथी के बाद यदि किसी चिकित्सा पद्धति की समाज में सर्वाधिक स्वीकार्यता है तो वह होम्योपैथी है। यह किफायती होने के साथ ही प्रभावी भी है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोगों का इस पर सहज विश्वास होता है। मंत्री ने बताया कि पटना के कदमकुआं स्थित 10 बेड वाले होम्योपैथी अस्पताल में रोजाना लगभग 200 मरीज इलाज के लिए आते हैं। राज्य में इस वर्ष जनवरी में 2901 आयुष चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है, जिनमें से 951 होम्योपैथी चिकित्सक शामिल हैं।
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विभाग के अपर मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने कोविड-19 के दौरान आयुष चिकित्सा पद्धति के भूमिका की सराहना की। कहा कि कोरोना में लोगों को होम्योपैथी दवाओं से लाभ मिला है। सरकार का प्रयास होगा कि आयुष क्षेत्र को अन्य सेक्टरों के बराबर प्राथमिकता मिले। इस कार्यक्रम के दौरान आयुष क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 होम्योपैथी चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। साथ ही इस अवसर पर होम्योपैथी से जुड़ी नवीनतम शोध और चिकित्सकीय लाभ की जानकारी भी साझा की गई। इस मौके पर स्वास्थ्य सचिव मनोज कुमार सिंह, राज्य आयुष समिति के कार्यपालक निदेशक डॉ. आदित्य प्रकाश, ओएसडी गुंजन सिंह, आयुष्मान भारत के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी शशांक शेखर सिन्हा समेत कई गणमान्य अधिकारी मौजूद रहे।