Women Empowerment: इस शहर में सिर्फ महिला पुलिसकर्मी दिखेंगी; अब केवल महिलाएं संभालेंगी पटना का ट्रैफिक
Patna News: 26 जनवरी से पटना की सड़कों पर महिला पुलिस बल का यह नया चेहरा न केवल यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाएगा, बल्कि यह महिला सशक्तिकरण का भी प्रतीक होगा। पढ़ें पूरी खबर...।
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विस्तार
बिहार की राजधानी पटना में 26 जनवरी 2025 से यातायात व्यवस्था को एक नया स्वरूप दिया जाएगा। पहली बार, पूरे शहरी क्षेत्र में यातायात की जिम्मेदारी महिला पुलिसकर्मियों के हाथ में होगी। यह कदम न केवल यातायात व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएगा, बल्कि महिलाओं की सशक्त भागीदारी को भी प्रोत्साहित करेगा।
पूरी तरह महिला पुलिसकर्मियों के हवाले होगी यातायात व्यवस्था
पटना यातायात पुलिस ने शहरी क्षेत्र के 54 मुख्य यातायात चेकपोस्टों पर 100% महिला पुलिस बल तैनात करने का फैसला किया है। इसमें 60 से अधिक महिला पुलिस अधिकारी, 250 महिला कांस्टेबल और होमगार्ड शामिल होंगे। यातायात संचालन की पहली पाली पूरी तरह महिला पुलिस बल के जिम्मे होगी।
महिलाओं को होगा ज्यादा सहज अनुभव
अब तक केवल पुरुष पुलिसकर्मी ही यातायात व्यवस्था संभालते नजर आते थे, जिससे कई बार महिलाओं और युवतियों को असहजता महसूस होती थी। ट्रैफिक एसपी अपराजिता लोहान ने बताया कि महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती से न केवल महिलाओं को सुविधा होगी, बल्कि यातायात नियमों का सख्ती से पालन भी सुनिश्चित किया जा सकेगा।
डॉल्फिन गाड़ियों की नई टीम
यातायात संचालन को और सशक्त बनाने के लिए आठ डॉल्फिन गाड़ियों को महिला पुलिसकर्मियों से सुसज्जित किया गया है। इन गाड़ियों में ड्राइवर से लेकर सिपाही तक सभी महिलाएं होंगी। ये गाड़ियां ट्रैफिक नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में अहम भूमिका निभाएंगी।
वहीं, पटना में ट्रैफिक चेकपोस्ट का रंग-रूप भी बदल दिया गया है। पहले लाल और नीले रंग में दिखने वाले चेकपोस्ट अब सफेद और नीले रंग में नजर आएंगे। ट्रैफिक एसपी अपराजिता लोहान ने बताया कि यह बदलाव यातायात पुलिस को आधुनिक और अलग पहचान देने के लिए किया गया है।
26 जनवरी को महिला पुलिस इकाई का पहली बार होगा प्रदर्शन
गणतंत्र दिवस 2025 परेड में पटना यातायात पुलिस की महिला इकाई पहली बार भाग लेगी। यह न केवल महिला पुलिस बल के योगदान को प्रदर्शित करेगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि महिलाएं किसी भी जिम्मेदारी को कुशलता से निभा सकती हैं।
पटना में यातायात व्यवस्था को महिला पुलिस बल को सौंपना न केवल एक प्रशासनिक निर्णय है, बल्कि महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। इस पहल से महिलाओं को पुलिस बल में नेतृत्व का अवसर मिलेगा और यह समाज में लैंगिक समानता को बढ़ावा देगा।
बिहार में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात व्यवस्था को सुचारु करने के लिए राज्य की पुलिस लगातार सुधारात्मक और प्रभावी कदम उठा रही है। यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कई नई तकनीकों और अभियानों को लागू किया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य न केवल सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना है, बल्कि यातायात नियमों के प्रति लोगों की जागरूकता को भी बढ़ाना है।
दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए समेकित प्रयास
राज्य के कई क्षेत्र सड़क दुर्घटनाओं की दृष्टि से संवेदनशील हैं। इन क्षेत्रों में दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए विभिन्न विभागों के बीच समन्वित प्रयास किए जा रहे हैं। सड़क दुर्घटना संभावित स्थलों का गहन विश्लेषण कर उनके वैज्ञानिक समाधान पर कार्य हो रहा है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई एक बैठक में Institute of Road Traffic Education (IRTE) द्वारा तैयार की गई परियोजना रिपोर्ट पर चर्चा की गई। इसके तहत पटना शहर और पटना-मुजफ्फरपुर राजमार्ग के 50 किलोमीटर के एक खंड को मॉडल स्ट्रेच के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य सड़क और यातायात अभियंत्रण के माध्यम से दुर्घटनाओं को कम करना है।
पारदर्शी और साक्ष्य-आधारित प्रवर्तन प्रणाली
राज्य में यातायात नियमों का सख्ती से पालन कराने के लिए प्रवर्तन प्रणाली में बदलाव किया गया है।
- ई-डिटेक्शन पोर्टल, हैंड हेल्ड डिवाइस (HHD) और बॉडी वॉर्न कैमरे के जरिए न्यूनतम मानवीय हस्तक्षेप के साथ साक्ष्य-आधारित कार्रवाई की जा रही है।
- मैनुअल चालान की प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है। अब सभी कार्रवाई डिजिटल माध्यम से हो रही है। चालान के दौरान स्थान, तिथि और समय का विवरण फोटोग्राफ और वीडियो के माध्यम से प्रमाणित किया जाता है।
हालांकि, कुछ मामलों में निजी मोबाइल का उपयोग कर चालान करने की शिकायतें सामने आई थीं। इसे रोकने के लिए कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। ऐसा पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यातायात नियम तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई
यातायात नियमों के बार-बार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई के तहत 10,000 से अधिक ऐसे वाहन चालकों की पहचान की गई है, जिन्होंने तीन या उससे अधिक बार नियम तोड़े हैं। इन मामलों में उनके चालक अनुज्ञप्ति को निलंबित या रद्द करने का प्रस्ताव संबंधित जिला परिवहन अधिकारियों को भेजा गया है।
यातायात बलों की संख्या में वृद्धि
राज्य सरकार ने यातायात पुलिस बल को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं।
- राज्य में 10,332 पदों की स्वीकृति पहले से दी गई थी।
- 28 नए जिलों में यातायात थानों के लिए 4,215 पद स्वीकृत किए गए हैं।
- हाइवे पेट्रोलिंग योजना के लिए 1,560 पद स्वीकृत किए गए हैं।
- विशेष रूप से पटना जिले में 1,807 अतिरिक्त बलों की तैनाती की गई है।
आधुनिक तकनीक से यातायात का प्रबंधन
यातायात व्यवस्था को सुचारु और सुरक्षित बनाने के लिए तकनीकी नवाचारों का भी सहारा लिया जा रहा है। ई-चालान प्रणाली और बॉडी वॉर्न कैमरे जैसे उपकरण इस दिशा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इन उपायों से न केवल प्रवर्तन में पारदर्शिता आई है, बल्कि राजस्व में भी वृद्धि हुई है।
सड़क सुरक्षा के लिए व्यापक दृष्टिकोण
बिहार पुलिस के इन प्रयासों का उद्देश्य केवल कानून लागू करना नहीं है, बल्कि सड़क सुरक्षा को एक सांस्कृतिक परिवर्तन का हिस्सा बनाना है। मॉडल स्ट्रेच परियोजना और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जरिए सड़क अभियंत्रण और यातायात प्रबंधन के उन्नत तरीकों को अपनाया जा रहा है।