{"_id":"696c4d9b2b139ef06e0e9c0e","slug":"rpf-recovered-hundreds-of-turtles-from-train-action-against-wildlife-smuggling-rohtas-bihar-news-patna-news-c-1-1-noi1396-3854748-2026-01-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bihar News: सासाराम स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, कालका मेल से 311 जिंदा कछुए बरामद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bihar News: सासाराम स्टेशन पर आरपीएफ की बड़ी कार्रवाई, कालका मेल से 311 जिंदा कछुए बरामद
Sun, 18 Jan 2026 09:43 AM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासाराम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सासाराम
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jan 2026 09:43 AM IST
सार
Bihar: आरपीएफ ने बरामद सभी कछुओं को वन विभाग को सुरक्षित सुपुर्द कर दिया है। वन विभाग द्वारा सभी कछुओं की जांच कर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर छोड़ा जाएगा और फिलहाल तस्करों की पहचान एवं वन्य जीव तस्करी के नेटवर्क के बारे में पता लगाया जा रहा है।
विज्ञापन
बरामद कछुओं के साथ आरपीएफ
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
रेलवे स्टेशन सासाराम पर आरपीएफ ने शनिवार की मध्यरात्रि वन्यजीव तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में जिंदा कछुओं की खेप को बरामद किया है। आरपीएफ ने तस्करी के लिए ले जा रहे कछुओं की खेप को गाड़ी संख्या 12312 कालका मेल से गुप्त सूचना के आधार पर बरामद किया है।
जनरल कोच में कछुआ मिलने से हड़कंप
मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि आरपीएफ को सूचना मिली कि कालका से हावड़ा जाने वाली कालका मेल ट्रेन के जनरल कोच में बड़ी संख्या में कछुओं की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते हीं आरपीएफ टीम को अलर्ट किया गया और सासाराम स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही सघन जांच अभियान चलाया गया। वहीं आरपीएफ ने जब कालका मेल के जनरल कोच की तलाशी ली, तो सीट के नीचे छुपाकर रखे गए 11 बोरों पर शक हुआ। इसके बाद इन बोरों को प्लेटफॉर्म पर उतारकर खोला गया तो सभी के होश उड़ गये। सभी बोरियों में जिंदा कछुए पाए गए, जिनकी संख्या कुल 311 बताई गई।
पढ़ें: संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रैक पर मिला युवती का कटा हुआ शव, बिहार पुलिस परीक्षा की कर रही थी तैयारी
विज्ञापन
तस्करों की पहचान एवं जांच में जुटी पुलिस
आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने यह भी बताया कि कछुओं को बेहद अमानवीय तरीके से बोरों में ठूंस-ठूंस कर रखा गया था, जिससे उनकी जान को खतरा था। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामला दर्ज कर पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कछुए कहां से लाए गए और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। साथ हीं तस्करों की पहचान एवं गिरफ्तारी को लेकर जांच जारी है।
वन विभाग को सौंपें गये बरामद कछुए
वहीं आरपीएफ की सूचना पर तत्काल पहुंची वन विभाग की टीम ने सभी कछुओं को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग द्वारा कछुओं की गिनती और प्राथमिक जांच कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जहां से आगे की कार्रवाई और संरक्षण की प्रक्रिया की जाएगी। गौरतलब हो कि आरपीएफ और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से एक बार फिर वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है और रेलवे के माध्यम से हो रही इस अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार सतर्कता बरती जा रही है।
विज्ञापन
जनरल कोच में कछुआ मिलने से हड़कंप
मामले में आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने बताया कि आरपीएफ को सूचना मिली कि कालका से हावड़ा जाने वाली कालका मेल ट्रेन के जनरल कोच में बड़ी संख्या में कछुओं की तस्करी की जा रही है। सूचना मिलते हीं आरपीएफ टीम को अलर्ट किया गया और सासाराम स्टेशन पर ट्रेन के पहुंचते ही सघन जांच अभियान चलाया गया। वहीं आरपीएफ ने जब कालका मेल के जनरल कोच की तलाशी ली, तो सीट के नीचे छुपाकर रखे गए 11 बोरों पर शक हुआ। इसके बाद इन बोरों को प्लेटफॉर्म पर उतारकर खोला गया तो सभी के होश उड़ गये। सभी बोरियों में जिंदा कछुए पाए गए, जिनकी संख्या कुल 311 बताई गई।
विज्ञापन
पढ़ें: संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रैक पर मिला युवती का कटा हुआ शव, बिहार पुलिस परीक्षा की कर रही थी तैयारी
विज्ञापन
तस्करों की पहचान एवं जांच में जुटी पुलिस
आरपीएफ इंस्पेक्टर संजीव कुमार ने यह भी बताया कि कछुओं को बेहद अमानवीय तरीके से बोरों में ठूंस-ठूंस कर रखा गया था, जिससे उनकी जान को खतरा था। उन्होंने कहा कि फिलहाल मामला दर्ज कर पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कछुए कहां से लाए गए और इन्हें कहां पहुंचाया जाना था। साथ हीं तस्करों की पहचान एवं गिरफ्तारी को लेकर जांच जारी है।
वन विभाग को सौंपें गये बरामद कछुए
वहीं आरपीएफ की सूचना पर तत्काल पहुंची वन विभाग की टीम ने सभी कछुओं को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। वन विभाग द्वारा कछुओं की गिनती और प्राथमिक जांच कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया, जहां से आगे की कार्रवाई और संरक्षण की प्रक्रिया की जाएगी। गौरतलब हो कि आरपीएफ और वन विभाग की इस संयुक्त कार्रवाई से एक बार फिर वन्यजीव तस्करी के नेटवर्क का खुलासा हुआ है और रेलवे के माध्यम से हो रही इस अवैध तस्करी पर रोक लगाने के लिए लगातार सतर्कता बरती जा रही है।