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Bihar News: राजगीर महोत्सव 2025 शुरू, विरासत, लोक कला और पर्यटन का महाकुंभ
Fri, 19 Dec 2025 07:34 PM IST
पटना ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगीर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, राजगीर
Published by: पटना ब्यूरो
Updated Fri, 19 Dec 2025 07:34 PM IST
सार
ऐतिहासिक नगर राजगीर में राजगीर महोत्सव 2025 का शुक्रवार को भव्य उद्घाटन किया गया। समारोह में ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार और पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद सहित कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।
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राजगीर महोत्सव 2025
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
ऐतिहासिक नगर राजगीर में आयोजित राजगीर महोत्सव 2025 का भव्य उद्घाटन शुक्रवार को समारोहपूर्वक संपन्न हुआ। उद्घाटन अवसर पर राज्य सरकार के वरिष्ठ मंत्री, जनप्रतिनिधि एवं प्रशासनिक अधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। इस दौरान पर्यटन विभाग द्वारा तैयार विशेष पर्यटन स्मारिका का भी विधिवत विमोचन किया गया।
मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार और पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में नगर परिषद राजगीर की मुख्य पार्षद जीरो देवी, इस्लामपुर के पूर्व विधायक चंद्रसेन प्रसाद, बिहार विधान परिषद की सदस्य रीना यादव, विधानसभा सदस्य रूहेल रंजन, कौशल किशोर, डॉ. जितेन्द्र कुमार एवं कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया की उपस्थिति रही। इसके अलावा विधान परिषद के पूर्व सदस्य राजू यादव भी मंचासीन रहे।
प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर राज्य पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा, नालंदा जिलाधिकारी कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी, बिहारशरीफ नगर आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा तथा उप विकास आयुक्त श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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पर्यटन को मिलेगी नई दिशा
अपने संबोधन में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने राजगीर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय संस्कृति के संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि बिहार के पर्यटन उद्योग को भी नई गति प्रदान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजगीर महोत्सव राज्य की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
ये भी पढ़ें- Bihar Election 2025 : भारत निर्वाचन आयोग घिर गया; विपक्ष को जीतन राम मांझी ने कैसे दे दी ताकत?
पर्यटन स्मारिका का विमोचन
इस अवसर पर विमोचित पर्यटन स्मारिका में बिहार और विशेष रूप से राजगीर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों, पर्यटन सुविधाओं और आगामी विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है। यह स्मारिका देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षण
राजगीर महोत्सव 2025 के तहत सांस्कृतिक संध्या, लोक कला प्रदर्शन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और स्थानीय व्यंजन मेले का आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। साथ ही इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आज शाम कैलाशा बैंड की प्रस्तुति
महोत्सव के पहले दिन आज संध्या प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर के कैलाशा बैंड द्वारा विशेष प्रस्तुति दी जाएगी, जिसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव का आज पहला दिन है।
ग्राम श्री मेला में 124 काउंटर
इस वर्ष महोत्सव में परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। ग्राम श्री मेला में कुल 124 काउंटर लगाए गए हैं, जहां बिहार की पारंपरिक लिट्टी-चोखा से लेकर कोलकाता के प्रसिद्ध रसगुल्ले तक उपलब्ध हैं। आयोजकों के अनुसार, इस बार खान-पान के साथ-साथ हस्तशिल्प और सरकारी सेवाओं के स्टॉल भी विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
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मंत्रियों एवं जनप्रतिनिधियों की गरिमामयी उपस्थिति
उद्घाटन समारोह में ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार और पर्यटन मंत्री अरुण शंकर प्रसाद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम में नगर परिषद राजगीर की मुख्य पार्षद जीरो देवी, इस्लामपुर के पूर्व विधायक चंद्रसेन प्रसाद, बिहार विधान परिषद की सदस्य रीना यादव, विधानसभा सदस्य रूहेल रंजन, कौशल किशोर, डॉ. जितेन्द्र कुमार एवं कृष्ण मुरारी शरण उर्फ प्रेम मुखिया की उपस्थिति रही। इसके अलावा विधान परिषद के पूर्व सदस्य राजू यादव भी मंचासीन रहे।
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प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रिय भागीदारी
महोत्सव के सफल आयोजन को लेकर राज्य पर्यटन निदेशक उदयन मिश्रा, नालंदा जिलाधिकारी कुंदन कुमार, पुलिस अधीक्षक भारत सोनी, बिहारशरीफ नगर आयुक्त दीपक कुमार मिश्रा तथा उप विकास आयुक्त श्रीकांत कुंडलिक खांडेकर सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।
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पर्यटन को मिलेगी नई दिशा
अपने संबोधन में मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने राजगीर के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन न केवल स्थानीय संस्कृति के संरक्षण में सहायक होते हैं, बल्कि बिहार के पर्यटन उद्योग को भी नई गति प्रदान करते हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि राजगीर महोत्सव राज्य की समृद्ध विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।
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पर्यटन स्मारिका का विमोचन
इस अवसर पर विमोचित पर्यटन स्मारिका में बिहार और विशेष रूप से राजगीर के प्रमुख दर्शनीय स्थलों, पर्यटन सुविधाओं और आगामी विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई है। यह स्मारिका देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होगी।
महोत्सव के प्रमुख आकर्षण
राजगीर महोत्सव 2025 के तहत सांस्कृतिक संध्या, लोक कला प्रदर्शन, हस्तशिल्प प्रदर्शनी और स्थानीय व्यंजन मेले का आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों से स्थानीय कलाकारों, शिल्पकारों और उद्यमियों को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। साथ ही इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आज शाम कैलाशा बैंड की प्रस्तुति
महोत्सव के पहले दिन आज संध्या प्रसिद्ध गायक कैलाश खेर के कैलाशा बैंड द्वारा विशेष प्रस्तुति दी जाएगी, जिसे लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। तीन दिनों तक चलने वाले इस महोत्सव का आज पहला दिन है।
ग्राम श्री मेला में 124 काउंटर
इस वर्ष महोत्सव में परंपरा और आधुनिकता का अनोखा संगम देखने को मिल रहा है। ग्राम श्री मेला में कुल 124 काउंटर लगाए गए हैं, जहां बिहार की पारंपरिक लिट्टी-चोखा से लेकर कोलकाता के प्रसिद्ध रसगुल्ले तक उपलब्ध हैं। आयोजकों के अनुसार, इस बार खान-पान के साथ-साथ हस्तशिल्प और सरकारी सेवाओं के स्टॉल भी विशेष आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।