{"_id":"60fc2e218ebc3e583444596f","slug":"patna-highcourt-says-bihar-govt-lackadaisical-attitude-towards-central-road-project","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिहार: पटना हाईकोर्ट ने कहा- केंद्रीय सड़क परियोजना के प्रति बिहार सरकार अपना रही है उदासीन रवैया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिहार: पटना हाईकोर्ट ने कहा- केंद्रीय सड़क परियोजना के प्रति बिहार सरकार अपना रही है उदासीन रवैया
Sat, 24 Jul 2021 08:43 PM IST
संजीव कुमार झा
पीटीआई, पटना
पीटीआई, पटना
Published by: संजीव कुमार झा
Updated Sat, 24 Jul 2021 08:43 PM IST
सार
पटना उच्च न्यायालय ने शनिवार को बिहार सरकार को केंद्र द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित एक सड़क परियोजना के संबंध में उदासीन रवैया प्रदर्शित करने के लिए फटकार लगाई
विज्ञापन
पटना हाईकोर्ट
- फोटो : पीटीआई
विस्तार
पटना उच्च न्यायालय ने शनिवार को बिहार सरकार को केंद्र द्वारा पूरी तरह से वित्त पोषित एक सड़क परियोजना के संबंध में उदासीन रवैया प्रदर्शित करने के लिए फटकार लगाई, जिसके लिए राज्य से केवल भूमि अधिग्रहण में अपना समर्थन देने की उम्मीद की गई थी। मुख्य न्यायाधीश संजय करोल की अध्यक्षता वाली एक खंडपीठ ने निराशा के साथ कहा कि 167 मीटर लंबी प्रस्तावित सड़क के लिए एक ईंट नहीं रखी गई है, हालांकि परियोजना, जो बौद्ध पर्यटक सर्किट का एक हिस्सा था, की घोषणा प्रधानमंत्री द्वारा बहुत पहले वर्ष 2015 में की गई थी।
विज्ञापन
अदालत ने कहा कि जाहिर है अधिकारी इस मामले पर सो रहे हैं लेकिन सरकार क्या कर रही है। अदालत ने कहा कि उसे इस साल मार्च में मामले का स्वत: संज्ञान लेना पड़ा था जिसमें एनएचएआई के साथ-साथ राज्य सड़क निर्माण विभाग से नवीनतम स्थिति के बारे में हलफनामा मांगा गया था।
विज्ञापन
वहीं जब राज्य सरकार ने जब हलफनामा दायर किया तो इसपर अदालत ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वैशाली, मुजफ्फरपुर, पूर्वी चंपारण और पश्चिमी चंपारण जैसे जिलों को कवर करने वाली सड़क परियोजना के संबंध में सरकार का उदासीन दृष्टिकोण स्पष्ट था।
विज्ञापन
मामले की स्थिति से नाखुश अदालत ने राज्य के विकास आयुक्त को भूमि के जल्द अधिग्रहण और प्रभावित पक्षों को मुआवजे के पुरस्कार के लिए सभी हितधारकों की तुरंत बैठक बुलाने का निर्देश दिया ताकि बाद में एनएचएआई निविदाओं के तहत निर्माण हो सके।