Bihar News: 7 सितंबर को CM नीतीश करेंगे महिला रोजगार योजना की शुरुआत, हर परिवार की एक महिला को मिलेगा अवसर
Bihar News: ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि पूरे समाज और राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए नए युग की शुरुआत है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिहार में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उन्हें उद्यमी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक नई पहल शुरू होने जा रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार 7 सितंबर को ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ की औपचारिक शुरुआत करेंगे और इसके तहत जारी निर्देशिका आम जनता के सामने प्रस्तुत करेंगे। कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद अब इसका क्रियान्वयन तेज गति से होगा। इस योजना का नोडल विभाग ग्रामीण विकास विभाग को बनाया गया है।
महिलाओं के हाथों में आएगा आर्थिक सशक्तिकरण का सूत्र
ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता का माध्यम नहीं, बल्कि पूरे समाज और राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए नए युग की शुरुआत है। इसका उद्देश्य है कि हर परिवार की एक महिला अपनी पसंद का रोजगार शुरू कर सके और उसे इसके लिए सरकार से आर्थिक सहयोग मिले। मंत्री ने कहा कि जब महिलाएं आर्थिक रूप से मजबूत होंगी, तभी परिवार और समाज दोनों आगे बढ़ेंगे।
पहली किस्त इस महीने, आगे मिलेगा 2 लाख रुपये का सहयोग
मंत्री श्रवण कुमार ने बताया कि योजना की पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये की राशि इसी महीने (सितंबर) में लाभार्थियों के खातों में भेजी जाएगी। रोजगार शुरू करने के बाद आगे महिलाओं को दो लाख रुपये तक का सहयोग मिलेगा। उन्होंने कहा कि बिहार आज महिला सशक्तिकरण का उदाहरण पूरे देश के सामने पेश कर रहा है और यह योजना उस दिशा में ऐतिहासिक कदम है।
गांव और शहर दोनों क्षेत्रों में बढ़ेंगे अवसर
इस योजना के तहत 7 सितंबर से ग्राम संगठन स्तर पर आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी। वहीं शहरी महिलाओं के लिए एक वेब पोर्टल भी लॉन्च किया जाएगा, ताकि नगर निकाय क्षेत्रों की महिलाएं भी आसानी से लाभ ले सकें। इससे ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और पलायन की समस्या पर भी अंकुश लगेगा।
जीविका मॉडल बना मिसाल
ग्रामीण विकास विभाग ने पहले से ही स्वयं सहायता समूहों के जरिए जीविका मॉडल विकसित किया है। वर्ष 2006 से शुरू हुई इस पहल के तहत 11 लाख से अधिक स्वयं सहायता समूह गठित हो चुके हैं, जिनसे 1 करोड़ 40 लाख महिलाएं जुड़ी हैं। अब शहरी क्षेत्रों में भी जीविका का विस्तार हुआ है, जहां हजार से अधिक समूहों में 3 लाख 80 हजार महिलाएं काम कर रही हैं। इनमें से कई महिलाएं बैंकिंग सेवाओं से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में सफल उदाहरण बनी हैं।
यह भी पढ़ें- Bihar: बिहार में अब ऋषिकेश के लक्ष्मण झूले जैसा नज़ारा, पुनपुन में सीएम नीतीश ने केबल ब्रिज का किया शुभारंभ
महिलाओं की अपेक्षाओं पर सरकार का कदम
हाल ही में आयोजित महिला संवाद कार्यक्रम में 60 हजार गांवों से 1 करोड़ 55 लाख से अधिक महिलाओं ने हिस्सा लिया। इसमें महिलाओं ने रोजगार और सस्ती ब्याज दर पर ऋण की मांग रखी थी। सरकार ने ब्याज दर में कमी की घोषणा पहले ही कर दी थी और अब रोजगार योजना की शुरुआत महिलाओं की उसी मांग का समाधान है।
मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने हमेशा विकास के केंद्र में महिलाओं की भागीदारी को रखा है। मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना उसी सोच का परिणाम है। इस योजना से लाखों महिलाओं को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा और उनकी आर्थिक स्वतंत्रता का मार्ग प्रशस्त होगा। साथ ही, यह योजना बिहार को आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नया आयाम देगी।
यह भी पढ़ें- बिहार के सारण को मिली सौगात: नीतीश कुमार ने किया कई योजनाओं का शिलान्यास और कार्यारंभ, जानें क्या-क्या शामिल
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.