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Bihar: 9वीं में नामांकन के लिए पंचायत की बाध्यता पर बवाल, छात्र राजद ने कहा- तुगलकी फरमान वापस लें, नहीं तो...
Fri, 03 May 2024 06:18 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Fri, 03 May 2024 06:18 PM IST
सार
Bihar News: छात्र राजद नेता चंदन यादव ने डीएम से मांग कर कहा कि अभी जो सरकार के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जो 14 मई की डेडलाइन दी गई है, उसको वापस लेने का काम करें। यादव ने इसे शिक्षा के अधिकार का उल्लघंन बताया है। जानें पूरा मामला...।
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छात्र राजद ने सीएम और शिक्षा बोर्ड को लिखा पत्र
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में 8वीं पास छात्र-छात्राओं के 9वीं कक्षा में नामांकन नहीं करा पाने की पीड़ा पर अब अभिभावकों के आक्रोश के बीच अब छात्र राजद की भी प्रतिक्रिया सामने आ गई है। अब बोर्ड के साथ मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर निर्णय वापस लेने की मांग की है। छात्र राष्ट्रीय जनता दल ने युवा नेता ने शुक्रवार को पार्टी कार्यालय में बैठक करके सरकार से इस ‘तुगलकी फरमान’ को वापस लेने की मांग की है। छात्र राजद ने कहा कि सभी पंचायत में ही 9वीं में नामांकन की यह शर्त खत्म की जाए, ताकि बच्चे आगे की पढ़ाई कर सकें।
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छात्र राजद नेता चंदन यादव ने डीएम से मांग कर कहा कि अभी जो सरकार के माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा जो 14 मई की डेडलाइन दी गई है, उसको वापस लेने का काम करें। बिहार में रोजगार के लिए लोग अलग-अलग जगहों पर रहते हैं। ऐसे में यहां के स्कूल में नामांकन की बाध्यता ने हजारों बच्चों के आगे पढ़ाई का रोड़ा अटका दिया है।
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उन्होंने कहा कि यह शिक्षा के अधिकार का उल्लघंन है। शहरी क्षेत्र में भी स्कूल निर्धारित कर दिया गया है। इससे सैकड़ों बच्चे नामांकन नहीं ले सके हैं। अगर इस शर्त को खत्म नहीं किया जाता हो आंदोलन किया जाएगा। साथ ही किसी भी उच्च माध्यमिक विद्यालय में नामांकन की स्वतंत्रता प्रदान की जाए, जिससे छात्र-छात्राओं का पठन-पाठन सुचारु रूप से चल सके। नहीं तो दिए गए डेडलाइन के बाद छात्र राजद चरणबद्ध तरीके से आंदोलन करेगी।
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