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Bihar News: नरेश भोक्ता हत्याकांड में NIA की बड़ी कार्रवाई; तीन के खिलाफ दूसरा पूरक आरोप पत्र किया दाखिल
Tue, 13 Jun 2023 12:13 PM IST
हिमांशु प्रियदर्शी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: हिमांशु प्रियदर्शी
Updated Tue, 13 Jun 2023 12:13 PM IST
सार
एनआईए प्रवक्ता ने कहा कि भोक्ता हत्याकांड मामले में एनआईए की जांच ने भाकपा (माओवादी) के शीर्ष कमांडरों की संलिप्तता का खुलासा किया था। उसके कारण लोगों को आतंकित करने के उद्देश्य से की गई भोक्ता की नृशंस हत्या की साजिश रची गई थी। अधिकारी ने कहा कि हत्या में इस्तेमाल हथियार और वाहन बरामद कर लिए गए हैं।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने बिहार में प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) द्वारा 2018 में एक नागरिक के अपहरण और हत्या के मामले में तीन लोगों के खिलाफ अपना दूसरा पूरक आरोप पत्र दाखिल किया है। संघीय एजेंसी के एक प्रवक्ता ने कहा कि विनय यादव उर्फ कमल उर्फ मुराद और उर्फ गुरु जी, नवल जी उर्फ नवल भुइयां और अर्जुन भुइयां और जलेबिया यादव उर्फ विनय के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत पटना में एनआईए की विशेष अदालत में आरोप पत्र दायर किया गया है। ये सभी आरोपी बिहार के निवासी हैं।
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मामले में अब तक नौ लोग गिरफ्तार किए गए
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा नरेश सिंह भोक्ता की नृशंस हत्या के बाद मूल रूप से तीन नवंबर, 2018 को बिहार पुलिस द्वारा दर्ज किए गए मामले के सिलसिले में झारखंड और बिहार में व्यापक तलाशी लेने के कुछ दिनों बाद नवीनतम चार्जशीट आई है। इस मामले में अब तक नौ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इस मामले की जांच पिछले साल 24 जून को एनआईए ने संभाली थी। एजेंसी ने 25 फरवरी को एक आरोपी के खिलाफ पूरक आरोप पत्र दायर किया था।
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'लोगों को आतंकित करने के उद्देश्य से रची गई थी हत्या की साजिश'
प्रवक्ता ने कहा कि मामले में एनआईए की जांच ने भाकपा (माओवादी) के शीर्ष कमांडरों की संलिप्तता का खुलासा किया था। उसके कारण लोगों को आतंकित करने के उद्देश्य से की गई भोक्ता की नृशंस हत्या की साजिश रची गई थी। अधिकारी ने कहा कि हत्या में इस्तेमाल हथियार और वाहन बरामद कर लिए गए हैं। एनआईए ने कहा कि सोमवार को चार्जशीट किए गए तीनों आरोपी सीपीआई (माओवादी) संगठन के सदस्य पाए गए और उन्हें 15 दिसंबर, 2022 को गिरफ्तार किया गया।
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प्रवक्ता ने कहा कि उन्होंने अंजनवा के जंगल में आरोपी प्रमोद मिश्रा द्वारा बुलाई गई भाकपा (माओवादी) के जोनल कमांडरों और शीर्ष नेताओं की बैठक में भाग लिया था। इसी बैठक में भोक्ता सहित संदिग्ध पुलिस मुखबिरों को खत्म करने का निर्णय लिया गया था। एजेंसी ने कहा कि तीनों, अन्य सह-आरोपी व्यक्तियों के साथ, भोक्ता के अपहरण के साथ-साथ जन अदालत (सार्वजनिक बैठक) के संचालन में शामिल थे, जहां भोक्ता को खत्म करने का निर्णय लिया गया था।
भोक्ता का दो नवंबर, 2018 को अपहरण कर लिया गया था और उसे ‘जन अदालत या कंगारू अदालत’ में ले जाया गया था। जहां भाकपा (माओवादी) के शीर्ष नेतृत्व ने अपने कैडरों को उसे पुलिस का मुखबिर घोषित करने के बाद उसे मारने का निर्देश जारी किया था। उसका शव उसी दिन मदनपुर थाना क्षेत्र के बधाई बिगहा गांव के पास मिला था।