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Bihar: नालंदा में बिना वारंट घर में घुसी पुलिस, बिना सबूत खाली हाथ लौटी टीम, छापेमारी पर उठे सवाल
Thu, 24 Jul 2025 12:02 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नालंदा
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Thu, 24 Jul 2025 12:02 PM IST
सार
नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र में पुलिस ने बिना सर्च वारंट के एक प्रॉपर्टी डीलर के घर में छापेमारी की, जिससे परिवार में डर और मोहल्ले में भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। तलाशी में कुछ भी बरामद नहीं हुआ, लेकिन पुलिस की इस कार्रवाई पर अब सवाल उठ रहे हैं।
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पुलिस ने बिना सर्च वारंट किया घर में छापा
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नालंदा जिले के लहेरी थाना क्षेत्र स्थित मेहरपर मोहल्ला गुरुवार की सुबह अचानक पुलिस कार्रवाई के चलते चर्चा में आ गया। यहां तीन गाड़ियों में सवार होकर पहुंची पुलिस टीम ने प्रॉपर्टी डीलर रविंद्र प्रसाद उर्फ रवि यादव के घर में बिना सर्च वारंट के छापेमारी की। पुलिस की इस कार्रवाई ने न केवल परिवार को भयभीत कर दिया, बल्कि पुलिस की कार्यशैली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिना जानकारी के घर में घुसी पुलिस
रवि यादव के मुताबिक, सुबह सुबह जब पुलिस टीम उनके घर पहुंची, तो परिवार के लोग घबरा गए। रवि यादव ने बताया, "मैं बार बार पूछता रहा कि मेरे खिलाफ क्या आरोप है, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। बिना कुछ बताए घर की तलाशी ली गई। न वारंट दिखाया गया, न कोई ठोस कारण बताया गया।" करीब दो घंटे तक चली इस तलाशी के दौरान पुलिस ने घर का पूरा सामान बिखेर दिया, जिससे घर पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। बच्चों में इस छापेमारी को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है।
ये भी पढ़ें: घर के दरवाजे पर खड़े बुजुर्ग को कांवड़ियों के वाहन ने रौंदा, मौके पर मौत, कई श्रद्धालु घायल
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पुलिस ने क्या कहा?
इस मामले में लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि घर में अवैध हथियार हैं, इसी आधार पर छापेमारी की गई। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तलाशी के दौरान घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
पड़ोसियों की नजर में बदनाम
रवि यादव ने बताया कि वह ठेकेदारी और प्रॉपर्टी डीलिंग का वैध व्यवसाय करते हैं और उनके खिलाफ आज तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है और अब मोहल्ले में लोग उन्हें शक की नजर से देख रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या पुलिस को बिना वारंट और ठोस सबूत के किसी नागरिक के घर में इस तरह से छापा मारने का अधिकार है? क्या ऐसे मामलों में नागरिकों की गरिमा और निजता की रक्षा नहीं होनी चाहिए?
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बिना जानकारी के घर में घुसी पुलिस
रवि यादव के मुताबिक, सुबह सुबह जब पुलिस टीम उनके घर पहुंची, तो परिवार के लोग घबरा गए। रवि यादव ने बताया, "मैं बार बार पूछता रहा कि मेरे खिलाफ क्या आरोप है, लेकिन किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। बिना कुछ बताए घर की तलाशी ली गई। न वारंट दिखाया गया, न कोई ठोस कारण बताया गया।" करीब दो घंटे तक चली इस तलाशी के दौरान पुलिस ने घर का पूरा सामान बिखेर दिया, जिससे घर पूरी तरह अस्त व्यस्त हो गया। बच्चों में इस छापेमारी को लेकर दहशत का माहौल बना हुआ है।
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पुलिस ने क्या कहा?
इस मामले में लहेरी थानाध्यक्ष रंजीत कुमार रजक ने सफाई देते हुए कहा कि उन्हें सूचना मिली थी कि घर में अवैध हथियार हैं, इसी आधार पर छापेमारी की गई। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि तलाशी के दौरान घर से कुछ भी बरामद नहीं हुआ।
पड़ोसियों की नजर में बदनाम
रवि यादव ने बताया कि वह ठेकेदारी और प्रॉपर्टी डीलिंग का वैध व्यवसाय करते हैं और उनके खिलाफ आज तक कोई मामला दर्ज नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई से उनकी छवि को नुकसान पहुंचा है और अब मोहल्ले में लोग उन्हें शक की नजर से देख रहे हैं। इस पूरे घटनाक्रम के बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या पुलिस को बिना वारंट और ठोस सबूत के किसी नागरिक के घर में इस तरह से छापा मारने का अधिकार है? क्या ऐसे मामलों में नागरिकों की गरिमा और निजता की रक्षा नहीं होनी चाहिए?