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बिहार: सौर ऊर्जा का बड़ा अभियान! 25 हजार परिवारों को मदद, 534 प्रखंडों में खुलेंगे सोलर मार्ट
Wed, 23 Sep 2026 11:30 AM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:30 AM IST
सार
बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ किया। पटना में आयोजित कार्यक्रम में पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने वाले 25 हजार लाभार्थियों को राज्य सरकार की अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी गई और नौ सोलर रथों को रवाना किया गया।
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को पटना के ऊर्जा ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना का शुभारंभ किया। इस दौरान पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत घरों की छत पर रूफटॉप सोलर लगाने वाले बिहार के 25 हजार लाभार्थियों को राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों को राज्य वित्तीय सहायता का हस्तांतरण किया और सौर ऊर्जा के प्रति लोगों में जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से नौ सोलर रथों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
सेवा सेतु कैंप का निरीक्षण, लाभार्थियों से सीधा संवाद
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु कैंप का निरीक्षण किया। वित्तीय सहायता के हस्तांतरण के बाद उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान समस्तीपुर की उमा कुमारी, सुपौल की कंचन पांडे, मुंगेर के अभिषेक कुमार और नालंदा की आशा देवी से मुख्यमंत्री ने बातचीत की। उन्होंने लाभार्थियों से रूफटॉप सोलर लगाने के अनुभव और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी ली।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना संचालित की जा रही है। बिहार में इस योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से भी अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 25 हजार लाभार्थियों को राज्य वित्तीय सहायता का हस्तांतरण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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नौ सोलर रथ देंगे रूफटॉप सोलर की जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा आज समय की जरूरत है। बिहार में अधिक से अधिक परिवार अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर लगाएं और स्वच्छ ऊर्जा का लाभ उठाएं, इसके लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना के माध्यम से राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को और व्यापक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करने के लिए नौ सोलर रथ रवाना किए गए हैं। ये रथ अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों को रूफटॉप सोलर के फायदे, इसे लगाने की प्रक्रिया और उपलब्ध वित्तीय सहायता की जानकारी देंगे। पंचायतों, स्थानीय निकायों और जीविका दीदियों की भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए कृषि फीडरों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है। पीएम-कुसुम योजना के अगले चरण में बड़ी संख्या में किसानों के बिजली कनेक्शन को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के विस्तार से बिजली की उपलब्धता बढ़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।
तीन किलोवाट पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सहायता
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से एक किलोवाट के सोलर संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।
इसके अलावा बिहार सरकार की ओर से भी राज्य वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार एक किलोवाट पर 10 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 20 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अधिकतम 20 हजार रुपये तक की सहायता दे रही है। इस तरह केंद्र और राज्य सरकार की सहायता को मिलाकर पात्र उपभोक्ता को एक किलोवाट पर कुल 40 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 80 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
बढ़ती औद्योगिक जरूरतों के लिए 20 हजार मेगावाट क्षमता पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार में बिजली की मांग तेजी से बढ़ने की संभावना है। औद्योगिक गतिविधियों और नए उद्योगों के विस्तार को देखते हुए बिजली की बढ़ती जरूरत पूरी करने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में 20 हजार मेगावाट की क्षमता के अनुरूप व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में बिहार में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश और नई औद्योगिक इकाइयों के आने की संभावना है। ऐसे में उद्योगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए अभी से ट्रांसमिशन और बिजली आपूर्ति की आधारभूत संरचना को मजबूत करना जरूरी है। बढ़ती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप बिजली की उपलब्धता और ट्रांसमिशन क्षमता को समयबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
सोलर वेंडरों और बैंकों के 22 स्टॉल, 24 सितंबर तक उपलब्ध
कार्यक्रम स्थल पर सोलर वेंडरों और बैंकों की ओर से 22 स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल पर रूफटॉप सोलर सिस्टम, स्थापना प्रक्रिया, वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है। वेंडरों की ओर से सोलर सिस्टम पर उपलब्ध छूट और ऑफर की जानकारी भी दी जा रही है। वहीं, बैंक प्रतिनिधि ऋण प्रक्रिया और वित्तीय सहायता के बारे में लोगों को जानकारी दे रहे हैं। ये स्टॉल 23 और 24 सितंबर को भी लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
बच्चों ने सौर ऊर्जा पर बनाई आकर्षक पेंटिंग
कार्यक्रम स्थल पर ‘थीम सोलर’ के तहत बच्चों की ओर से बनाई गई सौर ऊर्जा आधारित पेंटिंग भी प्रदर्शित की गई। बच्चों ने अपनी चित्रकारी के माध्यम से सौर ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया। इस गतिविधि में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। राजकीय मध्य विद्यालय, धीरचक्र से 12, राजकीय मध्य विद्यालय अमरतोला से 11, नोट्रे डेम एकेडमी से तीन, कार्मेल हाई स्कूल से दो, डॉन बॉस्को अकादमी से एक और डीएवी स्कूल से एक बच्चे ने सौर ऊर्जा आधारित पेंटिंग बनाई।
उपमुख्यमंत्रियों ने भी सौर ऊर्जा के विस्तार पर दिया जोर
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार में सौर ऊर्जा के विस्तार से आम लोगों को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि सौर ऊर्जा का लाभ ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे। उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से घरों की छतों को ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बनाया जा रहा है। बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से बिजली की बढ़ती मांग पूरी करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा विभाग के सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव ने कहा कि बिहार में सौर ऊर्जा के विस्तार के लिए विभाग व्यापक और समयबद्ध कार्ययोजना के साथ काम कर रहा है। विभाग का प्रयास है कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे और रूफटॉप सोलर को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
हर वार्ड, पंचायत और स्थानीय निकाय बनेगा अभियान का भागीदार
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बिहार में अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाया जा रहा है। अब तक करीब 25 हजार परिवार अपने घरों की छत पर सोलर प्लांट स्थापित कर चुके हैं और उन्हें राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि हर वार्ड, हर पंचायत और हर स्थानीय निकाय को सौर ऊर्जा अभियान का भागीदार बनाया जाएगा। सोलर स्थापना में बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्ड और ग्राम पंचायतों को 50 हजार से एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल स्थानीय विकास और जन-जागरूकता गतिविधियों में किया जा सकेगा।
जीविका दीदियों के सहयोग से सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम के दौरान बिजली वितरण कंपनियों और जीविका के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। इसके माध्यम से जीविका दीदियों के सहयोग से आम लोगों को सौर ऊर्जा और रूफटॉप सोलर के प्रति जागरूक करने और इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। एमओयू का आदान-प्रदान जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) हिमांशु शर्मा और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल ने किया।
534 प्रखंडों में स्थापित होंगे सोलर मार्ट
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिहार के सभी 534 प्रखंडों में जीविका दीदियों के सहयोग से सोलर मार्ट स्थापित किए जाएंगे। जीविका दीदियों को सौर ऊर्जा प्रणालियों के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के विस्तार के साथ रोजगार और महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
8.40 लाख किसानों के कनेक्शन सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि किसानों को दिन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है। पीएम-कुसुम योजना के अगले चरण में शेष बचे करीब 2500 फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए बिहार की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार के ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव, बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी, साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल, बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विशाल राज, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) हिमांशु शर्मा सहित मंत्रालय और ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
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सेवा सेतु कैंप का निरीक्षण, लाभार्थियों से सीधा संवाद
कार्यक्रम से पहले मुख्यमंत्री ने सेवा सेतु कैंप का निरीक्षण किया। वित्तीय सहायता के हस्तांतरण के बाद उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना के लाभार्थियों से सीधे संवाद किया। इस दौरान समस्तीपुर की उमा कुमारी, सुपौल की कंचन पांडे, मुंगेर के अभिषेक कुमार और नालंदा की आशा देवी से मुख्यमंत्री ने बातचीत की। उन्होंने लाभार्थियों से रूफटॉप सोलर लगाने के अनुभव और इससे मिलने वाले लाभों की जानकारी ली।
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मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना संचालित की जा रही है। बिहार में इस योजना को अधिक प्रभावी बनाने के लिए राज्य सरकार की ओर से भी अतिरिक्त वित्तीय सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि 25 हजार लाभार्थियों को राज्य वित्तीय सहायता का हस्तांतरण इसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
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नौ सोलर रथ देंगे रूफटॉप सोलर की जानकारी
मुख्यमंत्री ने कहा कि सौर ऊर्जा आज समय की जरूरत है। बिहार में अधिक से अधिक परिवार अपने घरों की छत पर रूफटॉप सोलर लगाएं और स्वच्छ ऊर्जा का लाभ उठाएं, इसके लिए राज्य सरकार हरसंभव सहयोग उपलब्ध करा रही है। मुख्यमंत्री सोलर प्रोत्साहन योजना के माध्यम से राज्य में सौर ऊर्जा के उपयोग को और व्यापक बनाने का प्रयास किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि लोगों को सौर ऊर्जा के प्रति जागरूक करने के लिए नौ सोलर रथ रवाना किए गए हैं। ये रथ अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर लोगों को रूफटॉप सोलर के फायदे, इसे लगाने की प्रक्रिया और उपलब्ध वित्तीय सहायता की जानकारी देंगे। पंचायतों, स्थानीय निकायों और जीविका दीदियों की भी इस अभियान में महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को दिन के समय पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए कृषि फीडरों को भी सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है। पीएम-कुसुम योजना के अगले चरण में बड़ी संख्या में किसानों के बिजली कनेक्शन को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि सौर ऊर्जा के विस्तार से बिजली की उपलब्धता बढ़ने के साथ पर्यावरण संरक्षण, रोजगार सृजन और ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता को भी मजबूती मिलेगी।
तीन किलोवाट पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सहायता
पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्र सरकार की ओर से एक किलोवाट के सोलर संयंत्र पर 30 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 60 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के संयंत्र पर अधिकतम 78 हजार रुपये की सब्सिडी दी जा रही है।
इसके अलावा बिहार सरकार की ओर से भी राज्य वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। राज्य सरकार एक किलोवाट पर 10 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 20 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अधिकतम 20 हजार रुपये तक की सहायता दे रही है। इस तरह केंद्र और राज्य सरकार की सहायता को मिलाकर पात्र उपभोक्ता को एक किलोवाट पर कुल 40 हजार रुपये, दो किलोवाट पर 80 हजार रुपये और तीन किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के रूफटॉप सोलर सिस्टम पर अधिकतम 98 हजार रुपये तक की सहायता मिल सकती है।
बढ़ती औद्योगिक जरूरतों के लिए 20 हजार मेगावाट क्षमता पर जोर
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि आने वाले वर्षों में बिहार में बिजली की मांग तेजी से बढ़ने की संभावना है। औद्योगिक गतिविधियों और नए उद्योगों के विस्तार को देखते हुए बिजली की बढ़ती जरूरत पूरी करने के लिए ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूत किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य आने वाले समय में 20 हजार मेगावाट की क्षमता के अनुरूप व्यवस्था को सुदृढ़ करना है।
उन्होंने कहा कि अगले कुछ वर्षों में बिहार में बड़े पैमाने पर औद्योगिक निवेश और नई औद्योगिक इकाइयों के आने की संभावना है। ऐसे में उद्योगों को निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली उपलब्ध कराने के लिए अभी से ट्रांसमिशन और बिजली आपूर्ति की आधारभूत संरचना को मजबूत करना जरूरी है। बढ़ती औद्योगिक जरूरतों के अनुरूप बिजली की उपलब्धता और ट्रांसमिशन क्षमता को समयबद्ध तरीके से विकसित किया जाएगा।
सोलर वेंडरों और बैंकों के 22 स्टॉल, 24 सितंबर तक उपलब्ध
कार्यक्रम स्थल पर सोलर वेंडरों और बैंकों की ओर से 22 स्टॉल लगाए गए। इन स्टॉल पर रूफटॉप सोलर सिस्टम, स्थापना प्रक्रिया, वित्तीय सहायता और ऋण सुविधाओं की जानकारी दी जा रही है। वेंडरों की ओर से सोलर सिस्टम पर उपलब्ध छूट और ऑफर की जानकारी भी दी जा रही है। वहीं, बैंक प्रतिनिधि ऋण प्रक्रिया और वित्तीय सहायता के बारे में लोगों को जानकारी दे रहे हैं। ये स्टॉल 23 और 24 सितंबर को भी लोगों के लिए उपलब्ध रहेंगे।
बच्चों ने सौर ऊर्जा पर बनाई आकर्षक पेंटिंग
कार्यक्रम स्थल पर ‘थीम सोलर’ के तहत बच्चों की ओर से बनाई गई सौर ऊर्जा आधारित पेंटिंग भी प्रदर्शित की गई। बच्चों ने अपनी चित्रकारी के माध्यम से सौर ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा, पर्यावरण संरक्षण और हरित भविष्य का संदेश दिया। इस गतिविधि में विभिन्न विद्यालयों के बच्चों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। राजकीय मध्य विद्यालय, धीरचक्र से 12, राजकीय मध्य विद्यालय अमरतोला से 11, नोट्रे डेम एकेडमी से तीन, कार्मेल हाई स्कूल से दो, डॉन बॉस्को अकादमी से एक और डीएवी स्कूल से एक बच्चे ने सौर ऊर्जा आधारित पेंटिंग बनाई।
उपमुख्यमंत्रियों ने भी सौर ऊर्जा के विस्तार पर दिया जोर
उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि बिहार में सौर ऊर्जा के विस्तार से आम लोगों को स्वच्छ और किफायती ऊर्जा का लाभ मिलेगा। राज्य सरकार का प्रयास है कि सौर ऊर्जा का लाभ ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे। उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव ने कहा कि पीएम सूर्य घर योजना के माध्यम से घरों की छतों को ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बनाया जा रहा है। बिहार में सौर ऊर्जा को बढ़ावा देने से बिजली की बढ़ती मांग पूरी करने के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी मजबूती मिलेगी।
ऊर्जा विभाग के सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक, बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव ने कहा कि बिहार में सौर ऊर्जा के विस्तार के लिए विभाग व्यापक और समयबद्ध कार्ययोजना के साथ काम कर रहा है। विभाग का प्रयास है कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ अधिक से अधिक परिवारों तक पहुंचे और रूफटॉप सोलर को जन-आंदोलन का स्वरूप दिया जा सके।
हर वार्ड, पंचायत और स्थानीय निकाय बनेगा अभियान का भागीदार
ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने कहा कि पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को बिहार में अधिक प्रभावी और जन-केंद्रित बनाया जा रहा है। अब तक करीब 25 हजार परिवार अपने घरों की छत पर सोलर प्लांट स्थापित कर चुके हैं और उन्हें राज्य सरकार की अतिरिक्त सहायता का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि हर वार्ड, हर पंचायत और हर स्थानीय निकाय को सौर ऊर्जा अभियान का भागीदार बनाया जाएगा। सोलर स्थापना में बेहतर प्रदर्शन करने वाले वार्ड और ग्राम पंचायतों को 50 हजार से एक लाख रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इस राशि का इस्तेमाल स्थानीय विकास और जन-जागरूकता गतिविधियों में किया जा सकेगा।
जीविका दीदियों के सहयोग से सौर ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा
राज्य में सौर ऊर्जा के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम के दौरान बिजली वितरण कंपनियों और जीविका के बीच समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किया गया। इसके माध्यम से जीविका दीदियों के सहयोग से आम लोगों को सौर ऊर्जा और रूफटॉप सोलर के प्रति जागरूक करने और इसके इस्तेमाल को बढ़ावा देने का प्रयास किया जाएगा। एमओयू का आदान-प्रदान जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) हिमांशु शर्मा और साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल ने किया।
534 प्रखंडों में स्थापित होंगे सोलर मार्ट
ऊर्जा मंत्री ने बताया कि बिहार के सभी 534 प्रखंडों में जीविका दीदियों के सहयोग से सोलर मार्ट स्थापित किए जाएंगे। जीविका दीदियों को सौर ऊर्जा प्रणालियों के संबंध में आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सौर ऊर्जा के विस्तार के साथ रोजगार और महिला सशक्तीकरण को भी बढ़ावा मिलेगा।
8.40 लाख किसानों के कनेक्शन सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य
ऊर्जा मंत्री ने कहा कि किसानों को दिन में पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने के लिए कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ा जा रहा है। पीएम-कुसुम योजना के अगले चरण में शेष बचे करीब 2500 फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए बिहार की बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने और राज्य को ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार लगातार काम कर रही है। कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी, उप मुख्यमंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव, बिहार सरकार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल, राज्य के मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, बिहार के ऊर्जा सचिव-सह-अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक बिहार स्टेट पावर होल्डिंग कंपनी लिमिटेड अजय यादव, बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक डॉ. नवल किशोर चौधरी, साउथ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक सौरव जोरवाल, बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक विशाल राज, जीविका के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी (सीईओ) हिमांशु शर्मा सहित मंत्रालय और ऊर्जा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।