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बिहार के लिए बड़ी सौगात, इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 में 468 करोड़ के MoU, पैदा होंगी 10 हजार नौकरियां

Tue, 17 Feb 2026 04:42 PM IST
प्रशांत तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: प्रशांत तिवारी Updated Tue, 17 Feb 2026 04:42 PM IST
सार

नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026’ में बिहार ने बड़े निवेश और तकनीकी सौगात हासिल की है। बिहार सरकार ने कुल 468 करोड़ रुपये के MoUs पर हस्ताक्षर किए, जिससे 10,000 से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

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major gift for Bihar MoUs worth 468 crore signed at India AI Impact Summit 2026a creating 10,000 jobs
MoU साइन करते डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राजधानी नई दिल्ली में आयोजित विश्व के सबसे बड़े एआई आयोजन ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट एंड एक्सपो 2026’ में बिहार को बड़ी निवेश और तकनीकी सौगात मिली है। पांच दिवसीय इस वैश्विक समिट के दौरान बिहार सरकार ने कुल 468 करोड़ रुपये के समझौतों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए, जिससे राज्य में 10,000 से अधिक नए रोजगार सृजित होने की उम्मीद है।

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बिहार सरकार ने किया  60 करोड़ रुपये का MoU
नवाचार, इनक्यूबेशन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए बिहार सरकार ने 60 करोड़ रुपये का MoU ‘बिहार एआई उत्कृष्टता केंद्र (AI CoE)’ की स्थापना हेतु किया है। इस केंद्र में उद्योग भागीदार के रूप में Tiger Analytics तथा शैक्षणिक भागीदार के रूप में IIT Patna सहयोग करेंगे। इसके अतिरिक्त, आईआईटी पटना में 250 करोड़ रुपये की लागत से एक अत्याधुनिक रिसर्च पार्क स्थापित किया जाएगा, जिससे शोध, स्टार्टअप और उद्योगों के बीच समन्वय को नई गति मिलेगी।
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GCC और IT कंपनियों के साथ बड़े समझौते
बिहार जीसीसी नीति 2026 और बिहार आईटी नीति 2024 के तहत कई प्रमुख कंपनियों के साथ भी समझौते किए गए। इनमें रेड साइबर (103 करोड़), ग्रोQR (30 करोड़) और सीआईपीएल (25 करोड़) जैसी कंपनियां शामिल हैं। सरकार का अनुमान है कि इन पहलों से राज्य में 10,000 से अधिक रोजगार के अवसर उत्पन्न होंगे, जबकि 50,000 से अधिक युवाओं को एआई-संबंधित कार्यक्रमों के माध्यम से कौशल प्रशिक्षण दिया जाएगा।

बिहार पवेलियन का उद्घाटन
मंगलवार, 17 फरवरी को भारत मंडपम में आयोजित समारोह में बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार राज्य पवेलियन का उद्घाटन किया। इस अवसर पर भारत सरकार के मंत्री राजीव रंजन सिंह (ललन सिंह) मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने की। समारोह में बिहार सरकार की आईटी मंत्री श्रेयसी सिंह, उद्योग मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल, राज्यसभा सदस्य संजय कुमार झा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी एवं IIT Patna के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

संजय झा ने भी रखी अपनी बात
भारत एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन और एक्सपो 2026 में बिहार पवेलियन का उद्घाटन करते हुए जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। इन पहलों से राज्य में नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और दीर्घकालिक निवेश आकर्षित होंगे। उन्होंने इस मंच को बिहार की तकनीकी क्षमता और संभावनाओं को राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का महत्वपूर्ण अवसर बताया। उनके अनुसार कृषि और स्वास्थ्य जैसे अहम क्षेत्रों में एआई नई संभावनाएं खोल रहा है। कृषि में मौसम पूर्वानुमान, मिट्टी विश्लेषण, फसल रोग पहचान और बेहतर उत्पादन योजना के माध्यम से किसानों को सहायता मिल रही है, जिससे लागत घटती और आय बढ़ती है। स्वास्थ्य क्षेत्र में भी तकनीक सेवाओं को अधिक प्रभावी बना रही है। उन्होंने कहा कि शासन में तकनीक का सही उपयोग पारदर्शिता बढ़ाता, प्रक्रियाएं सरल करता और नागरिकों का विश्वास मजबूत करता है। समिट के दौरान लगभग ₹468 करोड़ के समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर हुए, जो बिहार के उभरते प्रौद्योगिकी पारिस्थितिकी तंत्र और एआई-प्रेरित भविष्य के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं



बिहार की बढ़ती पहचान
समिट में 100 से अधिक प्रौद्योगिकी कंपनियों के सीईओ, 135 से अधिक देशों के प्रतिनिधि, 20 से अधिक देशों के राष्ट्राध्यक्ष और 50 से अधिक देशों के मंत्री भाग ले रहे हैं। हाल ही में स्वीकृत बिहार जीसीसी नीति 2026 और बिहार सेमीकंडक्टर नीति 2026 के साथ राज्य सरकार ने बिहार को पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत के वैश्विक प्रौद्योगिकी केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

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बिहार ने दर्ज कराई  मजबूत उपस्थिति  
समिट में बिहार पवेलियन हॉल 5-एफ, स्टॉल संख्या 8 और 12 में स्थापित किया गया है, जहां राज्य की नीतियों, निवेश अवसरों और तकनीकी पहलों को प्रदर्शित किया जा रहा है। कुल मिलाकर, एआई मिशन, रिसर्च पार्क और नई नीतियों के जरिए बिहार ने तकनीकी निवेश और रोजगार सृजन की दिशा में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है।

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