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अरुणाचल में जदयू विधायकों के पाला बदलने पर बोले केसी त्यागी, भाजपा ने नहीं निभाई दोस्ती

Sat, 26 Dec 2020 02:35 PM IST
अनवर अंसारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: अनवर अंसारी Updated Sat, 26 Dec 2020 02:35 PM IST
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JDU raised questions BJP in Arunachal Pradesh KC Tyagi says BJP did not maintain friendship tej pratap yadav RJD
जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी - फोटो : ANI

अरुणाचल प्रदेश में भाजपा ने अपनी सहयोगी जदयू को बड़ा झटका देते हुए उसके छह विधायकों को अपने पाले में कर लिया। इसके बाद से माना जा रहा है कि बिहार में गठबंधन कर सरकार चला रहीं दोनों पार्टियों के रिश्ते बिगड़ सकते हैं। वहीं, जदयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता केसी त्यागी ने भाजपा की दोस्ती पर सवाल खड़ा करते हुए कहा है कि अरुणाचल प्रदेश में हुए घटनाक्रम ने भाजपा ने राज्य में दोस्ती का धर्म नहीं निभाया है।

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गौरतलब है कि जब बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से इस मामले में सवाल किया गया था तो उन्होंने कुछ खास बोलने से परहेज किया था। हालांकि जदयू प्रवक्ता के बयानों से इस बात की ओर इशारा मिल रहा है कि जदयू भाजपा की इस धोखेबाजी से खासा नाराज है।
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जदयू अरुणाचल में मुख्य विपक्षी दल
केसी त्यागी ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश में भाजपा की सरकार है और वहां जदयू मुख्य विपक्षी दल की भूमिका निभा रहा है। हालांकि, दोनों पार्टियों के दोस्ताना रिश्ते होने से भाजपा को वहां पर कोई परेशानी नहीं थी। उन्होंने कहा, लेकिन भाजपा ने किस वजह से हमारे विधायकों को अपनी पार्टी में शामिल कराया, यह सवाल खड़ा करने वाला है। 

जदयू प्रवक्ता ने कहा, दोस्ती में इस तरह की चीजें नहीं होती हैं। वो भी तब जब एनडीए के अंदर जदयू भाजपा का सबसे मजबूत और भरोसेमंद सहयोगी है। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को राष्ट्रीय पदाधिकारियों के साथ होने वाली बैठक में उठाया जाएगा। 

केसी त्यागी ने कहा, बैठक में नीतीश कुमार की इस मुद्दे पर राय जानी जाएगी, इसके बाद ही कोई ठोस कदम उठाया जाएगा, लेकिन यह पूरी तरह से स्पष्ट है कि भाजपा ने जदयू के विधायकों को तोड़कर दोस्ती का धर्म ठीक तरीके से नहीं निभाया है। उन्होंने कहा कि गठबंधन में इस तरह की चीजें नहीं होनी चाहिए।  

जदयू की टूट के बाद राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में मंथन
अरुणाचल प्रदेश में जदयू की टूट के बाद शनिवार को पटना में जदयू की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक शुरू हुई। राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में जदयू के 25 नेता शामिल हुए। बैठक में नीतीश ने कहा कि बिहार में किसानों के हित के लिए लगातार काम हो रहे हैं। इसके अलावा बैठक में हाल ही में संपन्न हुए बिहार विधानसभा चुनाव पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने बिहार में ग्रामीण विकास के क्षेत्र में चल रहे कार्यों की भी चर्चा की। यह भी कहा कि आने वाले समय में किस तरह से सरकार गांवों के विकास के लिए नई योजनाओं पर काम शुरू करेगी। हालांकि जदयू के प्रदेश अध्यक्ष वशिष्ठ नारायण सिंह ने अरुणाचल मामले पर बोलने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, पहले जानेंगे कि वहां की क्या परिस्थिति है, फिर कुछ बोलेंगे। इधर, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कहा कि अरुणाचल प्रदेश की बात अरुणाचल प्रदेश में कीजिए। बिहार में चारों पार्टियां बेहतर तरीके से सरकार चला रहे हैं, कोई मनभेद और मतभेद नहीं है, यहां सब कुछ ठीक है।

बिहार से भी साफ हो जाएगी जदयू: तेज प्रताप यादव

अरुणाचल प्रदेश में जदयू विधायकों के भाजपा में शामिल होने पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेज प्रताप यादव ने कहा है कि एक दिन ऐसेे ही जदयू बिहार से पूरी तरह साफ हो जाएगी। नालंदा में संवाददाताओं से बात करते हुए तेज प्रताप ने कहा, जेडीयू का सफाया शुरू हो चुका है और जल्द ही उनका बिहार से भी सफाया हो जाएगा। जदयू अब पूरी तरह टूट चुका है। नीतीश कुमार का यह फैसला बहुत गलत था, उन्होंने खुद पर वार किया है। 

वहीं, राजद के राज्यसभा सांसद मनोज झा ने भी इसे मुद्दे पर चुटकी लेते हुए कहा, पूर्वोत्तर राज्य से सिग्नल आ चुका है और यह जल्द ही बिहार में भी पहुंचने वाला है। यह अजीब है कि जदयू के सात में से छह विधायक भाजपा में शामिल हो गए। क्या उन्होंने नीतीश कुमार से निर्देश लिया? मैं नीतीश कुमार से पूछना चाहता हूं, क्या आप चाहते हैं कि आपकी पार्टी का भाजपा में विलय हो। 

उन्होंने कहा, बिहार विधानसभा चुनाव में सिर्फ 43 सीटें जीतने के बावजूद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री बने हैं। मैं कह रहा हूं कि अभी चार-पांच महीने इंतजार कीजिए और अभी संकेत अरुणाचल प्रदेश से आया है और यह जल्द ही बिहार पहुंच जाएगा।  

इन छह विधायकों ने बदला पाला

बता दें कि भाजपा ने अपने ही सहयोगी दल जदयू को बड़ा झटका दिया है। बिहार में नीतीश सरकार में शामिल भाजपा ने अरुणाचल प्रदेश में नीतीश की पार्टी जदयू के छह विधायकों को तोड़ लिया। बता दें कि राज्य में जदयू पार्टी के सात विधायक थे, जिनमें से छह भाजपा शामिल हो गए हैं। राज्य विधानसभा के अनुसार, पीपुल्स पार्टी ऑफ अरुणाचल (पीपीए) के लिकाबाली निर्वाचन क्षेत्र से विधायक करदो निग्योर भी भाजपा में शामिल हो गए हैं।  

रमगोंग विधानसभा क्षेत्र के तालीम तबोह, चायांग्ताजो के हेयेंग मंग्फी, ताली के जिकके ताको, कलाक्तंग के दोरजी वांग्दी खर्मा, बोमडिला के डोंगरू सियनग्जू और मारियांग-गेकु निर्वाचन क्षेत्र के कांगगोंग टाकू भाजपा में शामिल हो गए हैं। जदयू ने 26 नवंबर को सियनग्जू, खर्मा और टाकू को पार्टी विरोधी गतिविधियों के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उन्हें निलंबित कर दिया था।

जदयू के इन छह विधायकों ने इससे पहले पार्टी के वरिष्ठ सदस्यों को कथित तौर पर बिना बताए तालीम तबोह को विधायक दल का नया नेता चुन लिया था। पीपीए विधायक को भी क्षेत्रीय पार्टी ने इस महीने की शुरुआत में निलंबित कर दिया था। अरुणाचल प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीआर वाघे ने कहा कि हमने पार्टी में शामिल होने के उनके पत्रों को स्वीकार कर लिया है। 

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