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Bihar: जामिया मिल्लिया के प्रोफेसर डॉ. रकीब आलम ने पिता पर लगाए गंभीर आरोप, मां को न्याय दिलाने की लगाई गुहार
Sun, 13 Jul 2025 09:01 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Sun, 13 Jul 2025 09:01 PM IST
सार
जामिया मिल्लिया इस्लामिया के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रकीब आलम ने अपने पिता मो. आरिफ पर मां के साथ ट्रिपल तलाक, हलाला, शोषण और संपत्ति हड़पने का आरोप लगाया है। उन्होंने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और मानवाधिकार आयोग से न्याय की अपील की है।
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प्रोफेसर डॉ. रकीब आलम ने पिता पर लगाए गंभीर आरोप
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के सहायक प्रोफेसर डॉ. रकीब आलम ने अपने पिता मोहम्मद आरिफ के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अपनी मां रुकैया खातून के साथ ट्रिपल तलाक, हलाला, शारीरिक-मानसिक शोषण, संपत्ति हड़पने और जानलेवा हमलों जैसे मामलों को उजागर करते हुए राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग, विधि आयोग और महिला आयोग को पत्र भेजकर न्याय और सुरक्षा की मांग की है। इस मामले पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने संज्ञान लिया है और बिहार के डीजीपी से रिपोर्ट तलब की है।
रविवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. रकीब और उनकी मां रुकैया खातून ने पत्रकारों के सामने अपनी आपबीती साझा की। किशनगंज जिले के कोचाधामन की रहने वाली रुकैया खातून ने बताया कि वह पिछले 46 वर्षों से अत्याचार सहती आ रही हैं। शादी के एक साल के भीतर ही दहेज के लिए मारपीट और जलते पानी से हमला जैसे घटनाएं शुरू हो गई थीं।
हलाला जैसी प्रथा का भी शिकार
रुकैया खातून ने बताया कि उनके पति मो. आरिफ ने शादी के आठ साल बाद दूसरी शादी कर ली थी और करीब 31 साल पहले उन्हें ट्रिपल तलाक दे दिया। तलाक के बाद हलाला जैसी अमानवीय परंपरा के लिए उन्हें मजबूर किया गया, जो उनके लिए बेहद अपमानजनक और पीड़ादायक था।
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ये भी पढ़ें: पूर्णिया में रोंगटे खड़े कर देने वाली वारदात, पत्नी ने सोते पति का काटा गला, बेटे की चीख से खुला मामला
इलाज में बाधा और जबरन कैद का आरोप
2012 में रुकैया खातून दिल्ली अपने बेटे के पास रहने आईं, लेकिन मो. आरिफ ने उन्हें जबरन वापस बिहार बुलाकर अवैध रूप से कैद कर लिया और इलाज में बाधा पहुंचाई। इलाज न मिल पाने की वजह से रुकैया को डिप्रेशन, स्पाइनल समस्या और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ा। 2024 में एंजियोप्लास्टी के बाद से वह दिल्ली में चिकित्सा निगरानी में हैं।
संपत्ति बेचने के लिए बनाया दबाव
डॉ. रकीब ने बताया कि उनके पिता ने मां को मानसिक रूप से दबाव में रखकर जमीन बेचने पर मजबूर किया और उससे मिले पैसे को अपनी दूसरी पत्नी के बेटों आकिब राजा और नकीब के घर निर्माण में खर्च कर दिया। रुकैया खातून ने बताया कि जब भी उनका बेटा उन्हें दिल्ली ले जाने की कोशिश करता, मो. आरिफ उससे बदसलूकी करता और जान से मारने की धमकी देता। कई बार दोनों पर जानलेवा हमले भी किए गए हैं। डॉ. रकीब का आरोप है कि उनके पिता को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते पुलिस कार्रवाई से वे लगातार बचते आ रहे हैं।
न्याय और सुरक्षा की मांग
रुकैया खातून और उनके बेटे डॉ. रकीब आलम ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारियों से अपील की है कि उन्हें न्याय, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार प्रदान किया जाए। उनका कहना है कि अब तक की पुलिसिया कार्रवाई और सामाजिक काउंसलिंग निष्प्रभावी रही है और वे अब स्थायी सुरक्षा और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।
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रविवार को पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. रकीब और उनकी मां रुकैया खातून ने पत्रकारों के सामने अपनी आपबीती साझा की। किशनगंज जिले के कोचाधामन की रहने वाली रुकैया खातून ने बताया कि वह पिछले 46 वर्षों से अत्याचार सहती आ रही हैं। शादी के एक साल के भीतर ही दहेज के लिए मारपीट और जलते पानी से हमला जैसे घटनाएं शुरू हो गई थीं।
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हलाला जैसी प्रथा का भी शिकार
रुकैया खातून ने बताया कि उनके पति मो. आरिफ ने शादी के आठ साल बाद दूसरी शादी कर ली थी और करीब 31 साल पहले उन्हें ट्रिपल तलाक दे दिया। तलाक के बाद हलाला जैसी अमानवीय परंपरा के लिए उन्हें मजबूर किया गया, जो उनके लिए बेहद अपमानजनक और पीड़ादायक था।
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इलाज में बाधा और जबरन कैद का आरोप
2012 में रुकैया खातून दिल्ली अपने बेटे के पास रहने आईं, लेकिन मो. आरिफ ने उन्हें जबरन वापस बिहार बुलाकर अवैध रूप से कैद कर लिया और इलाज में बाधा पहुंचाई। इलाज न मिल पाने की वजह से रुकैया को डिप्रेशन, स्पाइनल समस्या और हार्ट अटैक जैसी गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ा। 2024 में एंजियोप्लास्टी के बाद से वह दिल्ली में चिकित्सा निगरानी में हैं।
संपत्ति बेचने के लिए बनाया दबाव
डॉ. रकीब ने बताया कि उनके पिता ने मां को मानसिक रूप से दबाव में रखकर जमीन बेचने पर मजबूर किया और उससे मिले पैसे को अपनी दूसरी पत्नी के बेटों आकिब राजा और नकीब के घर निर्माण में खर्च कर दिया। रुकैया खातून ने बताया कि जब भी उनका बेटा उन्हें दिल्ली ले जाने की कोशिश करता, मो. आरिफ उससे बदसलूकी करता और जान से मारने की धमकी देता। कई बार दोनों पर जानलेवा हमले भी किए गए हैं। डॉ. रकीब का आरोप है कि उनके पिता को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके चलते पुलिस कार्रवाई से वे लगातार बचते आ रहे हैं।
न्याय और सुरक्षा की मांग
रुकैया खातून और उनके बेटे डॉ. रकीब आलम ने देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदाधिकारियों से अपील की है कि उन्हें न्याय, सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार प्रदान किया जाए। उनका कहना है कि अब तक की पुलिसिया कार्रवाई और सामाजिक काउंसलिंग निष्प्रभावी रही है और वे अब स्थायी सुरक्षा और न्यायिक हस्तक्षेप की मांग कर रहे हैं।