Bihar News: भारत-नेपाल सीमा पर हाई अलर्ट, मुख्यमंत्री ने दिए 15 किमी तक कड़ी निगरानी के निर्देश
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, प्रशासनिक और विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सीमा पर गैरकानूनी गतिविधियों, आर्थिक अपराध और तस्करी पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए।
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भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा, प्रशासनिक व्यवस्था और विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सीमा क्षेत्र में किसी भी तरह की गैरकानूनी, अनैतिक या आर्थिक अपराध से जुड़ी गतिविधियों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी एजेंसियां आपसी समन्वय और प्रतिबद्धता के साथ काम करें तथा सीमा क्षेत्र में लंबित कार्यों को तय समय में पूरा करें। उन्होंने सीमा पर निगरानी बढ़ाने, तस्करी रोकने और संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए।
उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में हुई सीमा सुरक्षा और विकास कार्यों की समीक्षा
मुख्यमंत्री सचिवालय स्थित 'संवाद' में शुक्रवार को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सुरक्षा, प्रशासनिक और विकासात्मक विषयों पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारत-नेपाल सीमा से जुड़े सात जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए। मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से भारत-नेपाल सीमा प्रबंधन और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत जानकारी दी।
सीमावर्ती जिलों ने साझा की कार्रवाई और सुझाव
बैठक के दौरान किशनगंज, मधुबनी और पश्चिम चंपारण के जिलाधिकारियों एवं पुलिस अधीक्षकों ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में की गई कार्रवाई की जानकारी दी। साथ ही उन्होंने अपने-अपने सुझाव भी साझा किए। बैठक में एसएसबी, आईबी, ईडी, एनसीबी, कस्टम्स और आयकर विभाग के अधिकारियों ने भी सीमा क्षेत्र में की गई कार्रवाई और अपने सुझाव प्रस्तुत किए। इस दौरान भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा व्यवस्था, सीमा प्रबंधन, अतिक्रमण, साइबर अपराध, नागरिकता संबंधी मामलों, लंबित परियोजनाओं और आधारभूत संरचना विकास पर विस्तार से चर्चा हुई।
सीमा पर गैरकानूनी गतिविधियों पर रखें कड़ी नजर
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में सुरक्षा, प्रशासनिक और विकासात्मक कार्यों को लेकर सभी एजेंसियां बेहतर तरीके से कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक स्तर पर इस संबंध में लगातार बैठकें होती रही हैं और कई महत्वपूर्ण कार्य पूरे किए जा चुके हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी लोग समन्वय के साथ शेष कार्यों को भी तेजी से पूरा करें। मुख्यमंत्री ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा की कुल लंबाई 735 किलोमीटर है, जहां बिहार के सात जिले, 70 पुलिस थाने और एसएसबी की 194 बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपी) स्थित हैं। उन्होंने कहा कि सीमा पर किसी भी प्रकार की गैरकानूनी या अनैतिक गतिविधि नहीं होनी चाहिए। सभी थाना प्रभारी पूरी सतर्कता से काम करें और किसी भी तरह की गड़बड़ी नहीं होने दें।
15 किलोमीटर तक निगरानी बढ़ाने के निर्देश
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी चेकपोस्टों से 15 किलोमीटर की परिधि तक प्रभावी निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आर्थिक अपराधों, संदिग्ध गतिविधियों और सीमा क्षेत्र में होने वाली अवैध गतिविधियों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
उर्वरक और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि उर्वरक और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और सीमा सुरक्षा बल के बीच नियमित समन्वय बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती जिलों में थाना स्तर पर विशेष टीम गठित कर ऐसे लोगों की पहचान और सत्यापन किया जाए, जिनकी आय में ज्ञात स्रोतों की तुलना में अचानक असामान्य वृद्धि हुई हो। ऐसे मामलों की पूरी जानकारी एकत्र कर कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
किशनगंज में 100 उर्दू विद्यालयों के लिए स्थल चिन्हित करने का निर्देश
मुख्यमंत्री ने बैठक में किशनगंज जिले में 100 उपयुक्त स्थलों की पहचान करने का निर्देश दिया, जहां उर्दू विद्यालय स्थापित किए जा सकें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से इस दिशा में जल्द कार्रवाई कर प्रस्ताव तैयार करने को कहा।
बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत, पुलिस महानिदेशक विनय कुमार, योजना एवं विकास विभाग की अपर मुख्य सचिव एन. विजयलक्ष्मी, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, गृह विभाग के सचिव कुंदन कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव संजय कुमार सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव जय सिंह, पुलिस महानिदेशक (अभियान) कुंदन कृष्णन, गृह विभाग के विशेष सचिव क्षत्रनील सिंह, अन्य वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और संबंधित एजेंसियों के अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल के साथ सीमा से जुड़े सभी जिलों के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी बैठक में शामिल हुए।