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Bihar: मखाना बोर्ड से लेकर IISER तक नीति आयोग में बिहार का दमदार प्रेजेंटेशन, केंद्र से मांगे 18 हजार करोड़
Thu, 11 Jun 2026 07:50 PM IST
प्रशांत तिवारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: प्रशांत तिवारी
Updated Thu, 11 Jun 2026 07:50 PM IST
सार
Bihar: नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में बिहार की ओर से शिक्षा, कौशल विकास, खेल, कृषि, पर्यटन, ऊर्जा, उद्योग और निवेश के क्षेत्रों में राज्य की उपलब्धियों को प्रस्तुत किया गया। साथ ही केंद्र सरकार से IISER, NSTI, मखाना बोर्ड, औद्योगिक पार्क, अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी और जल जीवन मिशन के लिए 18 हजार करोड़ रुपये की सहायता सहित कई महत्वपूर्ण मांगें रखी गईं।
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सीएम सम्राट चौधरी
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद् की बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास, शिक्षा, कौशल, कृषि, उद्योग, पर्यटन और आधारभूत संरचना से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार से विशेष सहयोग की मांग की। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में एक सक्रिय भागीदार के रूप में उभर रहा है और समावेशी मानव विकास के लिए राज्य सरकार लगातार कार्य कर रही है।
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आंगनवाड़ी और शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की 11,529 स्वीकृत सक्षम आंगनवाड़ियों में से 10,579 केंद्रों पर पोषण वाटिकाएं स्थापित की जा चुकी हैं। 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के 40.28 लाख बच्चों में से करीब 70 प्रतिशत को APAAR आईडी जारी की गई है। वहीं, 76,202 सरकारी विद्यालयों में से 91 प्रतिशत में इंटरनेट सुविधा उपलब्ध है और 9,000 से अधिक स्मार्ट क्लास संचालित हो रही हैं।
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कौशल विकास और रोजगार पर जोर
पीएम-विश्वकर्मा योजना के तहत 1.18 लाख कारीगरों को प्रशिक्षण दिया गया है। पटना में 640 करोड़ रुपये की लागत से आर्यभट्ट अंतरराष्ट्रीय कौशल हब स्थापित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने ISSA पायलट परियोजना के लिए 750 करोड़ रुपये, जननायक कर्पूरी ठाकुर कौशल विश्वविद्यालय के लिए 1,500 करोड़ रुपये तथा NSTI भागलपुर की स्थापना के लिए केंद्र से सहयोग मांगा।
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उच्च शिक्षा और खेल विकास की मांग
राज्य में 211 प्रखंडों में डिग्री कॉलेज स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बिहार में IISER और स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर की क्षेत्रीय शाखा स्थापित करने का अनुरोध किया। खेल क्षेत्र में बिहार द्वारा एशियन हॉकी चैंपियनशिप, एशियन रग्बी चैंपियनशिप और खेलो इंडिया यूथ गेम्स-2025 के सफल आयोजन का उल्लेख करते हुए 2028 नेशनल यूथ गेम्स, 2030 हॉकी विश्व कप और 2031 राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के लिए केंद्र से सहयोग की मांग की।
कृषि और मखाना बोर्ड की मांग
मुख्यमंत्री ने कहा कि एग्री स्टैक के तहत किसानों को यूनिक आईडी उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने राज्य में Central Institute for Subtropical Horticulture की स्थापना, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड कार्यालय की स्वीकृति तथा NIFTEM की शीघ्र स्थापना के लिए सहयोग मांगा।
बोधगया को वैश्विक पर्यटन केंद्र बनाने की योजना
मुख्यमंत्री ने कहा, 'वन स्टेट : वन ग्लोबल डेस्टिनेशन' योजना के तहत गयाजी और बोधगया को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। विष्णुपद कॉरिडोर, महाबोधि कॉरिडोर और राजगीर-नालंदा-बोधगया के एकीकृत विकास पर कार्य चल रहा है। इसके लिए अंतरराष्ट्रीय हवाई संपर्क बढ़ाने की मांग भी की गई।
लखपति दीदी योजना में बिहार प्रथम
मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार की लखपति दीदी योजना के तहत 48.30 लाख लखपति दीदियों के साथ बिहार देश में पहले स्थान पर है। साथ ही राज्य में राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान का क्षेत्रीय केंद्र और BHAVYA योजना के तहत 10 प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक पार्क आवंटित करने की मांग की गई।
ऊर्जा और उद्योग क्षेत्र में बड़े निवेश
पीरपैंती में 2,400 मेगावाट ताप विद्युत परियोजना का निर्माण जारी है, जबकि लखीसराय के कजरा में देश का सबसे बड़ा बैटरी आधारित सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगभग 10 लाख रूफटॉप सोलर संयंत्र लगाने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उद्योग क्षेत्र में 14,037 एकड़ नई औद्योगिक भूमि की स्वीकृति दी गई है। बिहार औद्योगिक निवेश एवं प्रोत्साहन पैकेज-2025, सेमीकंडक्टर नीति-2026, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर नीति-2026 और बिहार एआई मिशन के माध्यम से नई अर्थव्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। पिछले दो वर्षों में राज्य ने 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निजी निवेश आकर्षित किया है।
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केंद्र से 18 हजार करोड़ रुपये की विशेष सहायता का आग्रह
मुख्यमंत्री ने कहा कि हर घर नल का जल कार्यक्रम के तहत राज्य ने जल जीवन मिशन के राष्ट्रीय लक्ष्य को प्राप्त कर लिया है, लेकिन केंद्रांश की राशि प्राप्त नहीं हो सकी। उन्होंने इस मद में खर्च की गई राशि के लिए 13 हजार करोड़ रुपये तथा वर्तमान योजनाओं के लिए 5 हजार करोड़ रुपये, कुल 18 हजार करोड़ रुपये की विशेष सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया। बैठक के अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को साकार करने में पूरी प्रतिबद्धता के साथ योगदान देगा और राज्य सरकार समृद्ध बिहार के निर्माण के लिए निरंतर कार्य करती रहेगी।