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Bihar Politics : एनडीए सरकार में पहली बार भाजपा विधायक की सदस्यता खत्म, जाने किस आधार पर लिया गया यह फैसला
Fri, 20 Jun 2025 06:06 PM IST
आशुतोष प्रताप सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: आशुतोष प्रताप सिंह
Updated Fri, 20 Jun 2025 06:06 PM IST
सार
Bihar News : वामपंथी और राजद के विधायकों की सदस्यता रद्द होने पर विपक्षी दलों ने बिहार में खूब हंगामा किया था। अबकी बार एनडीए सरकार के एक बीजेपी विधायक की सदस्यता रद्द करने का आदेश जारी कर दिया गया है।
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बीजेपी विधायक मिश्रीलाल यादव
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अलीनगर से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक मिश्रीलाल यादव की विधानसभा सदस्यता रद्द कर दी गई है। यह फैसला विधायक को आपराधिक मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद लिया गया है। वर्तमान में विधायक दरभंगा मंडल कारा में न्यायिक सजा भुगत रहे हैं।
दरअसल, 27 मई 2025 को दरभंगा व्यवहार न्यायालय के एमपी/एमएलए कोर्ट में एडीजे-3 सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने विधायक को धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दो साल की सजा और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। यह मामला उमेश मिश्र द्वारा दायर एक पुराने मारपीट मामले से जुड़ा है।
यह मामला रैयाम थाना कांड संख्या 04/19 से संबंधित है। शिकायतकर्ता उमेश मिश्र ने 30 जनवरी 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि वह 29 जनवरी को सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान गोसाईं टोल के पास पहुंचा, तभी पूर्व दिशा से आए मिश्रीलाल यादव, सुरेश यादव और अन्य 20-25 लोग हथियारों से लैस होकर उसे घेर लिए।
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शिकायत में कहा गया कि मिश्रीलाल यादव ने फरसे से सिर पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा। सुरेश यादव ने रॉड और लाठी से मारपीट की और पॉकेट से ₹2300 भी निकाल लिए। इलाज पहले केवटी पीएचसी और बाद में डीएमसीएच में हुआ। अनुसंधान के बाद 12 अक्टूबर 2019 को चार्जशीट दाखिल की गई और 17 अप्रैल 2020 को कोर्ट ने संज्ञान लिया। पूरे ट्रायल के बाद कोर्ट ने मिश्रीलाल यादव को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
सजा के बाद रद्द हुई सदस्यता
सजा के बाद बिहार विधानसभा के अध्यक्ष ने मिश्रीलाल यादव की विधानसभा सदस्यता रद्द करने का आदेश जारी किया, जिसकी अधिसूचना प्रभारी सचिव ख्याति सिंह के हस्ताक्षर से जारी की गई। इससे पहले भी इस मामले में विधायक को तीन महीने की सजा और ₹500 जुर्माना दिया गया था।
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दरअसल, 27 मई 2025 को दरभंगा व्यवहार न्यायालय के एमपी/एमएलए कोर्ट में एडीजे-3 सुमन कुमार दिवाकर की अदालत ने विधायक को धारा 506 (आपराधिक धमकी) के तहत दो साल की सजा और 1 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। यह मामला उमेश मिश्र द्वारा दायर एक पुराने मारपीट मामले से जुड़ा है।
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यह मामला रैयाम थाना कांड संख्या 04/19 से संबंधित है। शिकायतकर्ता उमेश मिश्र ने 30 जनवरी 2019 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि वह 29 जनवरी को सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान गोसाईं टोल के पास पहुंचा, तभी पूर्व दिशा से आए मिश्रीलाल यादव, सुरेश यादव और अन्य 20-25 लोग हथियारों से लैस होकर उसे घेर लिए।
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शिकायत में कहा गया कि मिश्रीलाल यादव ने फरसे से सिर पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया और उसके सिर से खून बहने लगा। सुरेश यादव ने रॉड और लाठी से मारपीट की और पॉकेट से ₹2300 भी निकाल लिए। इलाज पहले केवटी पीएचसी और बाद में डीएमसीएच में हुआ। अनुसंधान के बाद 12 अक्टूबर 2019 को चार्जशीट दाखिल की गई और 17 अप्रैल 2020 को कोर्ट ने संज्ञान लिया। पूरे ट्रायल के बाद कोर्ट ने मिश्रीलाल यादव को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
सजा के बाद रद्द हुई सदस्यता
सजा के बाद बिहार विधानसभा के अध्यक्ष ने मिश्रीलाल यादव की विधानसभा सदस्यता रद्द करने का आदेश जारी किया, जिसकी अधिसूचना प्रभारी सचिव ख्याति सिंह के हस्ताक्षर से जारी की गई। इससे पहले भी इस मामले में विधायक को तीन महीने की सजा और ₹500 जुर्माना दिया गया था।