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डेल्टा प्लस वायरस: क्या बिहार में भी मंडरा रहा खतरा, पटना एम्स के डायरेक्टर ने दिया यह जवाब

Fri, 25 Jun 2021 05:12 PM IST
कुमार संभव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, पटना Published by: कुमार संभव Updated Fri, 25 Jun 2021 05:12 PM IST
सार

पटना एम्स के डायरेक्टर डॉ. पीके सिंह ने कोरोना के डेल्टा प्लस वैरिएंट से सतर्क रहने के लिए कहा है। उनका मानना है कि राज्य में बच्चों समेत बड़ी आबादी को वैक्सीन नहीं लगी। ऐसे में कोरोना के नए वैरिएंट का संक्रमण काफी तेजी से फैल सकता है। 

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डेल्टा प्लस - फोटो : pixabay

विस्तार

देश में कोरोना की दूसरी लहर काफी हद तक थम चुकी है, लेकिन अब महामारी के डेल्टा प्लस वैरिएंट के मामले सामने आने लगे हैं। उधर, बिहार में भी कोरोना संक्रमण की रफ्तार पहले से कम हो चुकी है, लेकिन संक्रमण के नए केस लगातार मिल आ रहे हैं। 24 जून को राज्य में 212 नए पॉजिटिव मामले मिले। इसके अलावा महामारी के नए वैरिएंट डेल्टा प्लस का खतरा बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे में पटना एम्स के डायरेक्टर डॉ. पीके सिंह ने सतर्क रहने के लिए कहा है। उनका मानना है कि राज्य में बच्चों समेत बड़ी आबादी को वैक्सीन नहीं लगी। ऐसे में कोरोना के नए वैरिएंट का संक्रमण काफी तेजी से फैल सकता है। 

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इतना खतरनाक है डेल्टा प्लस वैरिएंट

पटना एम्स के डायरेक्टर डॉ. पीके सिंह के मुताबिक, कोरोना के नए वैरिएंट को B.1.617.2.1 या AY.1 यानी डेल्टा प्लस कहा जा रहा है। इसका प्रभाव महाराष्ट्र और कुछ अन्य राज्यों दिखने लगा है। ऐसे में इनकार नहीं किया जा सकता कि इसका संक्रमण बिहार में नहीं होगा। दरअसल, डेल्टा प्लस वैरिएंट की संक्रमण दर दूसरी लहर की तुलना में काफी ज्यादा है, जो घातक साबित हो सकती है।

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डेल्टा प्लस वैरिएंट पर वैक्सीन कितनी असरदार?

उन्होंने बताया कि डेल्टा प्लस वैरिएंट से बचने का सबसे आसान तरीका है कि लोग कोरोना गाइडलाइंस का पालन करें। मास्क और सामाजिक दूरी का ध्यान रखें। साथ ही, जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। डेल्टा प्लस वैरिएंट में कोवाक्सिन और कोविशील्ड की वैक्सीन कुछ प्रभावी है, लेकिन अभी इस पर कोई वैज्ञानिक अध्ययन सामने नहीं आया। डॉ. सिंह ने अनुमान जताया कि टीकाकरण के बाद विकसित एंटीबॉडी काफी हद तक सुरक्षा देगी। 

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बिहार में तेज है टीकाकरण की रफ्तार

गौरतलब है कि देश के बाकी राज्यों की तरह बिहार में भी टीकाकरण अभियान काफी तेजी से चलाया जा रहा है। टीकाकरण के मामले में इस वक्त बिहार देश के टॉप-10 राज्यों में शामिल है। प्रदेश में अब तक 45.96 लाख 18+ लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी जा चुकी है। 

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