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Bihar: जमीन के उलझे विवादों पर सरकार का मास्टरस्ट्रोक, अब कैथी लिपि नहीं बनेगी बाधा; विशेषज्ञों का बनेगा पैनल
Tue, 20 Jan 2026 08:03 PM IST
कृष्ण बल्लभ नारायण
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, पटना
Published by: कृष्ण बल्लभ नारायण
Updated Tue, 20 Jan 2026 08:03 PM IST
सार
Bihar : बिहार में जमीन-जायदाद से जुड़े पुराने दस्तावेजों को समझने और उनके अनुवाद में आने वाली दिक्कतों को दूर करने के लिए सरकार ने एक बड़ी पहल की है। उपमुख्यमंत्री ने घोषणा की है कि विभाग जल्द ही कैथी लिपि विशेषज्ञों का एक पैनल तैयार करेगा।
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डिप्टी सीएम विजय सिन्हा।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बिहार में जमीन के पुराने दस्तावेजों को पढ़ने और समझने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। अब कैथी लिपि में लिखे खतियान और पुराने कागजातों को डिकोड करने के लिए विशेषज्ञों की भर्ती की जाएगी। उपमुख्यमंत्री सह राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की है कि विभाग जल्द ही कैथी लिपि विशेषज्ञों का एक पैनल तैयार करेगा, जिससे आम जनता को दाखिल-खारिज और भूमि सर्वेक्षण जैसे कार्यों में भटकना नहीं पड़ेगा।
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क्यों पड़ी विशेषज्ञों की जरूरत?
बिहार के राजस्व अभिलेखागारों में सुरक्षित अधिकांश पुराने दस्तावेज, जैसे खतियान, लगान रसीद और बंदोबस्ती के कागजात कैथी लिपि में लिखे गए हैं। आज के दौर में इस लिपि के जानकारों की भारी कमी है। इसके चलते दाखिल-खारिज के लिए पुराने दस्तावेजों का मिलान न होने से फाइलें महीनों लटकी रहती हैं। वर्तमान में चल रहे सर्वे कार्य में रैयतों को अपने ही पुरखों की जमीन साबित करने में पसीने छूट रहे हैं। लोगों में इस बात की शिकायत है कि लिपि न समझ पाने का फायदा उठाकर बिचौलिए और कुछ भ्रष्ट कर्मी लोगों को गुमराह करते हैं।
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मिलेगी ट्रेनिंग, कम होगी फीस
उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा ने स्पष्ट किया कि विशेषज्ञों के पैनल को विभाग की ओर से विधिवत प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि आम रैयतों को इन विशेषज्ञों की सेवाएं बहुत ही कम और किफायती दरों पर उपलब्ध कराई जाएं। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ भी नहीं पड़ेगा और उन्हें अपने दस्तावेजों का सटीक व प्रमाणिक अनुवाद मिल सकेगा।
विवादों पर लगेगा लगाम, कार्यों में आएगी पारदर्शिता
उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि कैथी लिपि के विशेषज्ञों की कमी के कारण अक्सर विवाद और देरी की शिकायतें मिलती थीं। इस पहल से न केवल भूमि सर्वेक्षण का काम समय पर पूरा होगा, बल्कि राजस्व कार्यों में पारदर्शिता भी आएगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भू-माफियाओं और विभागीय शिथिलता के खिलाफ सख्त है और यह कदम रैयतों के अधिकारों की रक्षा के लिए उठाया गया है। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि हम जमीन से जुड़े विवादों को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। कैथी लिपि विशेषज्ञों के आने से आम आदमी को अपने हक की जमीन के लिए दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे।